thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

कोटा: पिता की आत्मा लेने पहुंचा बेटा: कोटा के अस्पताल में युवक ने किया हवन, पिता की आत्मा ले जाने का दावा

desk

कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज में अंधविश्वास का अनोखा मामला, युवक ने किया तांत्रिक अनुष्ठान।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में युवक ने तांत्रिक क्रियाएं और हवन किया।
  • भीलवाड़ा निवासी दिनेश प्रजापति अपने मृतक पिता की आत्मा लेने अस्पताल पहुंचा था।
  • तांत्रिकों की सलाह पर युवक ने ऑक्सीजन प्लांट के पास विशेष अनुष्ठान संपन्न किया।
  • अस्पताल प्रशासन ने आईसीयू वार्ड के भीतर पूजा करने की अनुमति देने से इनकार किया।
kota hospital superstition son rituals father soul

कोटा | राजस्थान के शिक्षा नगरी कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गुरुवार को एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया। भीलवाड़ा के एक युवक ने अपने मृतक पिता की आत्मा को घर ले जाने के लिए अस्पताल परिसर में ही तंत्र-मंत्र और हवन शुरू कर दिया।

इस अजीबोगरीब घटना को देखकर वहां मौजूद मरीज, उनके परिजन और अस्पताल कर्मी पूरी तरह स्तब्ध रह गए। भीलवाड़ा जिले के छोटी बिजौलिया का रहने वाला दिनेश प्रजापति अपने परिवार के साथ यहां पहुंचा था।

तांत्रिकों की सलाह पर किया अनुष्ठान

दिनेश के पिता की कुछ समय पहले इसी अस्पताल के आईसीयू (ICU) वार्ड में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। युवक का मानना था कि उसके पिता की आत्मा अब भी अस्पताल परिसर में ही भटक रही है।

कथित तौर पर कुछ तांत्रिकों ने उसे सलाह दी थी कि उसके पिता की आत्मा को विशेष पूजा-पाठ और तांत्रिक क्रियाओं के जरिए ही वापस ले जाना होगा। इसी अंधविश्वास के कारण परिवार अस्पताल पहुंचा।

ऑक्सीजन प्लांट के पास जमा हुई भारी भीड़

दिनेश ने पहले आईसीयू वार्ड के अंदर पूजा करने की इच्छा जताई थी, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने सुरक्षा और नियमों का हवाला देते हुए उन्हें अंदर जाने से साफ मना कर दिया।

इसके बाद युवक अस्पताल के गेट नंबर चार के पास स्थित ऑक्सीजन प्लांट क्षेत्र में पहुंच गया। वहां उसने जमीन पर पूजा सामग्री रखी और मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान शुरू कर दिया।

"हम अपने पिता की आत्मा को पुष्प आमंत्रण के साथ ससम्मान घर ले जाने के लिए आए हैं, ताकि परिवार की परेशानियां दूर हो सकें।"

अस्पताल में पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं

अस्पताल के कर्मचारियों के अनुसार, यह पहली बार नहीं है जब यहां अंधविश्वास का ऐसा खेल देखा गया हो। इससे पहले भी कई बार लोग अपनों की मौत के बाद इस तरह की जिद करते दिखे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि युवक काफी देर तक वहां तांत्रिक क्रियाएं करता रहा। अस्पताल प्रशासन ने मरीजों की सुरक्षा को देखते हुए स्थिति को नियंत्रित किया और परिजनों को शांत करवाया।

यह घटना आधुनिक चिकित्सा के इस दौर में भी समाज में फैली गहरी रूढ़िवादिता और अंधविश्वास की ओर इशारा करती है। अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थानों पर ऐसी गतिविधियां अन्य मरीजों के लिए परेशानी का सबब बनती हैं।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: