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राजस्थान

मदन राठौड़ का कांग्रेस पर बड़ा हमला: मदन राठौड़ बोले- महिला विरोधी है कांग्रेस, शाहबानो केस का दिया हवाला; कहा- अब साइलेंट वोटर नहीं रही नारी शक्ति, इतिहास है गवाह

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भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए उसे महिला विरोधी करार दिया है। उन्होंने शाहबानो प्रकरण का जिक्र करते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा महिलाओं को सिर्फ वोट बैंक समझा है।

HIGHLIGHTS

  • मदन राठौड़ ने कांग्रेस को स्पष्ट रूप से महिला विरोधी मानसिकता वाली पार्टी करार दिया है।
  • शाहबानो प्रकरण का उदाहरण देते हुए उन्होंने कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया।
  • राठौड़ ने कहा कि महिलाएं अब 'साइलेंट वोटर' नहीं, बल्कि देश के भविष्य की निर्णायक शक्ति हैं।
  • भैंरो सिंह शेखावत और अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयासों को महिला सशक्तिकरण का आधार बताया।
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जयपुर | राजस्थान भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ ने कांग्रेस पार्टी पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला है। लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर चल रही सियासी खींचतान के बीच राठौड़ ने कांग्रेस की नीतियों को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का इतिहास इस बात का गवाह है कि उसने हमेशा महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की है।

कांग्रेस का महिला विरोधी चेहरा

मदन राठौड़ ने जयपुर में मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी बुनियादी तौर पर महिला विरोधी है। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी अब कांग्रेस के असली चेहरे को पहचान चुकी है और वह उसे माफ नहीं करेगी। राठौड़ के अनुसार, कांग्रेस ने दशकों तक महिलाओं को केवल एक 'साइलेंट वोटर' के रूप में इस्तेमाल किया है।

शाहबानो प्रकरण और न्याय की अनदेखी

अपने संबोधन में राठौड़ ने 1980 के दशक के चर्चित शाहबानो प्रकरण का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब सुप्रीम कोर्ट ने एक बेसहारा महिला के पक्ष में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था, तब कांग्रेस ने क्या किया? तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने संविधान में संशोधन कर अदालत के उस फैसले को ही पलट दिया था।

तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप

राठौड़ ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने वोट बैंक और तुष्टीकरण के लिए एक महिला के कानूनी अधिकारों का गला घोंट दिया। यह कदम न केवल शाहबानो के खिलाफ था, बल्कि देश की करोड़ों मुस्लिम महिलाओं के आत्मसम्मान पर चोट थी। उन्होंने सवाल किया कि जो पार्टी एक महिला को न्याय नहीं दे सकी, वह महिला सशक्तिकरण की बात कैसे कर सकती है?

बदलती नारी और नई पहचान

भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि आज की भारतीय महिला कल की तुलना में कहीं अधिक जागरूक और सशक्त है। आज महिलाएं केवल घर की चारदीवारी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे बड़े-बड़े उद्योग और संस्थान चला रही हैं। विज्ञान, तकनीक और अंतरिक्ष जैसे जटिल क्षेत्रों में भी भारतीय महिलाओं ने अपनी सफलता का परचम लहराया है।

साइलेंट वोटर से निर्णायक शक्ति तक

राठौड़ ने जोर देकर कहा कि अब महिलाएं 'साइलेंट वोटर' की श्रेणी से बाहर निकल चुकी हैं। वे अब देश के भविष्य को दिशा देने वाली एक सक्रिय और निर्णायक राजनीतिक शक्ति के रूप में उभरी हैं। विधानसभा और लोकसभा में उन्हें पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिलना उनका संवैधानिक और नैतिक अधिकार है।

भाजपा का संकल्प और ठोस कदम

मदन राठौड़ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भाजपा ने मुस्लिम महिलाओं के सम्मान की रक्षा के लिए 'तीन तलाक' जैसी कुप्रथा को खत्म किया। इन कदमों से महिलाओं के भीतर एक नया आत्मविश्वास और स्वाभिमान पैदा हुआ है, जो पहले कभी नहीं था।

भैंरो सिंह शेखावत का ऐतिहासिक योगदान

राजस्थान के संदर्भ में बात करते हुए राठौड़ ने पूर्व मुख्यमंत्री भैंरो सिंह शेखावत को याद किया। उन्होंने कहा कि शेखावत जी ने ही सबसे पहले पंचायतों और निकायों में महिलाओं को आरक्षण देने की पहल की थी। यह राजस्थान में महिलाओं के राजनीतिक सशक्तिकरण की दिशा में एक क्रांतिकारी और ऐतिहासिक कदम था।

अटल बिहारी वाजपेयी के प्रयास

राठौड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को उचित हक दिलाने के लिए बार-बार प्रयास किए। लेकिन उस समय भी विरोधी दलों के असहयोग के कारण महिलाओं को उनका हक मिलने में देरी हुई।

संसद में दो-तिहाई बहुमत की आवश्यकता

महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विधेयकों के पारित होने के लिए संसद में दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। राठौड़ ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय महत्व के विषयों पर सभी दलों को राजनीति से ऊपर उठकर सोचना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस से अपील की कि वह इस दिशा में सकारात्मक और रचनात्मक सहयोग प्रदान करे।

कांग्रेस को राजनीतिक आधार खोने का डर

राठौड़ ने दावा किया कि कांग्रेस जानबूझकर महिला आरक्षण बिल के मार्ग में रोड़े अटका रही है। उन्हें डर है कि अगर महिलाओं को अधिक राजनीतिक अधिकार मिले, तो उनका पुराना राजनीतिक ढांचा ढह जाएगा। कांग्रेस को अपना जनाधार खिसकने का डर सता रहा है, इसलिए वह महिला शक्ति को आगे नहीं आने देना चाहती।

लोकतांत्रिक विकास में बाधक सोच

भाजपा नेता ने कहा कि कांग्रेस की यह संकुचित सोच देश के लोकतांत्रिक विकास के लिए बहुत बड़ी बाधा है। जब तक आधी आबादी को नीति निर्धारण में पूरी भागीदारी नहीं मिलेगी, तब तक लोकतंत्र पूर्ण नहीं होगा। आज समय की मांग है कि महिलाओं के अधिकारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए और सभी दल एकजुट हों।

जाग चुकी है देश की नारी शक्ति

मदन राठौड़ ने कांग्रेस को चेतावनी देते हुए कहा कि अब देश की महिलाएं पूरी तरह से जाग चुकी हैं। वे किसी भी प्रकार के राजनीतिक छल-कपट या झूठे वादों के झांसे में आने वाली नहीं हैं। महिलाएं अब अपने प्रतिनिधित्व और सम्मान के लिए सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष करना जानती हैं।

जनता देगी करारा जवाब

राठौड़ ने अंत में कहा कि जो भी दल महिलाओं के उत्थान में बाधा बनेगा, उसे जनता चुनाव में जवाब देगी। आने वाले समय में कांग्रेस को अपनी महिला विरोधी नीतियों की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। भाजपा महिलाओं को उनका उचित अधिकार दिलाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पीछे नहीं हटेगी।

महिला आरक्षण और भविष्य की राजनीति

महिला आरक्षण बिल केवल एक कानून नहीं, बल्कि करोड़ों महिलाओं के सपनों को पंख देने वाला दस्तावेज है। मदन राठौड़ का यह बयान राजस्थान की राजनीति में महिलाओं के बढ़ते प्रभाव को भी रेखांकित करता है। आगामी चुनावों में महिला सुरक्षा और प्रतिनिधित्व एक बहुत बड़ा चुनावी मुद्दा बनने जा रहा है।

भाजपा की रणनीति और महिला विंग

भाजपा अब बूथ स्तर पर महिलाओं को संगठित करने और उन्हें पार्टी की नीतियों से जोड़ने का अभियान चलाएगी। राठौड़ ने पार्टी कार्यकर्ताओं से आह्वान किया कि वे केंद्र सरकार की महिला कल्याण योजनाओं को घर-घर पहुंचाएं। उज्ज्वला योजना से लेकर मुद्रा लोन तक, भाजपा ने महिलाओं को आर्थिक रूप से भी आत्मनिर्भर बनाया है।

निष्कर्ष: संघर्ष की नई राह

मदन राठौड़ के इस प्रहार ने कांग्रेस को रक्षात्मक मुद्रा में ला दिया है। शाहबानो केस से लेकर वर्तमान बिल तक, भाजपा ने कांग्रेस के इतिहास को जनता के सामने रखा है। अब देखना यह होगा कि कांग्रेस इन आरोपों का जवाब किस तरह से देती है।

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