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राजस्थान में कृषि क्रांति: मदन राठौड़ का बड़ा बयान: कृषि अवसंरचना निधि से राजस्थान के किसानों की आय में हुई भारी वृद्धि, 1806 प्रोजेक्ट्स तैयार

प्रदीप बीदावत प्रदीप बीदावत

राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में 1806 कृषि परियोजनाओं से किसानों को सशक्त आधार मिला है। वेयरहाउस और प्रोसेसिंग केंद्रों के माध्यम से किसानों की आय में 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

HIGHLIGHTS

  • राजस्थान में 1806 कृषि परियोजनाएं स्थापित की गईं, जिनमें 753 वेयरहाउस शामिल हैं।
  • फसलोत्तर नुकसान में 15% तक की कमी और बाजार पहुंच में 25% की वृद्धि हुई।
  • 63% लाभार्थी किसानों को उनकी उपज पर 11 से 25% तक अधिक मूल्य मिल रहा है।
  • देशभर में 84,502 करोड़ रुपये की 1.70 लाख से अधिक परियोजनाएं स्वीकृत की गई हैं।
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जयपुर | राज्यसभा सांसद और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कृषि क्षेत्र में हो रहे क्रांतिकारी बदलावों की विस्तृत जानकारी साझा की है। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार की 'कृषि अवसंरचना निधि' (AIF) राजस्थान के किसानों के लिए एक मजबूत आधार और वरदान साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी ढांचे का तेजी से विकास हो रहा है।

राजस्थान में परियोजनाओं का विशाल जाल

मदन राठौड़ ने बताया कि राजस्थान में इस योजना के तहत अब तक कुल 1,806 परियोजनाएं सफलतापूर्वक स्थापित की जा चुकी हैं। ये परियोजनाएं आधुनिक खेती और फसल प्रबंधन की दिशा में एक बहुत बड़ा कदम साबित हुई हैं। इन परियोजनाओं में मुख्य रूप से 753 अत्याधुनिक वेयरहाउस यानी गोदाम शामिल हैं, जो भंडारण की समस्या को दूर कर रहे हैं।इसके अलावा, राज्य के विभिन्न हिस्सों में 69 कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चेन सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। यह सुविधा खराब होने वाली फसलों के संरक्षण के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। साथ ही, किसानों की उपज को मूल्यवान बनाने और ग्रेडिंग के लिए 984 प्राथमिक प्रोसेसिंग केंद्र भी स्थापित किए गए हैं। यह पूरा ढांचा किसानों को उनकी उपज का सही दाम दिलाने में मदद कर रहा है।

सदन में मिली जानकारी और राष्ट्रीय आंकड़े

राज्यसभा में कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री रामनाथ ठाकुर ने मदन राठौड़ द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में ये महत्वपूर्ण आंकड़े प्रस्तुत किए। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 11 मार्च 2026 तक 1,70,241 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इन परियोजनाओं के लिए केंद्र सरकार ने लगभग 84,502.78 करोड़ रुपये की भारी राशि स्वीकृत की है।राठौड़ ने बताया कि स्वीकृत राशि में से 62,219.10 करोड़ रुपये का वितरण भी किया जा चुका है। इससे स्पष्ट होता है कि योजना धरातल पर कितनी तेजी से क्रियान्वित हो रही है। इस निवेश से ग्रामीण भारत की तस्वीर बदल रही है और कृषि क्षेत्र आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहा है।

आईआईएम अहमदाबाद का सकारात्मक अध्ययन

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) अहमदाबाद द्वारा किए गए एक विशेष अध्ययन का भी उल्लेख किया। इस अध्ययन के परिणाम बेहद उत्साहजनक हैं और योजना की सफलता को प्रमाणित करते हैं। अध्ययन के अनुसार, बेहतर अवसंरचना के कारण फसलों के कटाई के बाद होने वाले नुकसान में 5 से 15 प्रतिशत तक की बड़ी कमी आई है।इसके साथ ही, लॉजिस्टिक्स और परिवहन सुविधाओं में सुधार होने से किसानों की बड़े बाजारों तक पहुंच में 25 प्रतिशत तक की वृद्धि हुई है। अब किसान अपनी फसल को दूर की मंडियों में ले जाकर बेहतर दामों पर बेच पा रहे हैं। यह बदलाव बिचौलियों पर निर्भरता कम करने में भी सहायक सिद्ध हुआ है।

किसानों की आय में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

मदन राठौड़ ने कहा कि लगभग 63 प्रतिशत लाभार्थी किसानों को बेहतर भंडारण और ग्रेडिंग सुविधाओं के कारण उनकी उपज का 11 से 25 प्रतिशत तक अधिक मूल्य मिल रहा है। इससे उनकी वार्षिक आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार किसानों को सशक्त बनाने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि कृषि अवसंरचना निधि जैसी योजनाएं राजस्थान के सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में आर्थिक सशक्तिकरण का मुख्य जरिया बनेंगी। आने वाले समय में इन सुविधाओं के विस्तार से राजस्थान की कृषि अर्थव्यवस्था और भी अधिक सुदृढ़ होगी। इससे न केवल किसान समृद्ध होंगे, बल्कि ग्रामीण युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।

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