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कोटा में पर्यटन का नया केंद्र: मंदरगढ़: मंदरगढ़ के 150 प्राचीन मंदिरों का होगा कायाकल्प: मंत्री मदन दिलावर ने कोटा में धार्मिक पर्यटन और ग्रामीण विकास के लिए दिए कड़े निर्देश

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने कोटा के मंदरगढ़ में स्थित छठी शताब्दी के 150 प्राचीन मंदिरों के जीर्णोद्धार और धार्मिक पर्यटन के विकास के निर्देश दिए हैं। उन्होंने अधिकारियों को ग्रामीणों की समस्याओं का तुरंत समाधान करने और गर्मी में पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है।

HIGHLIGHTS

  • कोटा के मंदरगढ़ में छठी शताब्दी के लगभग 150 प्राचीन मंदिरों का जीर्णोद्धार कर इसे धार्मिक पर्यटन केंद्र बनाया जाएगा।
  • मंत्री मदन दिलावर ने पदयात्रा के दौरान मिली ग्रामीणों की शिकायतों पर अधिकारियों को त्वरित कार्यवाही के निर्देश दिए हैं।
  • घुमंतु समाज के लोगों को चिन्हित कर उनके पहचान पत्र बनाने और पट्टे देने में कोताही नहीं बरतने की हिदायत दी गई।
  • भीषण गर्मी को देखते हुए खराब हैंडपंपों को तुरंत ठीक करने और पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
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जयपुर | राजस्थान के शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने कोटा जिले के मंदरगढ़ क्षेत्र को पर्यटन मानचित्र पर लाने की बड़ी योजना तैयार की है।

मंत्री दिलावर ने मंदरगढ़ को पुरातत्व की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए वहां धार्मिक पर्यटन की संभावनाएं तलाशने के निर्देश दिए हैं।

उन्होंने बताया कि मंदरगढ़ में छठी शताब्दी के करीब 150 प्राचीन मंदिर स्थित हैं, जो हमारी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा हैं।

यह क्षेत्र प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर है। इसे पर्यटन के दृष्टिकोण से विकसित करने के लिए मंदिरों के जीर्णोद्धार की विस्तृत कार्ययोजना बनाई जाएगी।

ग्रामीण समस्याओं का होगा त्वरित समाधान

शुक्रवार को सर्किट हाउस में आयोजित बैठक में मंत्री दिलावर ने अपनी हालिया 4 दिवसीय पदयात्रा के अनुभवों को अधिकारियों के साथ साझा किया।

उन्होंने पदयात्रा के दौरान ग्रामीणों से प्राप्त परिवादों और उनकी समस्याओं के समाधान की प्रगति के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

ग्रामीणों ने श्मशान विकास, बिजली, पानी और खेल मैदानों से अतिक्रमण हटाने जैसी गंभीर समस्याएं मंत्री के सामने रखी थीं।

मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि इन समस्याओं को गंभीरता से लिया जाए और समय सीमा में समाधान कर राहत दी जाए।

उन्होंने कहा कि सभी श्मशान घाट, खेल मैदान, सड़क और नाली निर्माण से संबंधित कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाने चाहिए।

अधिकारियों को मुख्यालय पर रहने की हिदायत

मंत्री दिलावर ने स्पष्ट किया कि रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में तैनात अधिकारी और कर्मचारी अपने मुख्यालय पर ही निवास करें।

उन्होंने सरकारी अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे खुद ग्रामीणों तक पहुंचें और सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों को दिलाएं।

घुमंतु समाज के लिए उन्होंने विशेष संवेदनशीलता दिखाते हुए उनके पहचान पत्र बनाने और पट्टे देने में किसी भी प्रकार की कोताही न बरतने को कहा।

महिला एवं बाल विकास विभाग को निर्देश दिए गए कि भामाशाहों के सहयोग से जर्जर आंगनबाड़ी केंद्रों की तत्काल मरम्मत कराई जाए।

विभागवार कार्यों की समीक्षा

केडीए अधिकारियों को लाडपुरा तहसील के गांवों में मांग के अनुसार विकास कार्य करने और पीडब्ल्यूडी को नई सड़कों के प्रस्ताव तैयार करने को कहा गया है।

पीएचईडी अभियंताओं को गांवों में हैंडपंप मरम्मत और ट्यूबवेल खुदाई की स्वीकृतियों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि पेयजल संकट न हो।

चिकित्सा विभाग को सीएचसी और पीएचसी पर डॉक्टरों एवं दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पाबंद किया गया है।

सहकारिता विभाग को पीएम किसान सम्मान निधि के लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण करने और श्रम विभाग को श्रमिक डायरी बनाने के निर्देश दिए।

गर्मी में पानी की समस्या पर विशेष ध्यान

मंत्री ने कहा कि गर्मी के मौसम में किसी भी ग्रामीण को पेयजल की समस्या का सामना न करना पड़े, यह प्रशासन की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।

उन्होंने जिले में खराब पड़े सभी हैंडपंपों को तुरंत चालू करने और बिजली आपूर्ति सुचारू रखने के कड़े आदेश दिए हैं।

उनका लक्ष्य है कि केंद्र और राज्य सरकार की हर योजना का लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।

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