जयपुर | राजस्थान में महात्मा गांधी नरेगा योजना को लेकर सरकार अब और भी सख्त हो गई है। मनरेगा आयुक्त श्रीमती पुष्पा सत्यानी ने हाल ही में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेश के अधिकारियों की एक अहम बैठक ली।
मनरेगा में अब लापरवाही नहीं चलेगी: मनरेगा में काम में तेजी के निर्देश, टेंडर बिना भुगतान पर रोक
मनरेगा आयुक्त पुष्पा सत्यानी ने अधिकारियों को बकाया काम पूरा करने और नियमों के पालन के सख्त निर्देश दिए।
HIGHLIGHTS
- मनरेगा आयुक्त ने बकाया कार्यों को जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
- बिना टेंडर निर्माण सामग्री की खरीद या भुगतान पर पूरी तरह रोक।
- पीएम आवास लाभार्थियों को 90 दिन का अकुशल रोजगार देना अनिवार्य।
- 15 मई तक मानसून पौधारोपण के लिए स्थानों का चयन करने का लक्ष्य।
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बैठक के दौरान आयुक्त ने स्पष्ट किया कि योजना के तहत चल रहे सभी बकाया कार्यों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द पूरा किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को बिंदुवार समीक्षा करते हुए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए।
आयुक्त ने वित्तीय अनुशासन पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि बिना टेंडर के किसी भी प्रकार की निर्माण सामग्री की खरीद या भुगतान नहीं किया जाएगा। यदि नियमों का उल्लंघन मिला, तो सख्त कार्रवाई होगी।
उदयपुर और बीकानेर संभाग के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को मनरेगा बिलों का अंतर-जिला सत्यापन कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसका उद्देश्य भुगतान प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है।
पीएम आवास और रोजगार पर बड़ा अपडेट
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प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के लाभार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई। अब इन लाभार्थियों को मनरेगा के जरिए 90 दिनों का अकुशल रोजगार देना अनिवार्य कर दिया गया है।
आयुक्त ने कहा कि बिना इस प्रावधान के पीएमएवाई आवास को पूर्ण नहीं दिखाया जा सकता। इसलिए, सभी स्वीकृत आवासों के लिए मस्टररोल जल्द जारी करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि काम समय पर हो।
मानसून की तैयारी और पौधारोपण
आगामी मानसून सीजन को देखते हुए आयुक्त ने सघन पौधारोपण की योजना बनाई है। इसके लिए सभी अधिकारियों को 15 मई तक उपयुक्त स्थानों का चयन करने की समयसीमा दी गई है।
सरकार का मुख्य लक्ष्य अधिक से अधिक जॉब कार्डधारी परिवारों को निर्धारित समय में रोजगार उपलब्ध कराना है। इसके लिए श्रमिक नियोजन के लक्ष्यों को समय पर पूरा करने की सख्त हिदायत दी गई है।
"बिना टेंडर किसी भी प्रकार की सामग्री की खरीद या भुगतान न करें। इसमें किसी भी प्रकार की अनियमितता मिली तो संबंधित कार्मिक के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।"
परियोजना निदेशक रतन लाल अटल ने भी अधिकारियों को सफल कार्यों की कहानियां और फोटोग्राफ राज्य मुख्यालय भेजने को कहा। इससे योजना के सकारात्मक परिणामों को आम जनता तक पहुंचाया जा सकेगा।
अंत में, बैठक में उपस्थित अन्य उच्चाधिकारियों ने भी योजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए अपने सुझाव साझा किए। इस नई सख्ती से राजस्थान के ग्रामीण क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ने की पूरी उम्मीद है।
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