रेवदर |अर्बुदारण्य की पावन धरा पर स्थित नंदगांव में श्रद्धा और गोभक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा की ओर से आयोजित ‘श्री सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना महोत्सव’ में देशभर से हजारों गोभक्त शामिल हुए।
नंदगांव में गोसेवा का संदेश: गोसेवा संकल्प: नंदगांव में जुटे हजारों गोभक्त
रेवदर के नंदगांव में आयोजित 'श्री सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना महोत्सव' में देशभर से हजारों श्रद्धालु जुटे। गो ऋषि दत्त शरणानंदजी महाराज के सानिध्य में गोसेवा और संरक्षण का संकल्प लिया गया।
HIGHLIGHTS
- नंदगांव में 'श्री सुरभि हरिहर चातुर्मास आराधना महोत्सव' का भव्य आयोजन।हजारों गोभक्तों ने गोसेवा और गोसंरक्षण का संकल्प लिया।गो ऋषि दत्त शरणानंदजी महाराज ने गोसेवा को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।पथमेड़ा गोवंश के संरक्षण के लिए एक वैश्विक महाभियान चला रहा है।
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यह महोत्सव गो ऋषि दत्त शरणानंदजी महाराज के सानिध्य में आयोजित किया गया, जिसमें सभी ने गोसेवा और गोसंरक्षण के संकल्प को और मजबूती प्रदान की।
गोमाता के सम्मान की पुनर्स्थापना का लक्ष्य
इस अवसर पर श्री गोधाम महातीर्थ पथमेड़ा के संस्थापक एवं प्रधान संरक्षक, परम श्रद्धेय गोऋषि स्वामी श्री दत्तशरणानंदजी महाराजश्री ने अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने बताया कि पथमेड़ा वेदलक्षणा गोवंश के संरक्षण, संपोषण, संवर्धन, पंचगव्य परिष्करण और गोमहिमा के पुनर्प्रतिष्ठापन के लिए एक वैश्विक महाभियान चला रहा है।
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समाज का सामूहिक सहयोग आवश्यक
महाराजश्री ने इस बात पर जोर दिया कि गोमाता को उसका सम्मान पुनः दिलाने के लिए समाज का सामूहिक सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि संत-महात्माओं, कथा व्यासों, धर्माचार्यों और समाज के संयुक्त प्रयासों से ही यह संभव हो सकता है।
गोसेवा एक दुर्लभ सौभाग्य
दत्तशरणानंदजी महाराज ने कहा कि इस पुनीत कार्य में सहयोग करने वाले सभी संत, महात्मा, साधक, गोभक्त और गोसेवक वास्तव में सौभाग्यशाली हैं।
उनके अनुसार, कलियुग में भगवान की प्रिय और पूजनीय गोमाता की सेवा का अवसर मिलना एक दुर्लभ सौभाग्य की बात है। उन्होंने देशभर से आए भक्तों से गोसेवा को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का आह्वान किया।
महोत्सव में गणमान्य उपस्थिति
इस भव्य महोत्सव में कई गणमान्य संत और भक्त उपस्थित रहे, जिन्होंने इस आयोजन की शोभा बढ़ाई। इनमें शामिल थे:
- ऋषिचैतन्यजी महाराज
- चेतननाथजी महाराज
- मोहन बाबा
- श्री भक्तमाल कथा मनोरथी भूरजी अदरींगजी राजपुरोहित सांथू
- विशनसिंह सांथू
- दिनेश कुमार सांथू
- प्रकाश कुमार सांथू
- रघुनाथसिंह राजपुरोहित
- देवाराम जागरवाल
- रामचन्द्र नेहरा
- बलवंतराज अणखोल
- सीईओ आलोक सिंहल
- भरतसिंह बसंत
- मंगलसिंह बागरा
- कैलाश सांथू
- बिहारीलाल बसंत
- हरिभगवान बंग
- चम्पालाल मोदी
- सांवलाराम वागावास
नंदगांव में आयोजित इस महोत्सव ने एक बार फिर गोसेवा, गोसंरक्षण और भारतीय सनातन परंपरा में गोमाता के महत्व का संदेश पूरे देश में सफलतापूर्वक पहुंचाया।
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