टोंक |
Tonk: नरेश मीणा आज करेंगे सरेंडर, टोंक में धारा 163 लागू
एसडीएम थप्पड़ कांड से चर्चा में आए भगत सिंह सेना प्रमुख नरेश मीणा आज नगरफोर्ट थाने में आत्मसमर्पण करेंगे। प्रशासन ने कानून-व्यवस्था की आशंका के चलते टोंक, देवली और उनियारा में धारा 163 लागू कर दी है।
HIGHLIGHTS
- एसडीएम थप्पड़ कांड के आरोपी नरेश मीणा आज नगरफोर्ट थाने में सरेंडर करेंगे।
- न्यायालय ने जमानत रद्द कर 6 अगस्त तक आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया था।
- समर्थकों की भीड़ की आशंका के चलते टोंक, देवली, उनियारा में धारा 163 लागू।
- जिला कलक्टर टीना डाबी ने पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर आदेश जारी किए।
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एसडीएम थप्पड़ कांड से चर्चा में आए भगत सिंह सेना के प्रमुख नरेश मीणा आज नगरफोर्ट पुलिस थाने में आत्मसमर्पण करेंगे।
उनके समर्थकों के साथ पहुंचने के कार्यक्रम को लेकर टोंक पुलिस प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है।
टोंक, उनियारा और देवली में धारा 163 लागू
समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की संभावनाओं को देखते हुए जिला कलक्टर टीना डाबी ने टोंक शहर, देवली और उनियारा क्षेत्र में धारा 163 लागू कर दी है।
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जिला कलक्टर ने पुलिस अधीक्षक की अनुशंसा पर यह आदेश जारी किया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में समर्थकों के नगरफोर्ट थाने पहुंचने के आह्वान और कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है।
आदेश के तहत बिना अनुमति 5 या 5 से अधिक लोगों के एकत्रित होने, धरना-प्रदर्शन, जुलूस और सभा करने पर रोक रहेगी।
न्यायालय ने रद्द की थी जमानत
बता दें कि न्यायालय ने नरेश मीणा की जमानत रद्द कर 6 अगस्त तक आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए थे।
देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता में हुई हिंसा में नरेश मीणा को मुख्य आरोपी बनाया गया था।
करीब 8 महीने हिरासत में रहने के बाद उच्च न्यायालय ने 14 जुलाई 2025 को उन्हें शर्तों के साथ जमानत दी थी। शर्तों में किसी भी धरना-प्रदर्शन में शामिल न होना और स्वागत-सत्कार से दूर रहना शामिल था।
आरोप है कि उन्होंने इन शर्तों का उल्लंघन किया, जिसके बाद नगरफोर्ट पुलिस ने न्यायालय में जमानत रद्द करने की याचिका दायर की थी।
क्या है पूरा मामला?
देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान 13 नवंबर 2024 को समरावता गांव के लोगों ने उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया था।
उस समय निर्दलीय प्रत्याशी रहे नरेश मीणा भी ग्रामीणों के साथ धरने पर बैठे थे।
आरोप है कि जबरन तीन लोगों से मतदान कराने का विरोध करते हुए नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था।
इसके बाद 14 नवंबर को पुलिस ने उन्हें धरना स्थल से गिरफ्तार किया और 15 नवंबर को कोर्ट के आदेश पर जेल भेज दिया गया था।
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