thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
क्राइम

बड़ा खुलासा: NEET UG 2026 पेपर लीक CBI ने जयपुर से 4 को दबोचा

बलजीत सिंह शेखावत

सीबीआई की जांच में खुलासा, दिवाली के समय ही रची गई थी पेपर लीक की साजिश।

HIGHLIGHTS

  • सीबीआई ने जयपुर से मांगीलाल, दिनेश, यश और विकास को गिरफ्तार किया।
  • जांच में खुलासा हुआ कि दिवाली के समय ही पेपर लीक की प्लानिंग हो गई थी।
  • राजस्थान का सीकर शहर इस पूरे पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य केंद्र था।
  • महाराष्ट्र से शुरू होकर हरियाणा और राजस्थान तक फैला था यह नेटवर्क।
neet ug paper leak cbi arrest jaipur sikar network

जयपुर | नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कार्रवाई अब अपने सबसे निर्णायक और महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गई है। जयपुर से चार मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है।

सीबीआई की हालिया जांच में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने सभी को हैरान कर दिया है। जांच के अनुसार, नीट पेपर लीक की साजिश किसी एक दिन की मेहनत नहीं, बल्कि महीनों पुरानी योजना थी।

दीपावली के समय ही रची गई थी बड़ी साजिश

सूत्रों के हवाले से खबर है कि मुख्य आरोपियों को पिछले साल दीपावली के समय ही यह पुख्ता जानकारी दे दी गई थी कि इस बार नीट का पेपर उपलब्ध करा दिया जाएगा। इसके बाद से ही गिरोह सक्रिय था।

सीबीआई ने इस मामले में जयपुर से चार प्रमुख आरोपियों मांगीलाल बिवाल, दिनेश बिवाल, यश यादव और मांगीलाल के बेटे विकास को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों को इस केस की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है।

बुधवार को इन चारों आरोपियों को मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया। कोर्ट ने उन्हें ट्रांजिट रिमांड पर भेज दिया है, जिसके बाद सीबीआई की टीम उन्हें आगे की पूछताछ के लिए दिल्ली ले गई है।

सीकर: इस पूरे नेटवर्क का सबसे मजबूत आधार

जांच में यह बात प्रमुखता से सामने आई है कि राजस्थान का सीकर शहर इस पूरे नेटवर्क का आधार स्तंभ था। आरोपी यश यादव और विकास सीकर के एक ही नामी कोचिंग सेंटर में साथ पढ़ते थे।

कोचिंग के दौरान ही इनके बीच सांठगांठ शुरू हुई और उन्होंने पेपर लीक के नेटवर्क को विस्तार देना शुरू किया। सीबीआई अब सीकर के अन्य संदिग्ध कोचिंग संचालकों और बिचौलियों की भी तलाश कर रही है।

पूरा परिवार और रिश्तेदार जांच के घेरे में

सीबीआई की जांच अब केवल गिरफ्तार आरोपियों तक ही सीमित नहीं है। बल्कि उनके उन तमाम रिश्तेदारों तक भी पहुंच गई है, जिन्होंने हाल के वर्षों में नीट परीक्षा पास कर दाखिला लिया है।

आरोपी दिनेश की भतीजी सोनिया वर्तमान में मुंबई के एक मेडिकल कॉलेज में है। वहीं उसकी दूसरी भतीजी पलक भी संदेह के घेरे में है। मांगीलाल की बेटी प्रकृति भी दौसा के मेडिकल कॉलेज में पढ़ रही है।

विकास को सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज आवंटित हुआ था। जांच एजेंसी अब यह गंभीरता से पता लगा रही है कि क्या इन सभी बच्चों का चयन भी पेपर लीक के जरिए मिली मदद का ही परिणाम है।

पेपर का रूट: महाराष्ट्र से हरियाणा और राजस्थान

जांच एजेंसियों के मुताबिक, पेपर लीक का सिलसिला महाराष्ट्र के अहिल्याबाई नगर से शुरू हुआ था। वहां धनंजय नामक व्यक्ति के पास सबसे पहले पेपर आया, जिसने इसे नासिक के शुभम खैरनार को सौंपा।

शुभम से यह पेपर हरियाणा के यश यादव तक पहुंचा और फिर यश ने इसे राजस्थान के सीकर और जयपुर के अपने संपर्कों तक पहुंचाया। यह पूरा रूट अब सीबीआई के रडार पर है।

"पेपर लीक का यह मामला केवल धोखाधड़ी नहीं, बल्कि लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। हम इसके हर सूत्र को जोड़कर दोषियों को सजा दिलाएंगे।"

भगोड़ों की तलाश और भविष्य की कार्रवाई

दिनेश का बेटा ऋषि फिलहाल फरार बताया जा रहा है। सीबीआई ने उसकी धरपकड़ के लिए कई टीमें बनाई हैं। इसके अलावा सीकर के राकेश मंडवरिया और जयपुर के प्रजापत से भी सघन पूछताछ की जा रही है।

सीबीआई की एक विशेष टीम ने बुधवार को सीकर में डेरा डाला और पूरे नेटवर्क को खंगाला। एसओजी द्वारा सौंपे गए दो दर्जन छात्रों और अभिभावकों को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है।

दिल्ली में होने वाली पूछताछ के बाद कई बड़े सफेदपोश लोगों के नाम सामने आने की उम्मीद है। इस पूरे मामले ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: