कोटा | कोटा के मेडिकल कॉलेज अस्पतालों में प्रसूताओं की मृत्यु के मामलों ने प्रशासन और सरकार की चिंता बढ़ा दी है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस गंभीर स्थिति पर मंगलवार को सीएडी सभागार में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।
कोटा में प्रसूताओं की मौत पर बिरला सख्त: कोटा: प्रसूताओं की मौत पर ओम बिरला सख्त, AIIMS की टीम करेगी जांच
कोटा के अस्पतालों में प्रसूताओं की मृत्यु पर लोकसभा अध्यक्ष ने ली समीक्षा बैठक, दिए सख्त निर्देश।
HIGHLIGHTS
- लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कोटा में प्रसूताओं की मृत्यु पर उच्च स्तरीय बैठक ली।
- दिल्ली एम्स और केंद्रीय संस्थानों के विशेषज्ञ अस्पतालों की व्यवस्थाओं की जांच करेंगे।
- लापरवाही बरतने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में समिति अस्पतालों का नियमित निरीक्षण करेगी।
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संवेदनशीलता और जवाबदेही पर जोर
बैठक के दौरान बिरला ने स्पष्ट किया कि प्रसूताओं की मृत्यु एक बेहद संवेदनशील मामला है। उन्होंने अधिकारियों से दोटूक कहा कि इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही को कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। लोकसभा अध्यक्ष ने जयपुर से आई जांच टीम की कार्रवाई की समीक्षा की। उन्होंने पूरे घटनाक्रम की तथ्यात्मक जानकारी ली और अब तक उठाए गए कदमों पर असंतोष जाहिर करते हुए जवाबदेही तय करने को कहा।
दिल्ली एम्स के विशेषज्ञ करेंगे जांच
बिरला ने घोषणा की कि दिल्ली एम्स और अन्य केंद्रीय संस्थानों के विशेषज्ञों की टीम जल्द ही कोटा-बूंदी का दौरा करेगी। यह टीम ऑपरेशन थिएटर के संक्रमण और सर्जरी प्रक्रिया की गहन जांच करेगी। प्रसूताओं की मृत्यु का मामला बेहद संवेदनशील है। भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए सख्त एसओपी और प्रोटोकॉल तैयार किए जाएं।
उन्होंने चिकित्सकों को सर्जरी के दौरान विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए। विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर अस्पतालों की कमियों को दूर करने के लिए एक विस्तृत रोडमैप और आवश्यक एसओपी तैयार की जाएगी।
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अस्पतालों का होगा नियमित निरीक्षण
संभागीय आयुक्त की अध्यक्षता में एक विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए गए हैं। यह समिति जिले के सभी सरकारी अस्पतालों का औचक निरीक्षण करेगी और वहां की व्यवस्थाओं को सुधारेगी। समिति अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, साफ-सफाई, नर्सिंग व्यवस्था और आपातकालीन सेवाओं की समीक्षा करेगी। बिरला ने कहा कि सरकारी अस्पतालों पर आमजन का विश्वास बनाए रखना प्रशासन की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। बैठक में अस्पतालों की साफ-सफाई व्यवस्था मजबूत करने और नर्सिंग सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। लापरवाही करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया है ताकि परिजनों को बेहतर उपचार मिल सके। बैठक में प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़, संभागीय आयुक्त अनिल अग्रवाल और कलेक्टर पीयूष समारिया उपस्थित थे। साथ ही डॉ. निलेश जैन और डॉ. निर्मला शर्मा सहित कई वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों ने भी भाग लिया। प्रशासन अब बिरला के कड़े रुख के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में बड़े सुधार की तैयारी में जुट गया है। उम्मीद है कि एम्स की जांच के बाद कोटा की चिकित्सा व्यवस्था में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेंगे।
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