बालोतरा | राजस्थान के बालोतरा जिले का पचपदरा क्षेत्र जल्द ही अपनी पुरानी पहचान छोड़कर एक ग्लोबल सिटी के रूप में दुनिया के सामने होगा। यह विकास क्षेत्र के लिए एक मील का पत्थर साबित होगा।
पचपदरा: रिफाइनरी के पास बनेगा आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और ग्लोबल सिटी
रीको पचपदरा रिफाइनरी के पास विकसित करेगा वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स और इंडस्ट्रियल हब।
HIGHLIGHTS
- पचपदरा रिफाइनरी के पास स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और मल्टीप्लेक्स का निर्माण होगा।
- रीको ने बोरावास-कलावा में 30 हेक्टेयर पर पहले चरण का कार्य पूरा किया।
- दूसरे चरण में 213 हेक्टेयर भूमि पर बिछेगा आधुनिक सुविधाओं का जाल।
- 27 औद्योगिक इकाइयों को भूखंड आवंटित, 89 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद।
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रीको ने पचपदरा रिफाइनरी के आसपास एक आधुनिक शहरी और औद्योगिक ढांचा तैयार करने की कवायद शुरू की है। अब यहां सिर्फ चिमनियों से धुआं नहीं निकलेगा, बल्कि बड़े स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स भी नजर आएंगे।
पचपदरा में खेल और मनोरंजन की नई दुनिया
रीको की इस महत्वाकांक्षी योजना का मुख्य उद्देश्य रिफाइनरी के आसपास केवल उद्योग ही नहीं, बल्कि एक पूर्ण विकसित जीवनशैली प्रदान करना है। इसके लिए भूमि आवंटन के मापदंडों में बड़े बदलाव किए गए हैं।
अब रिफाइनरी के पास उद्योगों के साथ-साथ स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, मल्टीप्लेक्स और शॉपिंग मॉल के लिए भी जमीन मिलेगी। इससे स्थानीय युवाओं को खेलों के आधुनिक संसाधन और मनोरंजन के बेहतर विकल्प उपलब्ध होंगे।
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शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी यहां बड़े निवेश की तैयारी है। वर्ल्ड क्लास अस्पताल और अंतरराष्ट्रीय स्तर के स्कूलों के लिए विशेष भूखंड आवंटित किए जा रहे हैं, जो शहर की तस्वीर बदल देंगे।
आधुनिक सुविधाओं का विस्तार
पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए लग्जरी रिसॉर्ट और होटलों की श्रृंखला विकसित की जाएगी। रीको ने इसके लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया है जो अगले दो वर्षों में धरातल पर दिखेगा।
बोरावास-कलावा: विकास का पहला बड़ा कदम
बालोतरा-बाड़मेर नेशनल हाईवे-25 पर स्थित बोरावास-कलावा क्षेत्र में पहले चरण का कार्य तेजी से चल रहा है। रीको इकाई प्रभारी कुलदीप दाधीच के अनुसार, करीब 30 हेक्टेयर भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित किया गया है।
प्रथम चरण में 86 औद्योगिक भूखंड और 8 'प्लग एंड प्ले' मॉडल फैक्ट्री शेड्स तैयार किए गए हैं। यह मॉडल नए उद्यमियों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है, जिससे काम शुरू करना आसान होगा।
बोरावास-कलावा क्षेत्र में पहले चरण का कार्य तेजी पर है। 27 इकाइयों को भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं, जिनसे भारी निवेश और रोजगार की उम्मीद है। - कुलदीप दाधीच, रीको इकाई प्रभारी
निवेश और रोजगार की अपार संभावनाएं
अब तक 27 इकाइयों को 38 भूखंड आवंटित किए जा चुके हैं। इससे करीब 89.13 करोड़ रुपये का निवेश आने की उम्मीद है। यह निवेश स्थानीय स्तर पर सैकड़ों लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा।
दूसरे चरण का मेगा मास्टर प्लान
रीको ने दूसरे चरण के लिए भी अपनी कमर कस ली है। यह चरण पहले चरण से कई गुना बड़ा होने वाला है। इसमें 213.70 हेक्टेयर भूमि पर 257 भूखंडों की योजना बनाई गई है।
यहां 500 वर्ग मीटर से लेकर 1.62 लाख वर्ग मीटर तक के बड़े भूखंड उपलब्ध होंगे। इतने बड़े स्तर पर भूमि की उपलब्धता से बड़ी औद्योगिक कंपनियों और खेल अकादमियों का आकर्षण यहां बढ़ेगा।
बुनियादी ढांचे के विकास के लिए निविदाएं जारी की जा चुकी हैं। करीब 87.64 हेक्टेयर भूमि पर सड़क, बिजली और स्ट्रीट लाइट जैसे कार्यों के लिए करोड़ों रुपये के टेंडर आवंटित किए गए हैं।
इन गांवों की कायाकल्प की तैयारी
राज्य सरकार ने रिफाइनरी के आसपास के कई गांवों की भूमि रीको को सौंप दी है। इसमें रामनगर, सिंधियों की ढाणी, वेदरलाई और बोरावास जैसे गांव शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अब शहरी सुविधाएं विकसित होंगी।
खेमाबाबा नगर, रातानाडा और मालियों की ढाणी जैसे इलाकों में शैक्षणिक संस्थान और आवासीय योजनाएं विकसित की जाएंगी। इससे स्थानीय ग्रामीणों के लिए विकास के नए द्वार खुलेंगे और जमीनों के दाम बढ़ेंगे।
आने वाले 2-3 सालों में पचपदरा की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। यह क्षेत्र केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के बड़े औद्योगिक और खेल केंद्रों में से एक बनकर उभरेगा।
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