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राजस्थान में वंदे गंगा अभियान: राजस्थान में 'वंदे गंगा' जल संरक्षण अभियान का आगाज़

25 मई से राजस्थान में जल संरक्षण के लिए 'वंदे गंगा' अभियान की शुरुआत होगी, जिसमें मुख्यमंत्री भाग लेंगे।

HIGHLIGHTS

  • अभियान 25 मई से 5 जून तक पूरे राजस्थान में चलेगा।
  • सीएम भजनलाल शर्मा बीसलपुर बांध से करेंगे इसकी शुरुआत।
  • जल संरक्षण में जुटने वालों को 'जल गौरव सम्मान' मिलेगा।
  • पिछले साल 2.53 करोड़ लोगों ने इस अभियान में हिस्सा लिया था।
vande ganga jal sanrakshan campaign rajasthan 2024

जयपुर | राजस्थान में जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने के लिए राज्य सरकार 25 मई से 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' शुरू कर रही है। गंगा दशमी पर शुरू होने वाला यह महाभियान 5 जून तक चलेगा।

मुख्यमंत्री करेंगे अभियान का आगाज़

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा टोंक के बीसलपुर बांध पर जल पूजन और शिव मंदिर में अभिषेक के साथ इसकी शुरुआत करेंगे। वे ईसरदा, बंध बरेठा और गालवा बांध का हवाई सर्वेक्षण भी करेंगे।

शाम को मुख्यमंत्री भरतपुर के गंगा माता मंदिर में आरती करेंगे और सुजानगंगा नहर में दीपदान कर जल संरक्षण का संदेश देंगे। इस दौरान स्थानीय लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहेंगे।

जन-जन की भागीदारी होगी सुनिश्चित

इस अभियान का मुख्य उद्देश्य तालाबों और बावड़ियों की सफाई के साथ-साथ समाज के हर वर्ग को इस नेक काम से जोड़ना है। इसमें महिलाएं, युवा, धार्मिक संगठन और उद्योगपति हिस्सा लेंगे।

25 मई को प्रदेशभर में कुओं और नहरों पर पूजन, श्रमदान और दीप प्रज्ज्वलन के कार्यक्रम होंगे। विद्यार्थियों के लिए प्रभात फेरियां और प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी।

राजीविका समूहों की महिलाएं इस दौरान कलश यात्राएं निकालेंगी। सरकार चाहती है कि जल संचयन केवल सरकारी काम न रहकर एक सामाजिक संस्कार बन जाए।

"अभियान का मकसद सिर्फ सफाई नहीं, बल्कि हर नागरिक को जल संरक्षण की जिम्मेदारी से जोड़ना है।"

जल योद्धाओं का होगा सम्मान

अभियान का समापन 5 जून को विश्व पर्यावरण दिवस पर होगा। इस दौरान जल संरक्षण में उत्कृष्ट कार्य करने वाले भामाशाहों और पंचायतों को 'जल गौरव सम्मान' से नवाजा जाएगा।

पिछले साल इस अभियान में करीब 2.53 करोड़ लोगों ने भाग लिया था। इसमें 1.32 करोड़ महिलाओं की भागीदारी रही थी, जो इस अभियान की सफलता का बड़ा प्रमाण है।

इस बार भी सरकार को उम्मीद है कि यह अभियान प्रदेश में जल संकट से निपटने के लिए एक बड़ा बदलाव लाएगा और भविष्य के लिए जल सुरक्षित करेगा।

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