पुणे | नीट पेपर लीक मामले में सीबीआई ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने शुक्रवार को इस मामले में 11वीं गिरफ्तारी की है।
नीट पेपर लीक: पुणे की टीचर अरेस्ट: NEET पेपर लीक: पुणे की फिजिक्स टीचर अरेस्ट, 11वीं गिरफ्तारी
सीबीआई ने पुणे की एक फिजिक्स टीचर को गिरफ्तार किया है, जो एनटीए की एक्सपर्ट टीम में शामिल थीं।
HIGHLIGHTS
- मनीषा संजय हवलदार पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला कॉलेज में शिक्षिका हैं।
- आरोपी महिला एनटीए द्वारा नीट परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त थीं।
- सीबीआई के अनुसार, पेपर लीक का सबसे बड़ा केंद्र महाराष्ट्र राज्य रहा है।
- अब तक इस मामले में दिल्ली, जयपुर और पुणे समेत 11 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।
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गिरफ्तार आरोपी की पहचान मनीषा संजय हवलदार के रूप में हुई है। वे पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं।
एनटीए की एक्सपर्ट ही निकली आरोपी
मनीषा पुणे के सेठ हीरालाल सराफ प्रशाला कॉलेज में फिजिक्स की टीचर हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि एनटीए ने उन्हें एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था।
जांच में सामने आया है कि मनीषा की पहुंच सीधे फिजिक्स के क्वेश्चन पेपर तक थी। उन्होंने अप्रैल में परीक्षा से संबंधित सवाल अन्य आरोपी मनीषा मंधारे के साथ साझा किए थे।
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मनीषा मंधारे को पहले ही 16 मई को गिरफ्तार किया जा चुका है। अब इस कड़ी में हवलदार की गिरफ्तारी ने जांच की दिशा बदल दी है।
महाराष्ट्र बना पेपर लीक का मुख्य केंद्र
सीबीआई की जांच में यह बड़ा खुलासा हुआ है कि नीट का पेपर देश के कुल 5 राज्यों में बेचा गया था। इसमें महाराष्ट्र सबसे ऊपर है।
जांच के मुताबिक, पेपर की सबसे ज्यादा बिक्री महाराष्ट्र में हुई, जबकि राजस्थान दूसरे स्थान पर है। सीबीआई को प्रिंट निकालकर पेपर बेचने के ठोस सबूत मिले हैं।
एजेंसी का मानना है कि महाराष्ट्र ही इस पूरे घोटाले का मुख्य केंद्र था। यहीं से 'क्वेश्चन बैंक' अन्य राज्यों के छात्रों तक पहुंचाया गया था।
"सीबीआई अब उन सभी पेरेंट्स की लिस्ट तैयार कर रही है, जिन्होंने पेपर खरीदने के लिए मुख्य आरोपियों के बैंक खातों में मोटी रकम ट्रांसफर की थी।"
पैसों के लेन-देन की हो रही गहन जांच
जांच एजेंसी अब उन अभिभावकों पर शिकंजा कसने की तैयारी में है जिनके खातों से संदिग्ध लेनदेन हुआ है। कई नाम अब भी रडार पर हैं।
शिवराज मोटेगांवकर और पी.वी. कुलकर्णी जैसे किरदारों के खातों की जांच की जा रही है। सीबीआई जल्द ही अन्य राज्यों में भी बड़ी छापेमारी कर सकती है।
अब तक हुई कुल 11 गिरफ्तारियों में से सबसे ज्यादा 7 गिरफ्तारियां अकेले महाराष्ट्र से हुई हैं। दिल्ली, जयपुर और गुरुग्राम से भी आरोपी पकड़े गए हैं।
छात्रों के भविष्य पर गहराया संकट
नीट-यूजी परीक्षा 3 मई को देश-विदेश के 551 शहरों में आयोजित हुई थी। इसमें करीब 23 लाख छात्र शामिल हुए थे। गड़बड़ी के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द हुई।
इस गिरफ्तारी के बाद परीक्षा की पारदर्शिता पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं। सीबीआई की इस कड़ी कार्रवाई से उम्मीद है कि असली मास्टरमाइंड जल्द पकड़े जाएंगे।
लाखों छात्रों और उनके अभिभावकों की नजर अब सीबीआई की अगली कार्रवाई पर टिकी है। न्याय की उम्मीद में छात्र देशभर में शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
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