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Pali Rajasthan: पाली में उद्यमियों के विवाद से 583 फैक्ट्रियां बंद, 24 दिन से उत्पादन ठप

Pradeep Beedawat

राजस्थान (Rajasthan) के पाली (Pali) में उद्यमियों के आपसी विवाद के चलते पिछले 24 दिनों से 583 फैक्ट्रियां बंद हैं। इससे रोजाना 20-25 करोड़ रुपए का उत्पादन प्रभावित हो रहा है और हजारों मजदूर परेशान हैं।

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HIGHLIGHTS

  • पाली में 583 फैक्ट्रियां 24 दिन से बंद हैं। उद्यमियों के आपसी विवाद के कारण उत्पादन ठप। रोजाना 20-25 करोड़ रुपए का उत्पादन प्रभावित। ट्रीटमेंट प्लांटों पर बकाया राशि के चलते पानी लेना बंद।
pali factories closed due to entrepreneurs dispute production halted for 24 days
पाली में 583 फैक्ट्रियां बंद: उद्यमियों के विवाद से उत्पादन ठप

पाली: राजस्थान (Rajasthan) के पाली (Pali) में उद्यमियों के आपसी विवाद के चलते पिछले 24 दिनों से 583 फैक्ट्रियां बंद हैं। इससे रोजाना 20-25 करोड़ रुपए का उत्पादन प्रभावित हो रहा है और हजारों मजदूर परेशान हैं।

यह पहली बार है जब पाली में प्रशासन के हस्तक्षेप के बिना उद्यमियों के आपसी विवाद के कारण इतनी बड़ी संख्या में फैक्ट्रियां बंद हुई हैं।

इस अभूतपूर्व बंदी ने न केवल उद्योग मालिकों बल्कि छोटे उद्यमियों और उनमें काम करने वाले हजारों मजदूरों को भी गहरे संकट में डाल दिया है। कई मजदूरों को अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए दूसरा काम तलाशना पड़ा है।

क्या है पूरा मामला?

उद्योग क्षेत्र में लगे ट्रीटमेंट प्लांटों के बंद होने से फैक्ट्रियों में उत्पादन पूरी तरह ठप हो गया है।

जानकारी के अनुसार, 10 नवंबर से प्लांट नंबर 6 और 25 नवंबर से प्लांट नंबर 4 बंद हैं। इन दोनों प्लांटों ने उद्योगों से आने वाले अनुपचारित पानी (untreated water) को लेना बंद कर दिया है, जिसके परिणामस्वरूप फैक्ट्रियों में उत्पादन कार्य रुक गया है।

ट्रीटमेंट प्लांट 6 और 4 की स्थिति

ट्रीटमेंट प्लांट संख्या 6 का संचालन करने वाली स्वराष्ट्र कंपनी के मैनेजर मुरुगेश थंगराज ने बताया कि उनके प्लांट पर मंडिया रोड और इंडस्ट्रीज फेज 1-2 से अनुपचारित पानी आता है। प्लांट की क्षमता 12 MLD (मिलियन लीटर प्रतिदिन) है, और करीब 7 MLD अनुपचारित पानी आता था।

उनका कहना है कि CITP (कॉमन इन्फ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट) में प्रोजेक्ट के 8 करोड़ रुपए और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के 3 करोड़ रुपए, कुल 11 करोड़ रुपए बकाया चल रहे हैं।

इस बकाया राशि के कारण प्लांट के संचालन में काफी परेशानी आ रही थी, जिसके चलते 10 नवंबर से फैक्ट्रियों का अनुपचारित पानी लेना बंद कर दिया गया है।

इसी तरह, ट्रीटमेंट प्लांट 4 का संचालन करने वाली कंपनी त्रिवेणी के प्लांट मैनेजर प्रबल सिंह ने बताया कि CITP में उनके प्रोजेक्ट के 31 करोड़ रुपए और प्लांट के संचालन एवं रखरखाव (ऑपरेट एंड मेंटेनेंस) के साढ़े 5 करोड़ रुपए बकाया हैं। इस बड़ी बकाया राशि के कारण प्लांट का संचालन जारी रखना मुश्किल हो गया है, जिससे यह भी बंद पड़ा है।

प्लांटों के निर्माण और क्षमता

यह उल्लेखनीय है कि उद्यमियों ने सरकार के सहयोग से पूनायता औद्योगिक क्षेत्र में ट्रीटमेंट प्लांट 6 का निर्माण 100 करोड़ रुपए की लागत से करवाया था।

वहीं, ट्रीटमेंट प्लांट 4 का निर्माण 54 करोड़ रुपए की लागत से हुआ था। दोनों ही प्लांटों की क्षमता 12-12 MLD है, जो पाली के औद्योगिक क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण हैं।

मजदूरों पर गहराता संकट

फैक्ट्रियों की इस बंदी का सबसे बुरा असर हजारों मजदूरों पर पड़ा है। रोजाना की मजदूरी पर निर्भर रहने वाले इन कामगारों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।

कई मजदूर अपने परिवारों का पेट पालने के लिए अन्य शहरों में काम की तलाश में पलायन कर रहे हैं, या पाली में ही दूसरा कोई छोटा-मोटा काम ढूंढ रहे हैं।

यह स्थिति औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था के लिए भी चिंताजनक है।

उद्यमियों के बीच इस विवाद का जल्द से जल्द समाधान निकालना आवश्यक है ताकि फैक्ट्रियां फिर से चालू हो सकें, उत्पादन बहाल हो सके और हजारों मजदूरों को उनका रोजगार वापस मिल सके।

प्रशासन और संबंधित पक्षों को इस गंभीर मुद्दे पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

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