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राज्य

खनन क्षेत्र में नए आयाम: ऑक्शन माइंस के संचालन को मिलेगा गति

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HIGHLIGHTS

  1. 1  टी. रविकान्त ने मंगलवार को प्रदेश के एलओआई धारकों से वर्चुअली सीधा संवाद कायम किया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जिस तरह से मेजर मिनरल माइंस के ऑक्शन में राजस्थान समूचे देश में अग्रणी प्रदेश बन गया है
new dimensions in mining sector operation of auction mines will gain momentum

जयपुर । प्रमुख शासन सचिव माइंस एवं पेट्रोलियम  टी.रविकान्त ने कहा है कि मुख्यमंत्री  भजनलाल शर्मा राज्य में खनन सेक्टर को अधिक विकसित कर इसके माध्यम से अधिकतम रोजगार संवर्धन के लिए कृत संकल्पित हैं। इसी कारण राज्य सरकार का ऑक्शन मिनरल ब्लॉक्स को जल्द से जल्द ऑपरेशनलाईज कराने पर खास फोकस है और इसके लिए संबंधित एलओआई धारकों से सीधा संवाद कायम कर सहयोग व समन्वय बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा किएलओआई धारकों को विभिन्न स्तरों पर आ रही समस्याओं को इंगित करने की विभागीय पोर्टल पर सुविधा दी जाएगी और उसके निराकरण प्रगति की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाएगी।

 टी. रविकान्त ने मंगलवार को प्रदेश के एलओआई धारकों से वर्चुअली सीधा संवाद कायम किया। उन्होंने कहा कि हमारा प्रयास है कि जिस तरह से मेजर मिनरल माइंस के ऑक्शन में राजस्थान समूचे देश में अग्रणी प्रदेश बन गया है

उसी गति से अब ऑक्शन मिनरल ब्लॉक्स को आवश्यक अनुमतियों व स्वीकृतियों में आ रही बाधाओं को दूर कर निर्धारित समय सीमा में ऑपरेशनलाईज करवाया जाए ताकि खनन कार्य आरंभ होने के साथ ही रोजगार व राजस्व में बढ़ोतरी हो सके।
      
 रविकान्त ने कहा कि मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा ऑक्शन माइंस को ऑपरेशनलाईज करवने के प्रति गंभीर है और इसे इस तथ्य से समझा जा सकता है कि जिला कलक्टर की अध्यक्षता में जिला स्तरीय खनिज विकास, पर्यावरण संरक्षण एवं अवैध खनन निगरानी समिति का गठन किया गया है

जिसमें एसपी, वन, खान विभाग आदि के प्रतिनिधियों के साथ ही पर्यावरण से जुड़े एनजीओ और क्षेत्र के 4 लीज/क्वारी लाइसेंसधारकों को सदस्य बनाया गया है। उन्होंने बताया कि विभाग के माइनिंग व सहायक माइनिंग इंजीनियरों को जिम्मेदारी दी गई है कि वे ऑक्शन एलओआई धारकों की समस्याओं के समाधान के लिए जिला स्तर पर आवश्यक सहयोग व मार्गदर्शन प्रदान करें।
       
प्रमुख सचिव  रविकान्त ने वर्चुअल बैठक के दौरान एलओआई धारकों द्वारा दिए गए सुझावों और समस्याओं की जिलेवार सूची तत्काल उपलब्ध कराने के निर्देश दिए ताकि राज्य सरकार स्तर से भी समन्वय, आवश्यक सहयोग व निगरानी सुनिश्चित हो सके। उन्होंने कहा कि पोर्टल पर एलओआई द्वारा की जाने वालीे समस्या या सुझाव संबंधित एमई/एएमई को भी डीएमजीओएमएस सिस्टम से उपलब्ध होगा और उस स्तर पर की जाने वाली कार्रवाई पर निदेशक माइंस स्तर व राज्य सरकार स्तर पर नियमित निगरानी की जाएगी।
     
निदेशक, माइंस,  भगवती प्रसाद कलाल ने बताया कि पोस्ट ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल के माध्यम से संबंधित विभागों से समन्वय बनाया जा रहा है। अब जिला स्तर पर भी खनन विकास कमेटी बनने से अनुमतियों-स्वीकृतियों के कार्य में गति आयेगी। उन्होंने एलओआई धारकों से समय पर माइनिंग प्लान सबमिट करने, आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने और विभाग से समन्वय बनाने पर जोर दिया गया। सभी एलओआईधारकों के प्रतिनिधियों से वन टू वन संवाद कायम करते हुए विस्तार से जानकारी ली गई और आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
       
वर्चुअल चर्चा के दौरान माइनिंग प्लान प्रस्तुत करने, चारागाह भूमि की एनओसी प्राप्त करने, पर्यावरण स्वीकृति, जिला कलक्टर स्तर पर जनसुनवाई सहित विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। संबंधित विभागों से समन्वय बनाकर एलओआई धारकों को स्वीकृतियां व अनुमतियां जारी कराने का संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
       
बैठक में पोस्ट ऑक्शन फेसिलिटेशन सेल के प्रभारी  प्रताप मीणा, ओएसडी  कृष्ण शर्मा, एडीएम  एमपी मीणा,  पीआर आमेटा, एसएमई  जय गुरुबख्सानी,  एनएस शक्तावत सहित वरिष्ठ अधिकारियों व एक दर्जन से अधिक एलओआईधारकों ने हिस्सा लिया।

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