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राजस्थान

चैत्र नवरात्र में अधर देवी शक्तिपीठ में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़

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HIGHLIGHTS

  1. 2 अधर देवी शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्र पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़
  2. 3 माउंट आबू बना आस्था का प्रमुख केंद्र
  3. 4 माता सती के होंठ (अधर) गिरने की पौराणिक मान्यता
  4. 5 350 सीढ़ियां चढ़कर प्राकृतिक गुफा में होते हैं दर्शन
devotees rush to adhar devi shakti peeth during navratri

माउंट आबू: राजस्थान के माउंट आबू स्थित अधर देवी शक्तिपीठ में चैत्र नवरात्र के अवसर पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा है। देशभर से हजारों की संख्या में भक्त यहां पहुंचकर माता के दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं पूरी होने की कामना कर रहे हैं।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह शक्तिपीठ उन पवित्र स्थलों में से एक है जहां माता सती के अंग गिरे थे। मान्यता है कि इस स्थान पर माता के होंठ (अधर) गिरे थे, जिसके कारण इस मंदिर को “अधर देवी” के नाम से जाना जाता है। यही वजह है कि नवरात्र के दौरान यहां विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन होता है।

मंदिर की विशेषता यह है कि यह एक प्राकृतिक गुफा में स्थित है, जहां पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं को करीब 350 सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। सुरक्षा कारणों से मंदिर परिसर में मोबाइल, कैमरा और अन्य सामान ले जाने पर प्रतिबंध है, जिसके चलते भक्तों को बाहर ही अपने सामान जमा कर टोकन के माध्यम से प्रवेश दिया जा रहा है।

नवरात्र के दौरान यहां मां कात्यायनी के रूप में विशेष श्रृंगार किया जा रहा है। अष्टमी की रात्रि में भव्य महायज्ञ का आयोजन किया जाता है, जो नवमी की सुबह तक चलता है। साथ ही पूरे नवरात्र में दुर्गा सप्तशती का अखंड पाठ जारी रहता है, जिससे मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना हुआ है।

धार्मिक ग्रंथ स्कंद पुराण में इस प्राचीन मंदिर का उल्लेख मिलता है, जिसे 5500 वर्ष से भी अधिक पुराना बताया गया है। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि कई समाजों के लिए कुलदेवी स्थल के रूप में भी विशेष महत्व रखता है।

नवरात्र के अवसर पर राजस्थान और गुजरात सहित विभिन्न क्षेत्रों से यात्रा संघ लगातार यहां पहुंच रहे हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि अधर देवी के दरबार में सच्चे मन से मांगी गई हर मनोकामना अवश्य पूरी होती है, यही कारण है कि यहां हर वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

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