thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 🌺 ज़िंदगानी 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 💡 मनचाही ▶️ YouTube
राज्य

किशोरी किट पाकर खिले स्कूली छात्राओं और महिलाओं के चेहरे

thinQ360 thinQ360

विद्याधर नगर के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में 72 किशोरियों को किट्स प्रदान की गईं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य बच्चू सिंह धाकड़ और अन्य अध्यापक- अध्यापि

HIGHLIGHTS

  1. 1 विद्याधर नगर के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में 72 किशोरियों को किट्स प्रदान की गईं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य बच्चू सिंह धाकड़ और अन्य अध्यापक- अध्यापिकाओं ने प्रजना फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की।
project kishori by prazna foundation jaipur
project kishori, anganbadi by prazna foundation

जयपुर | राजस्थान में किशोरियों और महिलाओं के स्वास्थ्य एवं मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘प्रोजेक्ट किशोरी’ का जयपुर में सफलतापूर्वक आयोजन हुआ। इस प्रोजेक्ट के तहत प्रजना फाउंडेशन और ब्रह्मोस एयरोस्पेस के संयुक्त प्रयास से सरकारी विद्यालयों और आंगनबाड़ियों में किशोरी किट्स वितरित की जा रही हैं। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और किशोरियों को मासिक धर्म के दौरान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता बनाए रखने के प्रति जागरूक करना है।

विद्यालयों में विशेष आयोजन

जयपुर के विभिन्न विद्यालयों और आंगनबाड़ियों में आयोजित कार्यक्रमों के दौरान सैकड़ों किशोरियों और महिलाओं को स्वच्छता किट्स वितरित की गईं।

project kishori, anganbadi and schools by prazna foundation,

संजय नगर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एचओडी मोहिनी वर्मा की देखरेख में 40 महिलाओं को किशोरी किट्स दी गईं। यहां पर माहवारी स्वच्छता से जुड़ी जानकारी भी दी गई।

project kishori, anganbadi and schools by prazna foundation,

विद्याधर नगर के महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय में 72 किशोरियों को किट्स प्रदान की गईं। कार्यक्रम के दौरान प्रधानाचार्य बच्चू सिंह धाकड़ और अन्य अध्यापक- अध्यापिकाओं ने प्रजना फाउंडेशन का आभार व्यक्त किया और इस पहल की सराहना की।

project kishori, anganbadi and schools by prazna foundation,

दीया कुमारी की पहल से मिली नई दिशा

17 अगस्त को जयपुर में उप मुख्यमंत्री दीया कुमारी द्वारा इस पहल की शुरुआत की गई थी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व से अवगत कराना और इस विषय से जुड़े सामाजिक संकोच को समाप्त करना है। दीया कुमारी ने इस प्रोजेक्ट की शुरुआत करते हुए समाज में माहवारी से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने और बालिकाओं को सशक्त बनाने का आह्वान किया था।

project kishori, anganbadi and schools by prazna foundation,

स्वास्थ्य और स्वच्छता पर गहन चर्चा

प्रजना फाउंडेशन की संस्थापक, प्रीति शर्मा ने इन विद्यालयों में बालिकाओं के साथ संवाद किया। उन्होंने मासिक धर्म के दौरान स्वच्छता बनाए रखने के उपायों के बारे में विस्तार से चर्चा की। साथ ही, उन्होंने स्वच्छता की अनदेखी से होने वाले स्वास्थ्य खतरों पर भी प्रकाश डाला। प्रीति शर्मा ने समाज में मासिक धर्म से जुड़े मिथकों और भ्रांतियों को चुनौती देने के लिए बालिकाओं को प्रेरित किया।

project kishori, anganbadi and schools by prazna foundation,

किशोरी किट्स का महत्व

कार्यक्रम के दौरान छात्राओं को जो किट्स दी गईं, उनमें मासिक धर्म के दौरान उपयोगी स्वास्थ्य एवं स्वच्छता से जुड़े उत्पाद शामिल थे। ये किट्स न केवल बालिकाओं को स्वच्छता बनाए रखने में मदद करेंगी, बल्कि उन्हें समाज के सामने इस विषय पर खुलकर बात करने का आत्मविश्वास भी देंगी।

project kishori, anganbadi and schools by prazna foundation,

प्रोजेक्ट किशोरी का उद्देश्य

प्रजना फाउंडेशन की संचालक प्रीति शर्मा ने बताया कि मासिक धर्म स्वच्छता की अनदेखी से किशोरियों को कई बार गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। प्रोजेक्ट किशोरी का उद्देश्य इन समस्याओं को दूर करना और किशोरियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाना है। इस पहल के माध्यम से बालिकाओं को न केवल स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है, बल्कि उन्हें आवश्यक संसाधन भी मुहैया कराए जा रहे हैं।

project kishori, anganbadi and schools by prazna foundation,

प्रोजेक्ट किशोरी ने जयपुर के विभिन्न विद्यालयों में किशोरियों को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक किया और उन्हें इस विषय पर खुलकर बात करने के लिए प्रोत्साहित किया। इस पहल से किशोरियों को अपने स्वास्थ्य की देखभाल करने और समाज में स्वच्छता के महत्व को समझने का अवसर मिला है। आने वाले समय में इस प्रोजेक्ट का विस्तार और अधिक क्षेत्रों में किए जाने की योजना है, जिससे और अधिक बालिकाओं और महिलाओं को इसका लाभ मिल सकेगा।

शेयर करें: