thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राज्य

अस्पतालों का होगा डिजिटल कायाकल्प: राजस्थान में अब हर जिले में बनेगा डिजिटल मॉडल अस्पताल

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत राजस्थान के चुनिंदा अस्पतालों को हाईटेक बनाया जाएगा।

HIGHLIGHTS

  • राजस्थान के प्रत्येक जिले में एक राजकीय और एक निजी अस्पताल मॉडल फैसिलिटी बनेगा।
  • मरीजों का पूरा इलाज और स्वास्थ्य रिकॉर्ड अब ऑनलाइन 'आभा आईडी' पर उपलब्ध होगा।
  • निजी अस्पतालों को एबीडीएम पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कर आईडी बनाना अनिवार्य होगा।
  • डिजिटल सिस्टम से अस्पतालों में 'स्कैन एंड शेयर' जैसी आधुनिक सुविधाएं मिलेंगी।
rajasthan abdm model health facilities digital transformation

जयपुर | राजस्थान में स्वास्थ्य सेवाओं को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया गया है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) के अंतर्गत अब राज्य के प्रत्येक जिले में एक राजकीय और एक निजी स्वास्थ्य संस्थान को 'मॉडल फैसिलिटी' के रूप में विकसित किया जाएगा।

डिजिटल हेल्थ का नया दौर: क्या है मॉडल फैसिलिटी?

इन चयनित संस्थानों में हेल्थ मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम (HMIS) को पूरी तरह लागू किया जाएगा। इससे अस्पतालों का कामकाज पेपरलेस होगा और मरीजों को पुरानी पर्चियां संभालने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।

मॉडल फैसिलिटी के रूप में विकसित होने वाले इन अस्पतालों को डिजिटल बनाने के लिए सरकार द्वारा विशेष सपोर्ट दिया जाएगा। इसमें हेल्थकेयर फैसिलिटी रजिस्ट्री और प्रोफेशनल रजिस्ट्री जैसे महत्वपूर्ण घटक शामिल होंगे।

आभा आईडी से मिलेगी इलाज में आसानी

मिशन निदेशक एनएचएम डॉ. जोगाराम ने बताया कि इन अस्पतालों में आने वाले सभी मरीजों की 'आभा आईडी' बनाई जाएगी। इस आईडी के जरिए मरीज का पूरा मेडिकल इतिहास एक क्लिक पर उपलब्ध होगा।

डॉ. जोगाराम ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के अस्पतालों को इस प्लेटफॉर्म पर पंजीकरण करना होगा। निर्धारित आईडी प्राप्त करने के बाद ही अस्पताल आवश्यक सूचनाएं पोर्टल पर अपलोड कर सकेंगे।

एबीडीएम मॉडल फैसिलिटी के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाएं एकीकृत होंगी, जिससे मरीजों का यूनिक आइडेंटिफिकेशन और प्रबंधन काफी आसान हो जाएगा।

निजी अस्पतालों के लिए विशेष कार्यशाला

जयपुर स्थित सीफू (SIHFW) में आयोजित एक राज्यस्तरीय कार्यशाला में निजी अस्पतालों के प्रतिनिधियों को विस्तृत जानकारी दी गई। उन्हें बताया गया कि डिजिटल मिशन से जुड़ना उनके लिए क्यों आवश्यक है।

अतिरिक्त मिशन निदेशक डॉ. टी. शुभमंगला ने कहा कि इन मॉडल संस्थानों को एंड-टू-एंड डिजिटल सपोर्ट मिलेगा। इसमें 'स्कैन एंड शेयर' जैसी सुविधाएं शामिल होंगी, जिससे मरीजों को रजिस्ट्रेशन के लिए लंबी लाइनों में नहीं लगना पड़ेगा।

कार्यशाला में राजस्थान स्टेट हेल्थ एश्योरेंस एजेंसी के सीईओ हरजी लाल अटल और ओएसडी संतोष गोयल ने भी महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश दिए। तकनीकी सत्र में स्टेट नोडल अधिकारी विष्णुकांत ने प्रेजेंटेशन के जरिए पूरी प्रक्रिया समझाई।

स्वास्थ्य प्रबंधन में आएगी पारदर्शिता

इस नई व्यवस्था से न केवल मरीजों को फायदा होगा, बल्कि अस्पतालों के लिए भी डेटा प्रबंधन आसान हो जाएगा। डिजिटल रिकॉर्ड होने से डॉक्टरों को मरीज की पिछली बीमारियों को समझने में मदद मिलेगी।

निष्कर्षतः, राजस्थान सरकार की यह पहल राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। डिजिटल एकीकरण से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच स्वास्थ्य सेवाओं का अंतर कम होगा और इलाज में पारदर्शिता आएगी।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: