जोधपुर | समाजसेवा के क्षेत्र में एक प्रेरणादायी कदम उठाते हुए, भामाशाह समुंद्र सिंह नौसर ने श्री कल्याण मेमोरियल बालिका छात्रावास के संपूर्ण संचालन का जिम्मा एक वर्ष के लिए उठाने की घोषणा की है। उनके इस नेक कार्य के लिए आयोजित एक सम्मान समारोह में उनका अभिनंदन किया गया।
समाजसेवी ने उठाया छात्रावास का खर्च: समाजसेवी समुंद्र सिंह उठाएंगे बालिका छात्रावास का एक साल का खर्च
जोधपुर के श्री कल्याण मेमोरियल बालिका छात्रावास के एक वर्ष के संचालन का जिम्मा समाजसेवी समुंद्र सिंह नौसर ने लिया है।
HIGHLIGHTS
- समाजसेवी समुंद्र सिंह नौसर श्री कल्याण मेमोरियल बालिका छात्रावास का एक साल का खर्च उठाएंगे।
- छात्रावास का निर्माण यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने करवाया है।
- यह भवन बिना सीमेंट और आरसीसी के, केवल जोधपुरी पत्थर से बना है, जो पर्यावरण के अनुकूल है।
- मेघराज सिंह रॉयल ने समुंद्र सिंह नौसर का साफा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया।
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यह घोषणा सरदार क्लब के समीप स्थित छात्रावास में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान की गई।
इस अवसर पर यूनाइटेड ग्लोबल पीस फाउंडेशन के चेयरमैन मेघराज सिंह रॉयल ने समुंद्र सिंह नौसर का साफा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर उनका विशेष सम्मान किया।
समाजसेवा को मिला सम्मान
समारोह में कई गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे, जिन्होंने नौसर के इस कदम की सराहना की।
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उपस्थित लोगों में वासुदेव सिंह राठौड़, कर्नल बलबीर सिंह, जयश्री राठौड़, उमराव सिंह, और ओमेन्द्र सिंह नरूका शामिल थे।
इसके अतिरिक्त, मोती सिंह जोधा, फाउंडेशन के प्रबंधक मुकेश मेघवाल, सुरेंद्र सिंह, श्रवण सिंह तथा तेजपाल सिंह ने भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

बालिकाओं के भविष्य को मिलेगा संबल
मेघराज सिंह रॉयल ने इस अवसर पर कहा कि बेटियों को बेहतर शिक्षा, सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा, "ऐसे सामाजिक कार्यों में सभी वर्गों को आगे आकर सहयोग करना चाहिए। नौसर जी का यह सहयोग अनेक बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"
उन्होंने समाजसेवा में नौसर के निरंतर योगदान की प्रशंसा करते हुए उनका आभार व्यक्त किया।
अनोखी स्थापत्य कला का प्रतीक है छात्रावास
श्री कल्याण मेमोरियल बालिका छात्रावास का निर्माण मेघराज सिंह रॉयल ने अपने पिता स्वर्गीय कल्याण सिंह शेखावत की स्मृति में करवाया है।
करोड़ों रुपये की लागत से बना यह छात्रावास अपनी अनूठी स्थापत्य शैली के लिए भी जाना जाता है।
इस भवन की खासियत यह है कि इसके निर्माण में सीमेंट एवं आरसीसी का उपयोग नहीं किया गया है। इसे पूरी तरह से जोधपुरी पत्थर से बनाया गया है, जो इसे पर्यावरण के अनुकूल बनाता है।
थ्री-स्टार सुविधाओं से सुसज्जित इस आधुनिक छात्रावास का उद्घाटन कुछ समय पूर्व जोधपुर के पूर्व राजपरिवार के मुखिया गजसिंह द्वारा किया गया था।
इस पहल से न केवल बालिकाओं को एक सुरक्षित और आधुनिक आवास मिलेगा, बल्कि यह समाज के अन्य सक्षम लोगों को भी परोपकार के कार्यों के लिए प्रेरित करेगा। समुंद्र सिंह नौसर का यह कदम शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।
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