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राजस्थान में एएनटीएफ की बड़ी कार्रवाई: राजस्थान ड्रग्स केस: एएनटीएफ का बड़ा एक्शन, 2.25 करोड़ का नशा जब्त

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एएनटीएफ ने धौलपुर, भीलवाड़ा, बाड़मेर और हनुमानगढ़ में छापेमारी कर भारी मात्रा में नशीले पदार्थ जब्त किए।

HIGHLIGHTS

  • राजस्थान के चार जिलों में एएनटीएफ ने छापेमारी कर 1425 किलो डोडा-चूरा और स्मैक बरामद की।
  • भीलवाड़ा में 25 हजार के इनामी तस्कर को पकड़ने के लिए पहली बार 'स्टॉप स्टिक' तकनीक का उपयोग हुआ।
  • धौलपुर में झारखंड का तस्कर गिरफ्तार हुआ, जो फर्जी नंबर प्लेट और वर्चुअल नंबर का इस्तेमाल करता था।
  • बाड़मेर और हनुमानगढ़ में भी भारी मात्रा में नशीली टेबलेट्स और डोडा-चूरा की खेप पकड़ी गई है।
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जयपुर | राजस्थान में नशे के सौदागरों के खिलाफ एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने अब तक की सबसे बड़ी और प्रभावी कार्रवाई को अंजाम दिया है। राज्य के चार प्रमुख जिलों में यह ऑपरेशन चलाया गया।

धौलपुर, भीलवाड़ा, बाड़मेर और हनुमानगढ़ जिलों में सघन छापेमारी कर पुलिस ने भारी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए हैं। इस कार्रवाई ने अंतरराज्यीय नशा तस्करी नेटवर्क को हिलाकर रख दिया है।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 1425 किलोग्राम डोडा-चूरा, स्मैक और भारी मात्रा में नशीली टेबलेट्स बरामद की हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस खेप की कीमत लगभग 2.25 करोड़ रुपए है।

धौलपुर में पकड़ा गया झारखंड का शातिर तस्कर

एएनटीएफ के महानिरीक्षक पुलिस विकास कुमार ने बताया कि पहली बड़ी सफलता धौलपुर के निहालगंज थाना क्षेत्र में मिली। यहां टीम ने 11 क्विंटल से अधिक डोडा-चूरा से भरे एक ट्रक को जब्त किया।

पुलिस ने झारखंड निवासी तस्कर राहुल ठाकुर को मौके से गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों से होते हुए राजस्थान में नशे की सप्लाई करता था।

यह तस्कर पुलिस को चकमा देने के लिए ट्रक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाता था। वह फर्जी आधार कार्ड और वर्चुअल व्हाट्सएप नंबर का इस्तेमाल कर पुलिस की डिजिटल ट्रेसिंग से बचता रहा था।

आरोपी साल में करीब आधा दर्जन बार राजस्थान में नशे की खेप पहुंचा चुका था। इस साल उसने मारवाड़ क्षेत्र में करीब 15 करोड़ रुपए का नशीला माल सप्लाई करने की बात स्वीकार की है।

भीलवाड़ा में 'ऑपरेशन मदभावन' और हथियारों की बरामदगी

भीलवाड़ा के मांडल क्षेत्र में पुलिस ने 'ऑपरेशन मदभावन' के तहत 25 हजार रुपए के इनामी तस्कर मोहनराम को गिरफ्तार किया। उसके साथ उसका एक मुख्य सहयोगी महेंद्र भी पुलिस के हत्थे चढ़ा है।

गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने पहली बार आधुनिक 'स्टॉप स्टिक' तकनीक का इस्तेमाल किया। जब तस्करों ने कार भगाने की कोशिश की, तो इस तकनीक से टायर पंक्चर कर उन्हें तुरंत दबोच लिया गया।

तस्करों के पास से 2 अवैध पिस्टल, 7 जिंदा कारतूस, 14 लाख रुपए नकद और एक लग्जरी क्रेटा कार बरामद हुई है। आरोपी पिछले छह साल से फरार था और मणिपुर से हथियार मंगवाता था।

"एएनटीएफ की यह समन्वित कार्रवाई नशे के नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने की दिशा में एक मील का पत्थर है। हम आधुनिक तकनीक और सटीक मुखबिरी का उपयोग कर रहे हैं।"

बाड़मेर और हनुमानगढ़ में भी पुलिस का कड़ा प्रहार

बाड़मेर के सदर थाना क्षेत्र में एएनटीएफ ने 323 किलोग्राम डोडा-चूरा से भरी एक पिकअप जब्त की। हालांकि, मुख्य आरोपी जोगेंद्र पुलिस की भनक लगते ही खेत के रास्ते फरार होने में सफल रहा।

हनुमानगढ़ में भी टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर विकास नायक नाम के युवक को पकड़ा। उसके पास से स्मैक और भारी मात्रा में नशीली गोलियां बरामद की गई हैं।

तस्करों के मॉडस ऑपरेंडी का हुआ पर्दाफाश

जांच में सामने आया है कि तस्कर अब पुलिस से बचने के लिए अत्यधिक तकनीकी तरीकों का सहारा ले रहे हैं। वे वर्चुअल नंबरों के जरिए बातचीत करते हैं ताकि उनकी लोकेशन ट्रेस न हो।

एएनटीएफ अब इन तस्करों के पूरे नेटवर्क और उनके फाइनेंसिंग सोर्स की गहराई से जांच कर रही है। पुलिस का मुख्य उद्देश्य नशे की इस चेन को पूरी तरह से नष्ट करना है।

इस बड़ी कार्रवाई से राजस्थान, गुजरात और मध्यप्रदेश में सक्रिय नशा माफियाओं को बड़ा झटका लगा है। पुलिस विभाग का कहना है कि भविष्य में भी इस तरह के सख्त ऑपरेशन जारी रहेंगे।

*Edit with Google AI Studio

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