अजमेर | राजस्थान की राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने ट्रेनों में यात्रियों को अपना निशाना बनाने वाली अंतर्राज्यीय बावरी गैंग का भंडाफोड़ करने में बड़ी कामयाबी हासिल की है।
अजमेर: बावरी गैंग का पर्दाफाश: अजमेर: ट्रेनों में चोरी करने वाली बावरी गैंग का पर्दाफाश
रेलवे पुलिस ने ट्रेनों में सक्रिय अंतर्राज्यीय बावरी गैंग की महिला सदस्य को गिरफ्तार किया है।
HIGHLIGHTS
- अजमेर रेलवे पुलिस ने अंतर्राज्यीय बावरी गैंग की महिला सदस्य आरती को गिरफ्तार किया।
- आरोपी के कब्जे से चोरी के सोने के मांदलिया बरामद, जिनकी कीमत 1.80 लाख रुपये है।
- गिरोह पुष्कर में बागेश्वर धाम की कथा और अन्य भीड़भाड़ वाले इलाकों में सक्रिय था।
- पुलिस सीसीटीवी फुटेज और साइबर सेल की मदद से गैंग के अन्य 5-6 सदस्यों की तलाश कर रही है।
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पुलिस ने गैंग की एक सक्रिय महिला सदस्य को गिरफ्तार कर उसके पास से लाखों के गहने बरामद किए हैं, जिनकी बाजार में कीमत 1.80 लाख रुपये है।
सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी जांच से मिली सफलता
थानाप्रभारी फूलचंद बालोटिया ने बताया कि जीआरपी अजमेर की टीम ने रेलवे स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और साइबर सेल की तकनीकी सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की पहचान की।
पुलिस ने विशेष अभियान के तहत घेराबंदी कर पाली के फालना औद्योगिक नगर की निवासी 21 वर्षीय आरती को दबोच लिया, जिसने ट्रेन में चोरी करना स्वीकार किया है।
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आरोपी महिला ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने 25 फरवरी को ट्रेन में यात्रा कर रही एक महिला के गले से सोने का मांदलिया बड़ी चालाकी से तोड़ा था।
पुलिस ने आरोपी महिला को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेजने के आदेश दिए गए हैं। पुलिस अब अन्य सामान की बरामदगी में जुटी है।
पुष्कर के धार्मिक आयोजनों पर थी गैंग की नजर
पुलिस की गहन पूछताछ में आरती ने खुलासा किया कि उनकी गैंग पुष्कर में आयोजित बागेश्वर धाम की कथा में भी वारदातों को अंजाम देने के इरादे से आई थी।
यह गिरोह भीड़भाड़ वाले इलाकों, मेलों और धार्मिक सभाओं को अपना मुख्य ठिकाना बनाता है, जहाँ लोगों का ध्यान भटकते ही वे गहने और कीमती सामान पार कर देते हैं।
वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद गैंग के सदस्य अपने मोबाइल फोन बंद कर लेते हैं और पहचान छिपाने के लिए दूसरे राज्यों या जिलों में फरार हो जाते हैं।
आरोपी ने बताया कि गिरोह में उसके साथ 5 से 6 अन्य शातिर साथी भी शामिल हैं, जो अलग-अलग टोलियों में बंटकर वारदातों को अंजाम देते हैं।
गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी पुलिस
थानाप्रभारी ने बताया कि इस गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की विशेष टीमें लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी और दबिश की कार्रवाई कर रही हैं।
"यह एक पेशेवर अंतर्राज्यीय गिरोह है जो सुनियोजित तरीके से वारदातों को अंजाम देता है। हमने मुख्य कड़ी को पकड़ लिया है और जल्द ही पूरी गैंग सलाखों के पीछे होगी।"
इस सफल ऑपरेशन में एएसआई रमेशचंद, संजय, हेडकांस्टेबल देवेंद्र, नरोत्तम और महिला कांस्टेबल सरोज व मंजूलता सहित पूरी टीम ने तकनीकी और जमीनी स्तर पर काम किया।
पुलिस की इस कार्रवाई से रेल यात्रियों ने राहत की सांस ली है। जीआरपी अब यात्रियों को जागरूक करने के लिए स्टेशनों पर विशेष अभियान चलाने की योजना बना रही है।
यह गिरफ्तारी आने वाले समय में ट्रेनों में होने वाली चोरी की वारदातों को कम करने में सहायक सिद्ध होगी और अपराधियों में कानून का डर पैदा करेगी।
निष्कर्षतः, पुलिस की मुस्तैदी ने एक बड़े गिरोह के मंसूबों पर पानी फेर दिया है। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सफर के दौरान अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें।
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