thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

भिवाड़ी: पुलिस कस्टडी में नाबालिग की पिटाई: राजस्थान: नाबालिग को दी थर्ड डिग्री, 4 पुलिसकर्मियों पर केस

मानवेन्द्र जैतावत

भिवाड़ी में पुलिस हिरासत में नाबालिग की हालत बिगड़ी, वेंटिलेटर पर भर्ती। चार पुलिसकर्मियों पर केस।

HIGHLIGHTS

  • भिवाड़ी के यूआईटी थाने में नाबालिग को थर्ड डिग्री यातना देने का आरोप लगा है।
  • थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा सहित 4 पुलिसकर्मियों पर एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज हुआ।
  • हिरासत में पिटाई के बाद नाबालिग की हालत नाजुक है और वह वेंटिलेटर पर है।
  • नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने अस्पताल पहुंचकर पीड़ित का हाल जाना और कार्रवाई की मांग की।
rajasthan bhiwadi minor torture police sc st act case

भिवाड़ी | राजस्थान के भिवाड़ी में खाकी को शर्मसार करने वाली एक रोंगटे खड़े कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां यूआईटी थाने में एक नाबालिग को कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखकर इतनी बेरहमी से पीटा गया कि उसकी जान पर बन आई है।

पुलिस की इस बर्बरता के बाद नाबालिग की हालत चिंताजनक बनी हुई है और वर्तमान में वह जयपुर के अस्पताल में वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहा है। इस मामले ने तूल पकड़ लिया है और पूरे जिले के पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

घटना के विरोध में विभिन्न सामाजिक संगठनों और परिजनों ने थाने के बाहर जबरदस्त प्रदर्शन किया, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया। सोमवार को इस मामले में थाना प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस की बर्बरता और गंभीर आरोप

पीड़ित के परिजनों ने पुलिस पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायतकर्ता सतवीर मेघवाल के अनुसार, 20 अप्रैल को पुलिस नाबालिग को जबरन घर से उठाकर ले गई थी और उसे अवैध रूप से हिरासत में रखा गया था।

आरोप है कि हिरासत के दौरान नाबालिग को थर्ड डिग्री टॉर्चर दिया गया और उसे बुरी तरह लाठियों से पीटा गया जिससे वह गंभीर घायल हो गया। परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उसे शारीरिक और मानसिक रूप से काफी प्रताड़ित किया।

परिजनों ने बताया कि जब वे 22 अप्रैल को थाने पहुंचे तो पुलिसकर्मियों ने उन्हें नाबालिग से मिलने तक नहीं दिया। उल्टा परिजनों को डराया-धमकाया गया और थाने से बाहर निकाल दिया गया, जिसके बाद नाबालिग की हालत लगातार बिगड़ती चली गई।

थाना प्रभारी ने बाद में परिजनों को सूचित किया कि नाबालिग की तबीयत खराब होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लेकिन डॉक्टरों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे तुरंत जयपुर रेफर कर दिया, जहां वह अभी भी वेंटिलेटर पर है।

राजनीतिक उबाल और टीकाराम जूली का दौरा

इस घटना ने राजस्थान की राजनीति में भी खलबली मचा दी है। सोमवार को विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली कांग्रेस के एक बड़े प्रतिनिधिमंडल के साथ अस्पताल पहुंचे और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने का भरोसा दिया।

उन्होंने निम्स मेडिकल कॉलेज में भर्ती नाबालिग का हाल जाना और डॉक्टरों से उसके उपचार के बारे में विस्तृत चर्चा की। जूली ने अस्पताल प्रशासन को निर्देश दिए कि नाबालिग के इलाज में किसी भी तरह की कोई कमी नहीं रहनी चाहिए।

टीकाराम जूली ने इस दौरान अस्पताल के डीन से मुलाकात की और कहा कि इलाज में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने मांग की है कि इस जघन्य अपराध के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए।

पुलिस का यह व्यवहार अमानवीय और कानून का सरासर उल्लंघन है। रक्षकों द्वारा एक नाबालिग को इस कदर पीटना कि वह वेंटिलेटर पर पहुंच जाए, सभ्य समाज और लोकतंत्र के लिए एक बड़ा कलंक है।

प्रतिनिधिमंडल में खैरथल तिजारा कांग्रेस जिला अध्यक्ष बलराम यादव, विधायक रफीक खान और इमरान खान जैसे दिग्गज नेता भी शामिल रहे। इन नेताओं ने भिवाड़ी पुलिस की इस क्रूर कार्रवाई की कड़ी निंदा की और दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और जांच

भीषण जन आक्रोश को देखते हुए पुलिस विभाग ने थाना प्रभारी दारा सिंह मीणा, सिपाही गोपाल, गोविंद और पवन यादव के खिलाफ केस दर्ज किया है। इन आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है।

युवा कांग्रेस और महिला कांग्रेस की जिला इकाइयों ने भी इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। सामाजिक कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि आरोपियों की गिरफ्तारी जल्द नहीं हुई, तो वे पूरे राजस्थान में उग्र विरोध प्रदर्शन करेंगे।

यह घटना एक बार फिर पुलिस कस्टडी में होने वाली हिंसा और मानवाधिकारों के उल्लंघन की ओर इशारा करती है। प्रशासन ने मामले की उच्च स्तरीय जांच का आश्वासन दिया है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

फिलहाल नाबालिग की हालत स्थिर बनी हुई है, लेकिन पूरा प्रदेश उसके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहा है। पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई है और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की है।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: