जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए बड़े कदम उठा रही है। इसी कड़ी में मण्डियों के सुदृढ़ीकरण के लिए करोड़ों के बजट को मंजूरी दी गई है।
मण्डियों का कायाकल्प: सीएम की बड़ी सौगात: राजस्थान में कृषि मण्डियों का होगा कायाकल्प: सीएम भजनलाल शर्मा ने विकास कार्यों के लिए 87 करोड़ से अधिक की दी मंजूरी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश की कृषि उपज मण्डी समितियों के सुदृढ़ीकरण और किसानों की सुविधा के लिए 87.49 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को हरी झंडी दे दी है। इसमें मण्डियों में बुनियादी ढांचे का विकास और 781 नए किसान विश्राम स्थलों का निर्माण शामिल है।
HIGHLIGHTS
- कृषि उपज मण्डी समितियों में 40.63 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों को मिली प्रशासनिक स्वीकृति।
- प्रदेश की 116 मण्डियों में 46.86 करोड़ की लागत से बनेंगे 781 अत्याधुनिक किसान विश्राम स्थल।
- जैसलमेर, कोटा, जयपुर और बीकानेर सहित कई जिलों की मण्डियों में सुधरेगा बुनियादी ढांचा।
- मण्डियों में यार्ड निर्माण, विद्युत कार्य और सम्पर्क सड़कों के जाल से व्यापारियों और किसानों को मिलेगी राहत।
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मण्डियों का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने कृषि उपज मण्डी समितियों में विकास कार्यों के लिए 40 करोड़ 63 लाख रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की है। इससे मण्डियों का बुनियादी ढांचा आधुनिक बनेगा। इस राशि का उपयोग जैसलमेर, रायसिंहनगर, नोखा, कोटपूतली, मदनगंज-किशनगढ़ और कोटा जैसी प्रमुख मण्डियों में किया जाएगा। यहाँ यार्ड निर्माण, विद्युत व्यवस्था और सम्पर्क सड़कों का विकास होगा।
किसानों के लिए विश्राम स्थल
अन्नदाताओं की सुविधा के लिए सरकार ने 781 किसान विश्राम स्थलों के निर्माण की अभिनव पहल की है। इसके प्रथम चरण में 116 मण्डियों को कवर किया जाएगा। इन विश्राम स्थलों के निर्माण पर 46 करोड़ 86 लाख रुपये खर्च होंगे। इससे किसानों को प्रतिकूल मौसम जैसे तेज गर्मी, वर्षा और सर्दी के दौरान ठहरने में बड़ी सहूलियत मिलेगी।
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व्यापारियों और किसानों को लाभ
मण्डियों में बुनियादी सुधारों से न केवल किसानों को अपनी फसल बेचने में आसानी होगी, बल्कि व्यापारियों को भी बेहतर माहौल मिलेगा। सरकार का लक्ष्य मण्डियों को सर्वसुविधायुक्त बनाना है। यह निर्णय राज्य के कृषि विपणन क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और मण्डियों की कार्यक्षमता में व्यापक सुधार देखने को मिलेगा।