thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

ओड समाज के लिए बड़ी घोषणाएं: CM भजनलाल शर्मा का ओड समाज को तोहफा: जयपुर में बनेगा छात्रावास

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

मुख्यमंत्री ने रामदेवरा में धर्मशाला और जयपुर में छात्रावास के लिए भूमि आवंटन की घोषणा की।

HIGHLIGHTS

  • मुख्यमंत्री ने रामदेवरा में धर्मशाला और जयपुर में छात्रावास के लिए भूमि आवंटन की घोषणा की है।
  • ओड समाज के ऐतिहासिक योगदान और जल संरक्षण की कला को मुख्यमंत्री ने संवाद कार्यक्रम में सराहा।
  • श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी में 26 रुपये की वृद्धि और पेंशन योजनाओं का लाभ देने का वादा किया।
  • घुमंतू बच्चों के लिए हर जिले में 'स्कूल ऑन व्हील्स' की स्थापना की जाएगी ताकि शिक्षा सुनिश्चित हो।
rajasthan cm bhajanlal sharma oad community hostel land allocation

जयपुर | मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित 'ओड समाज संवाद' कार्यक्रम को संबोधित किया। उन्होंने समाज के गौरवशाली इतिहास और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की जमकर सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ओड समाज का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। श्रम, संस्कृति और स्वाभिमान इस समाज की पहचान है, जिसने राजस्थान की प्रगति में हमेशा अहम भूमिका निभाई है।

ओड समाज का योगदान और ऐतिहासिक कौशल

उन्होंने समाज की कुशलता की प्रशंसा करते हुए कहा कि किलों और महलों के निर्माण में ओड समाज ने अपनी कुशलता दिखाई है। इनमें जल संरचनाओं के निर्माण की अद्भुत कला मौजूद है।

राजस्थान में जल संरक्षण की परंपरा को समृद्ध बनाने में ओड समाज का उल्लेखनीय योगदान रहा है। इस समाज के पूर्वजों ने ही पानी के संसाधनों का सर्वोत्तम उपयोग करना सिखाया है।

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में समाज को बड़ी सौगात देते हुए रामदेवरा में धर्मशाला और जयपुर में छात्रावास के लिए भूमि आवंटित करने की घोषणा की। इससे समाज के युवाओं को लाभ मिलेगा।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पाकिस्तान से विस्थापित होकर आए ओड समाज के लोगों की हर संभव सहायता करेगी। उनके पुनर्वास के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

श्रमिक कल्याण और केंद्र की योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार प्रदेश में पेयजल और सिंचाई परियोजनाओं को धरातल पर उतार रही है। किसानों को दिन में बिजली देने के लिए भी ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।

"श्रमिकों का कल्याण राष्ट्र निर्माण की नींव है। श्रमिकों का सम्मान, सहूलियत और सुरक्षा ही हमारी श्रम नीति का मुख्य आधार है।"

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने महिलाओं के लिए जनधन खाता, रसोई गैस, हर घर नल से जल और लखपति दीदी जैसी अनेक योजनाएं चलाई हैं, जिनका लाभ समाज के हर वर्ग को मिल रहा है।

किसानों को सम्मान निधि और जरूरतमंदों को खाद्य सुरक्षा एवं मुफ्त इलाज का लाभ मिल रहा है। हम विकसित भारत और विकसित राजस्थान 2047 के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

पेंशन और सामाजिक सुरक्षा के नए आयाम

प्रधानमंत्री ने श्रम योगी मान-धन जैसी पेंशन योजना शुरू कर असंगठित श्रमिकों को सहारा दिया है। राजस्थान में इसमें 27 हजार से अधिक श्रमिकों का सफल पंजीकरण हुआ है।

सरकार ने चार नई श्रम संहिताएं लागू कर श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम वेतन, समय पर भुगतान और सुरक्षित कार्यस्थल की सुनिश्चितता की है, जो एक ऐतिहासिक कदम है।

पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत 18 ट्रेड के दस्तकारों को 5 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण दिया जा रहा है। अब तक 2 लाख से अधिक लाभार्थियों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है।

श्रमिकों, स्ट्रीट वेंडर्स और लोक कलाकारों के लिए 'मुख्यमंत्री विश्वकर्मा पेंशन योजना' शुरू की गई है। इसमें 60 वर्ष की आयु के बाद 3 हजार रुपये मासिक पेंशन का प्रावधान है।

शिक्षा और घुमंतू समुदाय का सशक्तिकरण

राज्य सरकार ने श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी में 26 रुपये की वृद्धि की है। विभिन्न योजनाओं में करीब 9 लाख श्रमिकों को 980 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है।

लगभग 20 लाख श्रमिकों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण किया गया है। वहीं, युवाओं के कल्याण और रोजगार के अवसरों में वृद्धि के लिए 'श्रम-सेतु' मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के विद्यार्थियों को कक्षा 8 उत्तीर्ण करने पर जन्म प्रमाण पत्र के साथ ही जाति प्रमाण पत्र प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।

घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू समुदायों के उत्थान के लिए 'दादूदयाल घुमंतू सशक्तीकरण योजना' लागू की गई है। शहरी क्षेत्रों में इन समुदायों के लोगों को करीब डेढ़ हजार पट्टे जारी किए गए हैं।

स्कूल ऑन व्हील्स और छात्रवृत्ति योजनाएं

मजदूर वर्ग के बच्चों के लिए हर जिले में 'स्कूल ऑन व्हील्स' स्थापित किया जाएगा। इससे घुमंतू समुदायों के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने में बड़ी मदद मिलेगी।

ओबीसी उत्तर मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के तहत 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों को 80 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति दी गई है। शिक्षा के क्षेत्र में सरकार कोई कमी नहीं छोड़ेगी।

महात्मा ज्योतिबा फूले मंडी श्रमिक कल्याण योजना के तहत मंडी श्रमिकों की बेटियों के विवाह के लिए सहायता राशि बढ़ाकर 75 हजार रुपये कर दी गई है, जो सराहनीय है।

लघु और सीमांत किसानों के बच्चों के लिए राजकीय महाविद्यालयों में शिक्षण शुल्क माफ किया गया है। मुख्यमंत्री ने ओड समाज के युवाओं से कौशल प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बनने की अपील की।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इन ऐतिहासिक निर्णयों से ओड समाज के साथ-साथ राजस्थान के समस्त श्रमिक वर्ग के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की प्रबल संभावना है।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: