जोधपुर | राजस्थान हाईकोर्ट ने लगभग 20 लाख निवेशकों से जुड़े बहुचर्चित आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड घोटाले में एक ऐतिहासिक आदेश दिया है। अदालत ने मामलों के त्वरित समाधान और निवेशकों को उनका पैसा वापस दिलाने के लिए एक उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
आदर्श क्रेडिट घोटाला: बड़ी राहत: आदर्श क्रेडिट घोटाला: पूर्व CJI की समिति निवेशकों को पैसा दिलाएगी
राजस्थान हाईकोर्ट ने आदर्श क्रेडिट घोटाले में पूर्व CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता में एक समिति बनाई है। यह समिति 20 लाख निवेशकों को 25,000 करोड़ रुपये वापस दिलाने का काम करेगी।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान हाईकोर्ट ने आदर्श क्रेडिट घोटाले में पूर्व CJI संजीव खन्ना की अध्यक्षता में समिति बनाई।
- यह घोटाला लगभग 25,000 करोड़ रुपये का है, जिससे करीब 20 लाख निवेशक प्रभावित हैं।
- समिति की पहली बैठक 5 अगस्त 2026 को होगी, जिसका उद्देश्य निवेशकों का पैसा लौटाना है।
- केंद्र सरकार समिति को वित्तीय और प्रशासनिक सहायता प्रदान करेगी।
संबंधित खबरें
आदर्श क्रेडिट घोटाला: निवेशकों के लिए उम्मीद की नई किरण
नौरतमल कुमावत की याचिका पर सुनवाई करते हुए, अदालत ने निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (सेवानिवृत्त) न्यायमूर्ति संजीव खन्ना की अध्यक्षता में इस समिति का गठन किया है। इस फैसले से वर्षों से अपनी जमा पूंजी का इंतजार कर रहे लाखों निवेशकों में धनवापसी की नई उम्मीद जगी है।
कितना बड़ा है यह घोटाला?
यह घोटाला लगभग 25,000 करोड़ रुपये का बताया गया है, जिसमें करीब 10,000 करोड़ रुपये मूलधन और 15,000 करोड़ रुपये ब्याज के रूप में शामिल हैं।
संबंधित खबरें
साल 2018 में यह मामला सामने आया था और तब से लगभग 20 लाख छोटे निवेशक, जमाकर्ता और पेंशनभोगी अपने पैसे वापस मिलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
समिति की संरचना और कार्यप्रणाली
गठित की गई उच्च स्तरीय समिति की अध्यक्षता पूर्व CJI संजीव खन्ना करेंगे। समिति की पहली बैठक 5 अगस्त 2026 को सुबह 11:00 बजे आयोजित की जाएगी।
इस पहली बैठक में, आधिकारिक परिसमापक श्री एच.एस. पटेल समिति के समक्ष मामले से जुड़े प्रारंभिक विवरण और आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करेंगे।
केंद्र सरकार और पूर्व प्रबंधन की भूमिका
हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से मल्टी-स्टेट कोऑपरेटिव सोसाइटीज एक्ट की धारा 122 के तहत समिति को आवश्यक वित्तीय, लॉजिस्टिक और प्रशासनिक सहायता प्रदान करने की अपेक्षा की है।
इसके साथ ही, आदर्श क्रेडिट के पूर्व प्रबंधन एवं पदाधिकारियों ने भी अदालत को यह भरोसा दिया है कि वे निवेशकों की राशि लौटाने की प्रक्रिया में समिति को पूर्ण सहयोग देंगे।
अदालत के अन्य महत्वपूर्ण निर्देश
अदालत ने अपने आदेश में सिरोही स्थित भूमि खसरा संख्या 1052 एवं अन्य सभी संपत्तियों पर यथास्थिति बनाए रखने के दिनांक 09.07.2026 के आदेश को भी यथावत रखा है।
गौरतलब है कि इस मामले में जमाकर्ताओं के संगठन NCCMWS की ओर से न्यायालय में प्रभावी ढंग से पैरवी की गई थी, जिसके बाद यह महत्वपूर्ण फैसला आया है।
*Edit with Google AI Studio