बाड़मेर | राजस्थान कांग्रेस में एक बार फिर पुराने और नए चेहरों के बीच की बहस तेज हो गई है। इस बार इस चर्चा को हवा दी है मारवाड़ के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री हेमाराम चौधरी ने। 78 वर्षीय नेता ने एक इंटरव्यू में जो कहा, उससे कांग्रेस के गलियारों में हलचल मच गई है।
हेमाराम का गहलोत को संदेश!: हेमाराम चौधरी का बड़ा बयान, गहलोत को दी संन्यास की सलाह?
78 वर्षीय कांग्रेस नेता ने कहा- 'अब हमारी उम्र हो चुकी है, नए लोगों को आगे आने दिया जाए।'
HIGHLIGHTS
- वरिष्ठ कांग्रेस नेता हेमाराम चौधरी ने पार्टी में पीढ़ीगत बदलाव की वकालत की है।
- उन्होंने पूर्व सीएम अशोक गहलोत को आत्मचिंतन करने का सुझाव दिया।
- चौधरी ने कहा कि पुराने नेताओं को अब युवाओं के लिए रास्ता बनाना चाहिए।
- उन्होंने खुद हरीश चौधरी और उम्मेदाराम बेनीवाल को आगे बढ़ाने का उदाहरण दिया।
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'गहलोत को सलाह देने की हैसियत नहीं'
जब हेमाराम चौधरी से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सलाह देने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने विनम्रता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि गहलोत तीन बार के मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं, उन्हें सलाह देने की उनकी हैसियत नहीं है।
हालांकि, इसी विनम्रता के साथ उन्होंने एक बड़ा राजनीतिक संदेश भी दे दिया। चौधरी ने कहा कि यह अब गहलोत को खुद सोचना और आत्मचिंतन करना है कि आगे क्या करना है।
उनका यह बयान सीधे तौर पर राजस्थान कांग्रेस के स्थापित और वरिष्ठ नेताओं के लिए एक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। यह इशारा नेतृत्व हस्तांतरण की ओर था।
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राजनीति में आत्मचिंतन का समय
हेमाराम चौधरी ने स्पष्ट किया कि राजनीति में एक समय आता है जब एक नेता को अपनी भूमिका पर फिर से विचार करना पड़ता है। यह समय अगली पीढ़ी के भविष्य को ध्यान में रखकर बड़े फैसले लेने का होता है।
उनके इस बयान ने राजस्थान की आगामी संगठनात्मक राजनीति के लिए एक नई बहस छेड़ दी है। कई लोग इसे पीढ़ीगत बदलाव की मांग के तौर पर देख रहे हैं।
'हम कब तक सेवा करते रहेंगे?'
अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए 78 वर्षीय नेता ने अपनी उम्र का हवाला दिया। उन्होंने एक भावुक लेकिन व्यावहारिक सवाल उठाया।
हमारी उम्र अब पूरी तरह से हो चुकी है। आखिर कब तक और किस उम्र तक हम जनता और कांग्रेस पार्टी की अग्रिम पंक्ति में रहकर सेवा करते रहेंगे?
उन्होंने कहा कि अब सही समय आ गया है कि पुराने लोग थोड़ा पीछे हटें। नए और ऊर्जावान चेहरों को संगठन और सत्ता में आगे आने का पूरा मौका मिलना चाहिए।
खुद दिया युवाओं को मौका
हेमाराम चौधरी ने सिर्फ बातें नहीं कीं, बल्कि अपनी बात को साबित करने के लिए बाड़मेर की राजनीति से उदाहरण भी दिए। उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने खुद चुनावी राजनीति से पीछे हटने का फैसला किया।
उन्होंने कहा, "मैंने खुद विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया और अपनी जगह हरीश चौधरी को मजबूती से तैयार किया।"
इसके अलावा, उन्होंने हाल ही में लोकसभा चुनाव जीते उम्मेदाराम बेनीवाल का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कैसे पार्टी ने उन्हें आगे बढ़ाकर संसद तक पहुंचाया।
हेमाराम चौधरी का यह बयान उन नेताओं के लिए एक बड़ी नसीहत है जो उम्र के बावजूद पदों की दौड़ में बने रहते हैं। उनका यह साफ संदेश है कि कांग्रेस को अगर भविष्य में मजबूत होना है तो उसे युवाओं पर भरोसा करना होगा और उन्हें नेतृत्व की भूमिका में लाना होगा। फिलहाल उनका यह बयान सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।
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