जयपुर | राजस्थान सरकार ने राज्य में घरेलू पाइपलाइन गैस (डीपीएनजी) के नेटवर्क को विस्तार देने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। मुख्य सचिव श्री वी. श्रीनिवास ने इस संबंध में विशेष निर्देश जारी किए हैं। सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने सिटी गैस डिस्ट्रिब्यूशन (सीजीडी) संस्थाओं को सक्रिय होने को कहा है। उन्होंने प्रतिदिन औसतन 2500 से 3000 परिवारों को जोड़ने का लक्ष्य दिया है।
राजस्थान में घर-घर पहुंचेगी पाइपलाइन गैस: राजस्थान में पाइपलाइन गैस कनेक्शन में आएगी तेजी: मुख्य सचिव ने दिए प्रतिदिन 3000 नए डीपीएनजी कनेक्शन के निर्देश
मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने राजस्थान में घरेलू गैस पाइपलाइन (डीपीएनजी) सुविधाओं के विस्तार के लिए कड़े निर्देश दिए हैं। उन्होंने सीजीडी संस्थाओं को प्रतिदिन औसतन 2500 से 3000 नए कनेक्शन देने का लक्ष्य सौंपा है ताकि अधिक से अधिक परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा का लाभ मिल सके।
HIGHLIGHTS
- प्रतिदिन 2500 से 3000 परिवारों को डीपीएनजी कनेक्शन से जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
- अगले तीन महीनों में पीएनजी कनेक्शनों की संख्या 1.25 लाख से बढ़ाकर 5 लाख की जाएगी।
- जिला कलेक्टरों को जनजागरूकता अभियान चलाकर लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए।
- औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों को भी अनिवार्य रूप से पाइपलाइन गैस से जोड़ा जाएगा।
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डीपीएनजी सेवाओं का विस्तार प्राथमिकता
मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि जिन क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा तैयार हो चुका है, वहां परिवारों को तुरंत कनेक्शन दिए जाएं। यह केंद्र और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बैठक में 13 सीजीडी संस्थाओं के शीर्ष अधिकारियों और स्थानीय प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। मुख्य सचिव ने डीपीएनजी संरचना की वर्तमान स्थिति और भविष्य की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की।
जिला कलेक्टरों की भूमिका
श्री वी. श्रीनिवास ने जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे जमीनी स्तर पर जनजागरूकता अभियान चलाएं। नागरिकों को एलपीजी के मुकाबले डीपीएनजी के लाभों के बारे में विस्तार से बताया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि लोगों को यह समझाना जरूरी है कि डीपीएनजी सस्ती और सुरक्षित है। यह 24×7 उपलब्ध रहती है और इसमें सिलेंडर बुकिंग या खत्म होने का कोई झंझट नहीं रहता।
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तीन महीने में बड़ा लक्ष्य
अतिरिक्त मुख्य सचिव (माइंस एवं पेट्रोलियम) श्रीमती अपर्णा अरोरा ने बैठक में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि विभाग द्वारा 17 भौगोलिक क्षेत्रों में नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है। सरकार ने अगले तीन महीनों में पीएनजी कनेक्शनों की संख्या को 1.25 लाख से बढ़ाकर 5 लाख करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। इसके लिए सभी संस्थाओं को अपनी कार्यक्षमता बढ़ाने को कहा गया है।
स्वच्छ और हरित ऊर्जा पर जोर
मुख्य सचिव ने कहा कि पाइपलाइन गैस न केवल सुरक्षित है बल्कि यह स्वच्छ और हरित ऊर्जा का एक बेहतरीन स्रोत है। इससे पर्यावरण संरक्षण में भी बड़ी मदद मिलेगी। केवल घरेलू ही नहीं, बल्कि औद्योगिक और व्यावसायिक इकाइयों को भी प्राकृतिक गैस से जोड़ा जाएगा। इससे उद्योगों की लागत कम होगी और प्रदूषण नियंत्रण में भी सहायता मिलेगी।
बैठक में शामिल प्रमुख अधिकारी
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के सचिव श्री अम्बरीश कुमार ने पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि राज्य स्तर पर इसकी निरंतर समीक्षा की जा रही है। बैठक में राजस्थान स्टेट गैस के प्रबंध निदेशक श्री रणवीर सिंह, संयुक्त सचिव अरविन्द सारस्वत और निदेशक अवधेश सिंह भी उपस्थित थे। सभी ने गैस वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाने पर सहमति जताई।
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