जयपुर | राजस्थान की भजनलाल सरकार ने प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की है कि अब दौसा और करौली जिलों के किसानों को भी खेती के लिए दिन के समय बिजली उपलब्ध कराई जाएगी।
राजस्थान: 24 जिलों के किसानों को दिन में बिजली: राजस्थान सरकार का बड़ा फैसला: अब दौसा और करौली के किसानों को भी दिन में मिलेगी बिजली, 24 जिलों तक पहुँचा लाभ
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दौसा और करौली के किसानों के लिए दिन में बिजली आपूर्ति की बड़ी घोषणा की है। इससे प्रदेश के 24 जिलों के किसानों को रात की ठिठुरन और जंगली जानवरों के डर से मुक्ति मिलेगी।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान के 24 जिलों में अब किसानों को सिंचाई के लिए दिन के दो ब्लॉक में बिजली मिलेगी।
- दौसा और करौली जिले के 87,801 कृषि उपभोक्ताओं को इस नई व्यवस्था का सीधा लाभ मिलेगा।
- मुख्यमंत्री का संकल्प है कि वर्ष 2027 तक प्रदेश के सभी जिलों में दिन में बिजली दी जाएगी।
- विद्युत तंत्र को मजबूत करने के लिए दौसा और करौली में नए ग्रिड सब स्टेशन और सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किए गए हैं।
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24 जिलों में दिन में बिजली की आपूर्ति
मुख्यमंत्री ने सोमवार रात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' के माध्यम से इस बड़ी सौगात की जानकारी दी। इस निर्णय के साथ ही अब राजस्थान के कुल 24 जिलों में कृषि उपभोक्ताओं को दिन के दो ब्लॉक में निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने का महत्वाकांक्षी संकल्प लिया है। इस लक्ष्य को चरणबद्ध तरीके से वर्ष 2027 तक पूरा करने की योजना बनाई गई है, जिसकी शुरुआत बजट घोषणाओं के साथ हुई थी।
इन जिलों के किसानों को मिल रहा है लाभ
वर्तमान में जयपुर डिस्कॉम के धौलपुर, बूंदी, कोटा, झालावाड़, जयपुर, डीग और भरतपुर के किसानों को दिन में बिजली मिल रही है। अब इस गौरवशाली सूची में दौसा और करौली के नाम भी आधिकारिक रूप से जुड़ गए हैं। अजमेर डिस्कॉम के अंतर्गत अजमेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, डीडवाना-कुचामन, उदयपुर, सलूम्बर, राजसमंद, बांसवाड़ा, झुन्झुनूं, सीकर, चित्तौड़गढ़ और डूंगरपुर जिलों में भी यह सुविधा पहले से ही प्रभावी ढंग से संचालित की जा रही है। जोधपुर डिस्कॉम के जालौर, सिरोही और पाली जिलों के किसानों को भी दिन के दो ब्लॉक में बिजली की आपूर्ति की जा रही है। सरकार का प्रयास है कि धीरे-धीरे पूरे प्रदेश के हर जिले को इस दायरे में लाया जाए।
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मजबूत हुआ बुनियादी ढांचा
दौसा और करौली में इस व्यवस्था को लागू करने के लिए विद्युत तंत्र को काफी मजबूत किया गया है। दौसा में 18 और करौली में 6 नए 33 केवी ग्रिड सब स्टेशन (GSS) स्थापित किए गए हैं, जो आपूर्ति को स्थिर बनाएंगे। इसके अतिरिक्त, दौसा के 47 सब स्टेशनों और करौली के 15 सब स्टेशनों पर ट्रांसफार्मरों की क्षमता में भारी वृद्धि की गई है। इससे बिजली के लोड को संभालने और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने में काफी मदद मिलेगी।
पीएम कुसुम योजना का योगदान
दोनों जिलों में पीएम कुसुम योजना के अंतर्गत 32 मेगावाट क्षमता के 17 सौर ऊर्जा संयंत्र भी लगाए गए हैं। यह कदम हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने और किसानों को बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा प्रयास है।
किसानों को मिलेंगे ये बड़े लाभ
इस नई व्यवस्था से दौसा के 52,460 और करौली के 35,341 किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। अब उन्हें कड़ाके की ठंड या भारी बारिश के मौसम में रात को खेतों में जाकर सिंचाई करने की मजबूरी नहीं रहेगी। रात में सिंचाई के दौरान होने वाले जंगली जानवरों के खतरों से भी किसानों को पूर्ण सुरक्षा मिलेगी। इसके साथ ही, किसान अब रात का समय अपने परिवार के साथ सुकून से बिता सकेंगे, जिससे उनका सामाजिक और पारिवारिक जीवन बेहतर होगा।
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