thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

तारबंदी से बदली किसान की किस्मत: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की योजना से किसान हुए खुशहाल

जयपुर के किसान मुकेश कुमार को तारबंदी योजना से मिला 40 हजार का अनुदान, फसल हुई पूरी तरह सुरक्षित।

HIGHLIGHTS

  • जयपुर के हस्तेड़ा गांव में ग्रामरथ अभियान के तहत किसानों को योजनाओं की जानकारी दी गई।
  • किसान मुकेश कुमार जाट को तारबंदी योजना के तहत 40 हजार रुपये का सरकारी अनुदान मिला।
  • तारबंदी के बाद अब आवारा पशुओं से फसल पूरी तरह सुरक्षित है और उत्पादन में काफी सुधार हुआ है।
  • मुकेश ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार जताते हुए अन्य किसानों से लाभ लेने की अपील की।
rajasthan farmers fencing scheme success story jaipur

जयपुर | राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देश पर प्रदेश में जनकल्याणकारी योजनाओं को ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए ग्रामरथ अभियान चलाया जा रहा है। जयपुर के गोविंदगढ़ स्थित ग्राम पंचायत हस्तेड़ा में इस अभियान के सुखद परिणाम सामने आए हैं।

किसान मुकेश कुमार की सफलता की कहानी

हस्तेड़ा गांव के निवासी मुकेश कुमार जाट ने कृषि विभाग की तारबंदी (फेंसिंग) योजना के तहत आवेदन किया था। इस योजना के माध्यम से उन्हें अपनी खेती को सुरक्षित बनाने के लिए लगभग 40 हजार रुपये का सरकारी अनुदान प्राप्त हुआ।

मुकेश बताते हैं कि पहले उनकी फसल को आवारा पशुओं से बहुत ज्यादा नुकसान होता था। इससे न केवल उनका उत्पादन गिर रहा था, बल्कि उनकी मेहनत की कमाई भी बर्बाद हो रही थी। लेकिन अब स्थिति बदल गई है।

पहले मुझे रात-रात भर जागकर खेत की रखवाली करनी पड़ती थी। अब खेत के चारों ओर मजबूत तारबंदी होने से मैं निश्चिंत हूं और दूसरे कार्यों पर बेहतर ध्यान दे पा रहा हूं।

फसल सुरक्षा से बढ़ी आय और गुणवत्ता

तारबंदी होने के बाद अब मुकेश की फसल पूरी तरह सुरक्षित है। इससे फसल के नुकसान में भारी कमी आई है और उत्पादन की गुणवत्ता में भी सुधार हुआ है। किसान की आय में वृद्धि होने से उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव आया है।

मुकेश कुमार जाट ने इस महत्वपूर्ण मदद के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राजस्थान सरकार का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने क्षेत्र के अन्य किसानों से भी अपील की है कि वे आगे आएं और इन योजनाओं का लाभ उठाएं।

ग्रामरथ अभियान के माध्यम से सरकार की कोशिश है कि अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। मुकेश जैसे हजारों किसान आज सरकारी योजनाओं के जरिए आत्मनिर्भर और समृद्ध बन रहे हैं।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: