thinQ360
thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

राजस्थान में सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ जंग: राजस्थान सरकार का बड़ा कदम: 14 साल की बेटियों को लगेगा सर्वाइकल कैंसर का टीका, जानें कैसे होगा रजिस्ट्रेशन और क्या है फायदे

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

राजस्थान में सर्वाइकल कैंसर से बेटियों को बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान में तेजी लाई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने 14 वर्ष की बालिकाओं के लिए यू-विन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन और निशुल्क टीकाकरण के निर्देश दिए हैं।

HIGHLIGHTS

  • 14 वर्ष की बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाने के लिए निशुल्क एचपीवी टीका लगाया जाएगा।
  • लाभार्थियों को यू-विन (U-Win) ऑनलाइन सॉफ्टवेयर पर पंजीकरण करना अनिवार्य होगा।
  • अब तक प्रदेश में 2795 सत्रों के माध्यम से 7720 बालिकाओं का टीकाकरण हो चुका है।
  • भारत में महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे सामान्य कैंसर है।
rajasthan hpv vaccination campaign cervical cancer prevention

जयपुर | राजस्थान सरकार ने प्रदेश की बेटियों के स्वास्थ्य को लेकर एक बहुत ही महत्वपूर्ण फैसला लिया है। अब राज्य में बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय कैंसर) जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए एचपीवी टीकाकरण अभियान को नई रफ्तार दी जाएगी। यह खबर हर उस परिवार के लिए राहत भरी है, जिनकी बेटियां अभी बढ़ती उम्र में हैं। हाल ही में जयपुर के स्वास्थ्य भवन में एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई गई। इस 'स्टेट टॉस्क फोर्स' की बैठक की अध्यक्षता मिशन निदेशक एनएचएम जोगाराम ने की। बैठक का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि राज्य की हर पात्र बालिका को यह जीवनरक्षक टीका समय पर मिल सके।

यू-विन पोर्टल पर कैसे होगा रजिस्ट्रेशन?

सरकार ने इस टीकाकरण प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और डिजिटल बना दिया है। इसके लिए 'यू-विन' (U-Win) नाम का एक विशेष ऑनलाइन सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है। 14 वर्ष की उम्र की सभी बालिकाओं का इस पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करवाना अनिवार्य होगा। एक बार रजिस्ट्रेशन होने के बाद, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इन सत्रों में पंजीकृत बालिकाओं को एचपीवी का प्रतिरक्षक टीका लगाया जाएगा। यह पूरी प्रक्रिया वैज्ञानिक मापदंडों के अनुसार पूरी की जाएगी।

क्यों जरूरी है एचपीवी का टीका?

क्या आप जानते हैं कि सर्वाइकल कैंसर महिलाओं को प्रभावित करने वाली सबसे घातक बीमारियों में से एक है? वैश्विक स्तर पर देखा जाए तो करीब 99 प्रतिशत मामले 'ह्यूमन पैपिलोमा वायरस' यानी एचपीवी संक्रमण के कारण होते हैं। भारत में स्थिति और भी चिंताजनक है। यहां महिलाओं में स्तन कैंसर के बाद सर्वाइकल कैंसर दूसरा सबसे सामान्य कैंसर माना जाता है। ऐसे में समय पर टीकाकरण ही इस बीमारी को जड़ से खत्म करने का सबसे प्रभावी तरीका है।

मुफ्त और पूरी तरह सुरक्षित है टीका

अक्सर लोग नए टीकों को लेकर थोड़े आशंकित रहते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने साफ किया है कि यह टीका पूरी तरह सुरक्षित है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा उपलब्ध कराया गया यह टीका वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और बेहद प्रभावी है। सबसे अच्छी बात यह है कि सरकार इस अभियान के तहत यह टीका बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध करा रही है। प्राइवेट अस्पतालों में यह काफी महंगा होता है, लेकिन सरकारी केंद्रों पर यह मुफ्त है ताकि हर वर्ग की बेटी को सुरक्षा मिल सके।

समाज में जागरूकता की लहर

इस अभियान को सफल बनाने के लिए केवल स्वास्थ्य विभाग ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभाग भी कंधे से कंधा मिलाकर काम करेंगे। शिक्षा विभाग स्कूलों के माध्यम से लड़कियों और उनके माता-पिता को इस बारे में जानकारी देगा। वहीं, महिला एवं बाल विकास विभाग और पंचायती राज विभाग ग्रामीण इलाकों में जागरूकता फैलाएंगे। मिशन निदेशक ने निर्देश दिए हैं कि समुदाय में फैले किसी भी तरह के भ्रम या मिथक को दूर करने के लिए रचनात्मक प्रयास किए जाएं।

अब तक की शानदार प्रगति

राजस्थान में इस अभियान के तहत अब तक 2795 टीकाकरण सत्र आयोजित किए जा चुके हैं। इन सत्रों के माध्यम से 7720 बालिकाओं को सुरक्षित तरीके से एचपीवी के टीके लगाए गए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही, राज्य में 0 से 2 वर्ष तक के बच्चों के लिए चलने वाले नियमित टीकाकरण कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। राजस्थान में वर्तमान में नियमित टीकाकरण की दर 90 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो स्वास्थ्य क्षेत्र में एक बड़ी कामयाबी है।

सहयोगी संस्थाओं का साथ

इस महत्वपूर्ण बैठक में चिकित्सा शिक्षा विभाग के साथ-साथ डब्ल्यूएचओ (WHO), यूनिसेफ (UNICEF) और निपी (NIPI) जैसी अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। इन संस्थाओं के सहयोग से अभियान की पहुंच दूर-दराज के गांवों तक सुनिश्चित की जाएगी। सरकार की इस पहल का उद्देश्य केवल टीका लगाना नहीं, बल्कि एक स्वस्थ भविष्य का निर्माण करना है। अगर हम आज अपनी बेटियों को टीका लगवाते हैं, तो हम उन्हें कैंसर मुक्त भविष्य का सबसे बड़ा उपहार देते हैं।

शेयर करें:

ताज़ा खबरें