जयपुर | आपकी इंसानियत और दूसरों की मदद करने का जज्बा अब आपके लिए सबसे बड़ी मुसीबत बन सकता है। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन या किसी भीड़भाड़ वाले पार्क में खड़ा कोई अजनबी अगर आपसे 'इमरजेंसी कॉल' के लिए फोन मांगे, तो सावधान हो जाइए।
राजस्थान पुलिस ने एक ऐसे ही खतरनाक साइबर फ्रॉड को लेकर राज्यभर में अलर्ट जारी किया है। ठग अब तकनीक के साथ-साथ आपकी भावनाओं से भी खेल रहे हैं। आपकी एक छोटी सी मदद की कोशिश आपको लाखों का चूना लगा सकती है।
कल्पना कीजिए, आप जयपुर के किसी व्यस्त रेलवे स्टेशन पर खड़े हैं और अपनी ट्रेन का इंतजार कर रहे हैं। तभी एक बहुत ही सभ्य दिखने वाला व्यक्ति आपके पास आता है। वह घबराया हुआ दिखता है और कहता है कि उसका फोन बंद हो गया है।
फोन दिया तो बैंक खाता खाली: सावधान! अजनबी को फोन देना पड़ सकता है भारी, राजस्थान पुलिस ने बताया कैसे 'बैटरी डेड' के बहाने खाली हो रहे हैं बैंक खाते
राजस्थान पुलिस ने एक नए साइबर फ्रॉड को लेकर अलर्ट जारी किया है। ठग 'इमरजेंसी कॉल' के बहाने आपका फोन मांगकर कॉल फॉरवर्डिंग कोड एक्टिवेट कर देते हैं और फिर बैंक खाता साफ कर देते हैं।
HIGHLIGHTS
- साइबर ठग अब आपकी मदद करने की भावना और 'इमरजेंसी' का बहाना बनाकर बैंक खाते साफ कर रहे हैं।
- अजनबी 'बैटरी डेड' होने का नाटक कर फोन मांगते हैं और चुपके से कॉल फॉरवर्डिंग कोड डायल कर देते हैं।
- राजस्थान पुलिस ने चेतावनी दी है कि कॉल फॉरवर्ड होने पर आपके सारे बैंक OTP और मैसेज ठगों के पास पहुंच जाते हैं।
- अगर फोन फॉरवर्डिंग पर है तो तुरंत ##002# डायल करें और ठगी होने पर 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें।
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'बैटरी डेड' का बहाना और ठगी का खेल
वह आपसे विनती करता है, "भाई साहब, मेरी मां अस्पताल में हैं, एक बहुत जरूरी कॉल करना है। मेरे फोन की बैटरी डेड हो गई है, बस एक मिनट के लिए अपना फोन दे दीजिए।" आप उसकी हालत देखकर भावुक हो जाते हैं।
आप मानवता के नाते अपना अनलॉक फोन उसे थमा देते हैं। यहीं से ठगों का असली खेल शुरू होता है। वह व्यक्ति फोन कान पर लगाता है, लेकिन असल में वह किसी को कॉल नहीं कर रहा होता है।
वह चुपके से आपके फोन के डायलर में जाकर *21* या *#21# और अपना मोबाइल नंबर डायल कर देता है। यह एक कोड है जो आपके फोन की कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग को एक्टिवेट कर देता है।
कैसे खाली होता है आपका बैंक खाता?
जैसे ही यह कोड एक्टिवेट होता है, आपके फोन पर आने वाले सारे कॉल, बैंक के OTP, UPI नोटिफिकेशन और व्हाट्सएप मैसेज सीधे ठग के फोन पर फॉरवर्ड होने लगते हैं। आपको पता भी नहीं चलता और आपका फोन आपके पास ही रहता है।
इसके बाद ठग आपके बैंक खाते या डिजिटल वॉलेट का एक्सेस हासिल कर लेता है। चूंकि सारे OTP अब उसके पास जा रहे हैं, वह पलक झपकते ही आपके खाते से पैसे ट्रांसफर कर लेता है।
राजस्थान पुलिस के DGP राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर क्राइम ब्रांच ने इस पर सख्त एडवाइजरी जारी की है। पुलिस का कहना है कि अनजान व्यक्ति को अपना अनलॉक फोन कभी भी हाथ में न दें।
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मदद करें लेकिन सावधानी के साथ
अगर आपको लगता है कि सामने वाला वाकई परेशानी में है, तो उसकी मदद जरूर करें। लेकिन फोन उसके हाथ में देने के बजाय खुद नंबर डायल करें और स्पीकर ऑन करके बात करवाएं। फोन हमेशा अपने हाथ में ही रखें।
पुलिस के मुताबिक, ठग अब और भी शातिर हो गए हैं। कुछ मामलों में वे फोन में बात करने के बहाने स्पाईवेयर या मैलवेयर लिंक भी भेज देते हैं। इससे आपके फोन के कॉन्टैक्ट्स और चैट्स का कंट्रोल उनके पास चला जाता है।
इसके बाद वे आपके रिश्तेदारों को फर्जी मैसेज भेजकर पैसे की मांग करते हैं। राजस्थान में इस तरह की ठगी के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषकर बस अड्डों और टूरिस्ट जगहों पर ऐसे गिरोह सक्रिय हैं।
पुलिस की सलाह और सुरक्षा के उपाय
राजस्थान पुलिस ने जनता से अपील की है कि वे समय-समय पर अपने फोन की जांच करते रहें। आप *#21# डायल करके यह चेक कर सकते हैं कि कहीं आपकी कॉल फॉरवर्डिंग तो चालू नहीं है।
अगर आपको स्क्रीन पर कोई अनजान नंबर फॉरवर्डिंग मोड में दिखता है, तो घबराएं नहीं। इसे तुरंत बंद करने के लिए अपने फोन से ##002# डायल करें। इससे सभी तरह की फॉरवर्डिंग सेवाएं तुरंत बंद हो जाएंगी।
यह जागरूकता अभियान 'Cyber Dost' कैंपेन का हिस्सा है। पुलिस का कहना है कि जागरूकता ही साइबर अपराध से बचने का सबसे बड़ा हथियार है। अगर आपके साथ कोई धोखाधड़ी होती है, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें।
बढ़ते साइबर फ्रॉड पर सख्त रुख
राजस्थान हाईकोर्ट ने भी हाल ही में डिजिटल अरेस्ट और साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों पर चिंता जताई है। कोर्ट ने केंद्र और राज्य सरकार को इस संबंध में सख्त कदम उठाने और जन-जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।
साल 2025 में अब तक राजस्थान में साइबर ठगी के जरिए करोड़ों रुपए लूटे जा चुके हैं। पुलिस अब हर हफ्ते नए-नए तरीकों पर अलर्ट जारी कर रही है ताकि आम जनता को ठगी से बचाया जा सके।
याद रखें, मदद करना हमारी संस्कृति का हिस्सा है, लेकिन आपकी सुरक्षा आपकी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना डिजिटल एक्सेस देना आपको भारी वित्तीय संकट में डाल सकता है।
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