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राजस्थान: 18 पीटीआई शिक्षक बर्खास्त: राजस्थान में फर्जी डिग्री का बड़ा खुलासा: 18 सरकारी पीटीआई बर्खास्त, 29 महीने की नौकरी के बाद गिरी गाज

प्रदीप बीदावत

राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में फर्जी डिग्री और दस्तावेजों के मेल न खाने के कारण 18 पीटीआई शिक्षकों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। ये शिक्षक पिछले 29 महीनों से सरकारी स्कूलों में कार्यरत थे, लेकिन जांच में इनकी पात्रता फर्जी पाई गई।

HIGHLIGHTS

  • बांसवाड़ा जिले के 18 शारीरिक शिक्षकों (PTI) की नौकरी फर्जी डिग्री के कारण गई।
  • ग्रेड थर्ड पीटीआई भर्ती-2022 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है।
  • हाईकोर्ट के निर्देश पर गठित 3 सदस्यीय कमेटी ने डिग्रियों को जांच में गलत पाया।
  • एसओजी की जांच में अब तक 134 से ज्यादा शिक्षक बर्खास्त किए जा चुके हैं।
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बांसवाड़ा | राजस्थान के बांसवाड़ा जिले में शिक्षा विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। यहां के सरकारी स्कूलों में कार्यरत 18 शारीरिक शिक्षकों (PTI) को तुरंत प्रभाव से बर्खास्त कर दिया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी जयदीप पुरोहित ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं।

डिग्री मिसमैच होने पर हुई कार्रवाई

इन शिक्षकों ने भर्ती के समय जो डिग्रियां पेश की थीं, वे बाद में सत्यापन के दौरान मेल नहीं खा पाईं। मामला ग्रेड थर्ड पीटीआई भर्ती-2022 से जुड़ा हुआ है। निदेशालय ने प्रदेश भर के 35 पीटीआई की सूची जारी की थी, जिनमें से 19 बांसवाड़ा जिले के थे। इनमें से 18 पर गाज गिरी है, जबकि एक मामला गहन जांच के लिए उदयपुर भेजा गया है।

29 महीने से कर रहे थे नौकरी

हैरानी की बात यह है कि ये शिक्षक अक्टूबर 2023 से ही अपनी सेवाएं दे रहे थे। लगभग 29 महीनों तक सरकारी वेतन लेने के बाद अब इनकी पोल खुली है। कर्मचारी चयन बोर्ड ने इन अभ्यर्थियों को सुनवाई का मौका भी दिया था। लेकिन बोर्ड की सुनवाई में ये शिक्षक अपनी पात्रता साबित करने में पूरी तरह विफल रहे।

हाईकोर्ट के दखल के बाद बनी कमेटी

शुरुआती जांच में जब डिग्रियां गलत पाई गईं, तो ये अभ्यर्थी निदेशालय के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए थे। हाईकोर्ट के निर्देशों पर एक 3 सदस्यीय विशेष जांच कमेटी का गठन किया गया था। इस कमेटी ने बारीकी से दस्तावेजों की जांच की और अंततः डिग्रियों को फर्जी या मिसमैच करार दिया। इसके बाद ही बर्खास्तगी के आदेश जारी किए गए।

इन क्षेत्रों के स्कूलों में थे तैनात

बर्खास्त किए गए शिक्षक जिले के विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत थे। इनमें मुख्य रूप से सज्जनगढ़, गांगड़तलाई, बागीदौरा और आनंदपुरी क्षेत्र के स्कूल शामिल हैं। निदेशालय से आदेश मिलने के मात्र 2 दिनों के भीतर सभी संबंधित स्कूलों के प्रिंसिपल्स को बुलाकर कार्रवाई पूरी की गई।

भर्ती 2022 का पूरा मामला

बता दें कि साल 2022 में राजस्थान में 5546 पदों पर पीटीआई की भर्ती निकाली गई थी। सफल अभ्यर्थियों के दस्तावेजों के वेरिफिकेशन में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया था। एसओजी (SOG) ने जांच के बाद 165 से ज्यादा अभ्यर्थियों के खिलाफ धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला दर्ज किया था। इसमें अब तक 134 से ज्यादा शिक्षकों को नौकरी से निकाला जा चुका है।

SOG की जांच में चौंकाने वाले खुलासे

एसओजी की जांच में सामने आया कि कई अभ्यर्थियों ने बिना ग्रेजुएशन किए ही बीपीएड की डिग्री हासिल कर ली थी। उत्तर प्रदेश के शिकोहाबाद स्थित जेएस विश्वविद्यालय से बैक डेट में फर्जी डिग्रियां ली गई थीं। जांच में यह भी पाया गया कि अभ्यर्थियों ने हिमाचल प्रदेश के अरनी विश्वविद्यालय से फर्जी स्नातक की मार्कशीट बनवाई थी।

लाखों में हुआ डिग्रियों का सौदा

जांच में खुलासा हुआ कि पेपर लीक माफियाओं ने निजी विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर लाखों रुपए में डिग्रियों का सौदा किया था। जेएस विश्वविद्यालय के चांसलर और रजिस्ट्रार को भी इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। इस फर्जीवाड़े ने राजस्थान की पूरी भर्ती प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिया है।

आगामी कार्रवाई की तैयारी

शिक्षा विभाग अब इन बर्खास्त शिक्षकों से पिछले महीनों में लिए गए वेतन की वसूली पर भी विचार कर सकता है। इसके अलावा, एसओजी इन सभी के खिलाफ आपराधिक मामलों की जांच जारी रखे हुए है। विभाग का कहना है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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