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राजस्थान

राजस्थान में 500 नई ई-बसें: राजस्थान में परिवहन क्रांति: 500 ई-बसों से बदलेगी तस्वीर

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

अगस्त 2026 तक राजस्थान को मिलेंगी 500 नई ई-बसें, रोडवेज बेड़े में भी होगा विस्तार।

HIGHLIGHTS

  • अगस्त 2026 तक राजस्थान के बेड़े में 500 नई ई-बसें शामिल की जाएंगी।
  • प्रदेश में ई-बसों के सुचारू संचालन के लिए 9 अत्याधुनिक डिपो बनेंगे।
  • अगस्त 2024 तक रोडवेज को 144 ब्लू-लाइन और 30 एसी स्लीपर बसें मिलेंगी।
  • बाड़मेर में सफाई व्यवस्था को लेकर सीमा विवाद सुलझा, सफाई के आदेश जारी।
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जयपुर | राजस्थान में सार्वजनिक परिवहन की सूरत पूरी तरह बदलने वाली है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार पर्यावरण संरक्षण और ईंधन की बचत के लिए 500 नई ई-बसें चलाने की तैयारी कर रही है। यह कदम प्रदेश को आधुनिक परिवहन की ओर ले जाएगा।

मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक में इन योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ई-परिवहन सेवाओं के विस्तार में तेजी लाई जाए और इसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।

प्रदेश में बढ़ते शहरीकरण और यातायात के दबाव को देखते हुए ई-बसों का संचालन बेहद जरूरी हो गया है। इससे न केवल वायु प्रदूषण कम होगा, बल्कि आम जनता को सुरक्षित और बेहतर यात्रा सुविधाएं भी प्राप्त हो सकेंगी।

अगस्त 2026 तक सड़कों पर दौड़ेंगी 500 ई-बसें

पीएम ई-बस योजना और राज्य स्तर की अन्य योजनाओं के तहत अगस्त 2026 तक प्रदेश में 500 नई ई-बसें उपलब्ध करा दी जाएंगी। यह राजस्थान के सार्वजनिक परिवहन इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर साबित होने वाला है।

इन बसों के संचालन के लिए बुनियादी ढांचे को भी मजबूत किया जा रहा है। सरकार प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में 9 अत्याधुनिक ई-बस डिपो का निर्माण करवा रही है, जहां चार्जिंग और रखरखाव की सभी आधुनिक सुविधाएं होंगी।

रोडवेज बेड़े में भी होगा भारी विस्तार

सिर्फ ई-बसें ही नहीं, बल्कि राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम (रोडवेज) के बेड़े को भी नया रूप दिया जा रहा है। इस साल अगस्त माह तक रोडवेज को 144 नई ब्लू-लाइन बसें मिल जाएंगी, जिससे ग्रामीण कनेक्टिविटी बढ़ेगी।

इसके साथ ही लंबी दूरी की यात्रा को आरामदायक बनाने के लिए 30 नई एसी स्लीपर बसें भी बेड़े में शामिल होंगी। इससे यात्रियों को बेहतर और सुरक्षित यात्रा का अनुभव मिलेगा और रोडवेज की सेवाओं में मजबूती आएगी।

"मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा प्रदेश के शहरों एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुरक्षित एवं सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था विकसित करने के लिए संवेदनशील हैं।"

बाड़मेर में सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान

बैठक के दौरान बाड़मेर शहर की सफाई व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री द्वारा 'राज-उन्नति' बैठक में दिए गए निर्देशों के बाद सीमावर्ती कॉलोनियों में सफाई के लिए क्षेत्राधिकार तय कर दिए गए हैं ताकि कोई असुविधा न हो।

जिला कलक्टर चिनमयी गोपाल ने बताया कि नगर परिषद और ग्राम पंचायतों के बीच सीमा विवाद को सुलझा लिया गया है। अब सघन आबादी वाली कॉलोनियों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं।

पर्यावरण और ईंधन की बचत पर जोर

सरकार का मुख्य उद्देश्य डीजल और पेट्रोल की खपत को कम करना है। इलेक्ट्रिक बसों के आने से कार्बन उत्सर्जन में भारी कमी आएगी, जिससे राजस्थान के शहरों की हवा साफ और भविष्य के लिए सेहतमंद होगी।

शासन सचिवालय में हुई इस बैठक में परिवहन विभाग के प्रमुख शासन सचिव भवानी सिंह देथा और स्वायत्त शासन विभाग के सचिव रवि जैन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा की।

राजस्थान सरकार का यह विजन प्रदेश को एक स्वच्छ और हरित भविष्य की ओर ले जा रहा है। आधुनिक बसों और बेहतर बुनियादी ढांचे से राज्य की परिवहन व्यवस्था पूरे देश के लिए एक नई मिसाल पेश करेगी।

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