आबूरोड | राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) का बहुप्रतीक्षित प्रदेश महासमिति अधिवेशन 5 जुलाई 2026 को आबूरोड में आयोजित होने जा रहा है। यह अधिवेशन स्वदर्शन हॉल, मानसरोवर ब्रह्माकुमारी संस्था में होगा, जहाँ प्रदेशभर से शिक्षक प्रतिनिधि और पदाधिकारी जुटेंगे। इस बैठक को शिक्षक हितों और शिक्षा सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
शिक्षक संघ का आबूरोड में महाधिवेशन: शिक्षक संघ का महाधिवेशन: 5 जुलाई को आबूरोड में जुटेंगे शिक्षक
राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) का प्रदेश महाधिवेशन 5 जुलाई को होगा। इसमें शिक्षक हितों और शिक्षा सुधार पर चर्चा होगी।
HIGHLIGHTS
- राजस्थान शिक्षक संघ (प्रगतिशील) का महाधिवेशन 5 जुलाई को आबूरोड में।
- प्रदेशभर के शिक्षक प्रतिनिधि और पदाधिकारी शामिल होंगे।
- तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादले, NEP और अन्य मुद्दों पर होगी चर्चा।
- अधिवेशन में पारित प्रस्तावों के आधार पर बनेगी आगामी रणनीति।
संबंधित खबरें
अधिवेशन के मुख्य एजेंडे और मांगें
संगठन के महामंत्री यतीश वर्मा ने बताया कि अधिवेशन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों की लंबित मांगों और चुनौतियों पर एक ठोस रणनीति तैयार करना है। इसमें कई ज्वलंत मुद्दों पर गहन मंथन किया जाएगा।
चर्चा के प्रमुख विषयों में तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण की लंबे समय से चली आ रही मांग सबसे ऊपर है। इसके अलावा, नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के विभिन्न पहलुओं पर भी विचार-विमर्श होगा।
"यह अधिवेशन शिक्षक समाज की समस्याओं को संगठित रूप से सरकार और प्रशासन के समक्ष मजबूती से रखने का एक महत्वपूर्ण मंच होगा।"
संबंधित खबरें
संघ की मांगों में विद्यालयों में खेलकूद को अनिवार्य विषय बनाना, स्कूल परिसरों और विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से पूरी तरह मुक्त करना शामिल है।
अन्य महत्वपूर्ण मुद्दे
अधिवेशन में एकीकरण के नाम पर बंद किए गए सरकारी स्कूलों को फिर से खोलने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। साथ ही, बकाया काउंसलिंग पूरी करने और नामांकन के आधार पर नए पदों का सृजन करने पर भी जोर दिया जाएगा।
उपप्रधानाचार्य के नए कैडर के निर्माण और स्कूलों में बढ़ते प्रशासनिक दबाव जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा होगी। बीकानेर जिले से भी जिलाध्यक्ष आनंद पारीक के नेतृत्व में एक बड़ा प्रतिनिधिमंडल 4 जुलाई को अधिवेशन के लिए रवाना होगा।
इस महाधिवेशन में पारित प्रस्तावों के आधार पर संगठन अपनी आगामी कार्ययोजना तय करेगा। इसका लक्ष्य सरकार पर दबाव बनाकर शिक्षकों और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करवाना है।
*Edit with Google AI Studio