अजमेर | राजस्थान के अजमेर जिले के किशनगढ़ शहर में इन दिनों एक ऐसा चोर सक्रिय है, जिसने पुलिस और जनता दोनों को हैरत में डाल दिया है. यह चोर घरों में घुसकर कीमती गहने या नकदी नहीं, बल्कि केवल जूते चुराता है. इस चोर की सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि वह जूतों को चोरी करने से पहले उन्हें पहनकर बाकायदा ट्रायल करता है. अगर जूते उसे फिट आते हैं, तभी वह उन्हें पहनकर वहां से निकलता है. किशनगढ़ के अग्रसेन नगर जी-ब्लॉक और श्रीकरणी इन्द्र विहार क्षेत्र में हाल ही में इस तरह की कई घटनाएं दर्ज की गई हैं. इन इलाकों के लोग अब अपने जूतों की सुरक्षा को लेकर चिंतित नजर आ रहे हैं. आमतौर पर चोरों का मुख्य लक्ष्य सोना, चांदी या नकद पैसे होते हैं, लेकिन इस चोर ने एक नई तरह की सनसनी फैला दी है. उसने रेलवे लाइन के पास स्थित कई घरों को अपना निशाना बनाया है.
राजस्थान का अनोखा जूता चोर: राजस्थान में अनोखी चोरी: गहने नहीं, सिर्फ जूते चुराता है चोर
अजमेर के किशनगढ़ में एक अजीबोगरीब चोर सक्रिय है जो केवल ब्रांडेड जूते ही चुराता है.
HIGHLIGHTS
- अजमेर के किशनगढ़ में चोर घर में घुसकर गहने और नकदी को हाथ तक नहीं लगाता है.
- वह पहले जूते पहनकर देखता है और फिट आने पर ही उन्हें पहनकर फरार हो जाता है.
- किशनगढ़ के अग्रसेन नगर और श्रीकरणी विहार में एक ही रात में कई वारदातें हुईं.
- पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है, पुलिस अब आरोपी की तलाश कर रही है.
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वारदात का अनोखा तरीका और जूतों का ट्रायल
स्थानीय निवासियों का कहना है कि चोर रात के अंधेरे में चुपके से घरों के बरामदे या मुख्य द्वार तक पहुंचता है. वहां रखे जूतों के ढेर में से वह अपनी पसंद और साइज के जूते चुनता है. चोर पहले जूतों को पहनकर देखता है और कुछ कदम चलकर उनकी फिटिंग चेक करता है. जो जूते उसे पसंद आते हैं, उन्हें वह पहन लेता है और अपने पुराने जूते वहीं छोड़ देता है. कई बार तो वह चोर जूतों को पड़ोस के घर के बाहर ही फेंक देता है, जिससे सुबह होने पर लोग भ्रमित हो जाते हैं. सुबह जब लोग जागे तो उन्हें अपने जूते गायब मिले और दूसरों के जूते वहां पड़े थे. इस घटनाक्रम से पूरे इलाके में हड़कंप मचा हुआ है क्योंकि लोगों को डर है कि अगर चोर जूतों के लिए घर में घुस सकता है, तो वह अन्य बड़ी वारदातों को भी अंजाम दे सकता है.
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई चोर की करतूत
क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों ने इस संदिग्ध चोर की हरकतों को कैद कर लिया है. फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चोर किस तरह बेखौफ होकर घरों के अंदर दाखिल हो रहा है. वह किसी मंझे हुए अपराधी की तरह नहीं, बल्कि एक सामान्य व्यक्ति की तरह जूतों का चयन करता दिखाई दे रहा है. उसके चेहरे पर पकड़े जाने का कोई डर नजर नहीं आ रहा है. सीसीटीवी फुटेज में वह व्यक्ति रात के समय गलियों में घूमता और फिर अचानक किसी घर की दीवार फांदकर या गेट खोलकर अंदर जाते हुए दिखाई देता है. पुलिस ने इन फुटेज को कब्जे में ले लिया है. पुलिस अब फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश कर रही है. हालांकि, अभी तक चोर का कोई सुराग हाथ नहीं लगा है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी और डर का माहौल है.
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स्थानीय लोगों की शिकायत और पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद अग्रसेन नगर के निवासियों ने सामूहिक रूप से पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है. उन्होंने पुलिस से गश्त बढ़ाने और चोर को जल्द से जल्द पकड़ने की मांग की है. इलाके के लोगों का कहना है कि चोर ने कीमती सामान को हाथ तक नहीं लगाया, जो बेहद चौंकाने वाला है. चोर ने अलमारी और तिजोरी की तरफ देखा भी नहीं, जो उसकी अजीब मानसिकता को दर्शाता है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह किसी विक्षिप्त व्यक्ति या किसी ऐसे गिरोह का काम हो सकता है जो केवल ब्रांडेड जूतों की तस्करी या बिक्री करता है. जांच हर पहलू से की जा रही है. किशनगढ़ पुलिस ने आश्वासन दिया है कि वे जल्द ही इस 'जूता चोर' को सलाखों के पीछे भेज देंगे. पुलिस की टीमें अब रात के समय सादे कपड़ों में भी गश्त कर रही हैं ताकि उसे पकड़ा जा सके.
चोरी के इस अजीब ट्रेंड के पीछे का मनोविज्ञान
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि इस तरह की चोरियां अक्सर किसी विशेष मानसिक स्थिति या सनक का परिणाम होती हैं. कुछ लोग केवल रोमांच के लिए ऐसी अजीब हरकतों को अंजाम देते हैं. इसे 'क्लेप्टोमेनिया' का एक रूप भी माना जा सकता है, जहां व्यक्ति को चोरी करने की तीव्र इच्छा होती है, भले ही वह वस्तु कीमती न हो. जूतों के प्रति यह आकर्षण एक नया मामला है. हालांकि, इस मामले में जूतों को फिटिंग के आधार पर चुराना यह दर्शाता है कि चोर अपनी जरूरत के हिसाब से सामान उठा रहा है. यह एक सोची-समझी रणनीति के तहत भी किया जा सकता है. राजस्थान में पहले भी कई बार विचित्र चोरियों के मामले सामने आए हैं, लेकिन जूतों के प्रति इस तरह का जुनून पहली बार देखा गया है. पुलिस इस एंगल पर भी काम कर रही है.
किशनगढ़ में सुरक्षा को लेकर बढ़ती चिंता
इस घटना ने किशनगढ़ के लोगों को अपनी सुरक्षा के प्रति अधिक सचेत कर दिया है. लोग अब रात के समय अपने कीमती जूतों को घर के अंदर अलमारियों में ताला लगाकर रखने को मजबूर हैं. अग्रसेन नगर के एक बुजुर्ग ने कहा, "पहले हम गहनों की चिंता करते थे, अब हमें अपने जूतों की भी रखवाली करनी पड़ रही है. यह जमाना बहुत बदल गया है और अपराध के तरीके भी." इलाके के युवाओं ने भी अपनी ओर से रात में पहरा देने का निर्णय लिया है ताकि चोर को रंगे हाथों पकड़ा जा सके. वे व्हाट्सएप ग्रुप के माध्यम से एक-दूसरे को लगातार अपडेट दे रहे हैं. पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को देखने पर तुरंत सूचना दें. साथ ही, सीसीटीवी कैमरों को चालू रखने और उनकी रिकॉर्डिंग चेक करने की सलाह भी दी गई है.
"यह चोरी का बहुत ही विचित्र मामला है. हम सीसीटीवी के आधार पर संदिग्ध की तलाश कर रहे हैं. जल्द ही आरोपी पुलिस की गिरफ्त में होगा और मामले का खुलासा होगा." - स्थानीय पुलिस अधिकारी
निष्कर्ष: सुरक्षा के प्रति जागरूकता जरूरी
किशनगढ़ की यह घटना हमें याद दिलाती है कि अपराध का कोई निश्चित पैटर्न नहीं होता. चोर किसी भी रूप में और किसी भी उद्देश्य से आपके घर में सेंध लगा सकता है, इसलिए सावधानी जरूरी है. हालांकि यह चोरी केवल जूतों तक सीमित है, लेकिन घर की चारदीवारी के अंदर किसी अजनबी का प्रवेश अपने आप में एक बड़ा खतरा है. सतर्कता ही इस समय बचाव का एकमात्र रास्ता नजर आता है. उम्मीद है कि पुलिस जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लेगी और किशनगढ़ के लोग एक बार फिर चैन की नींद सो सकेंगे. तब तक, अपने कीमती जूतों और सामान को सुरक्षित रखना ही बेहतर है.
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