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राजस्थान

थाईलैंड के नाम पर म्यांमार में बेचा: थाईलैंड में नौकरी का झांसा, युवक को म्यांमार में बेचा

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टोंक के युवक को थाईलैंड में नौकरी का सपना दिखाकर म्यांमार में बंधक बनाया गया। आर्मी की रेड में जान बचाकर भागा।

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HIGHLIGHTS

  • राजस्थान के युवक को थाईलैंड में नौकरी का झांसा।
  • गुरुग्राम के एजेंट ने 50 हजार रुपए लेकर म्यांमार में बेचा।
  • पीड़ित को बंधक बनाकर 2 लाख रुपए की फिरौती मांगी।
  • म्यांमार-अमेरिका आर्मी की कार्रवाई के दौरान भागकर बचाई जान।
rajasthan youth trafficked to myanmar on pretext of thailand job

टोंक | विदेश में मोटी तनख्वाह वाली नौकरी का सपना देखना राजस्थान के एक युवक को बहुत महंगा पड़ गया। टोंक जिले के रहने वाले शंकर प्रजापत को थाईलैंड में नौकरी का झांसा देकर मानव तस्करों ने म्यांमार में बेच दिया। वहां उसे बंधक बनाकर प्रताड़ित किया गया।

 

नौकरी के नाम पर सनसनीखेज धोखा

टोंक जिले के नासिरदा उपखंड निवासी 24 वर्षीय शंकर प्रजापत मर्चेंट नेवी में काम करता था। इसी दौरान उसकी मुलाकात गुरुग्राम के हिमांशु गुर्जर से हुई।

हिमांशु ने शंकर को थाईलैंड में 80 हजार रुपए महीने की नौकरी का लालच दिया। एक ऑनलाइन इंटरव्यू के बाद, जॉब के नाम पर उससे 50 हजार रुपए ले लिए गए।

शंकर के अनुसार, यह पूरी तरह से एक सुनियोजित साजिश थी, जिसका मकसद उसे फंसाकर बेचना था।

थाईलैंड से म्यांमार तक का खौफनाक सफर

16 अक्टूबर 2025 को शंकर नौकरी के लिए थाईलैंड पहुंचा। वहां पहुंचते ही उसे अलग-अलग गाड़ियों में बैठाकर म्यांमार की सीमा पार करा दिया गया।

उसे म्यांमार के मायावाडी इलाके में एक मकान में कैद कर दिया गया, जहां पहले से ही 20-25 भारतीय युवक बंधक थे।

पीड़ित ने बताया कि उन्हें तीन दिनों तक खाना तक नहीं दिया गया। जब उसने घर वापस जाने की बात कही तो आरोपी ने उससे दो लाख रुपए की मांग की।

आर्मी की कार्रवाई बनी जीवनदान

शंकर ने बताया कि 20 अक्टूबर को उसे एक कंपनी में काम पर लगाया गया। यह कंपनी अवैध ऑनलाइन गतिविधियों में शामिल थी।

अगले ही दिन, म्यांमार और अमेरिकी सेना ने उस इलाके में एक संयुक्त अभियान चलाया। इस कार्रवाई के दौरान वहां भगदड़ मच गई।

इसी अफरातफरी का फायदा उठाकर शंकर वहां से भाग निकला। वह किसी तरह एक नदी पार करके वापस थाईलैंड की सीमा में पहुंचा और खुद को सुरक्षा एजेंसियों के हवाले कर दिया।

कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद भारत सरकार की मदद से उसकी वतन वापसी संभव हो सकी।

थानाधिकारी नेकीराम ने बताया, "पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर आरोपी हिमांशु गुर्जर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और इमीग्रेशन एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। हमारी टीम जांच कर रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।"

यह मामला विदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बड़ी चेतावनी है। यह दिखाता है कि कैसे धोखेबाज एजेंट आकर्षक प्रस्तावों का लालच देकर लोगों को मानव तस्करी के जाल में फंसा लेते हैं। पुलिस की जांच से इस गिरोह के अन्य सदस्यों का भी पर्दाफाश होने की उम्मीद है।

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