जयपुर | नवरात्रि और गरबा का उत्सव शुरू होते ही सोशल मीडिया पर एक नया और खतरनाक ट्रेंड तेजी से वायरल हो रहा है। "रेंट ए गरबा पार्टनर" या "Rent a Partner" के नाम पर लोगों को लुभाने के लिए आकर्षक विज्ञापन दिए जा रहे हैं।
स्कैम अलर्ट: रेंट ए गरबा पार्टनर के नाम पर साइबर ठगी, पुलिस ने दी चेतावनी
नवरात्रि के दौरान सोशल मीडिया पर रेंट ए गरबा पार्टनर के नाम पर साइबर ठगी का नया तरीका सामने आया है। ठग आकर्षक पैकेज और डांस पार्टनर का वादा कर लोगों के बैंक अकाउंट हैक कर रहे हैं।
HIGHLIGHTS
- सोशल मीडिया पर सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम पैकेज के नाम पर 500 से 6,500 रुपए तक की मांग की जा रही है।
- अहमदाबाद और जयपुर पुलिस ने रेंट ए गरबा पार्टनर ऑफर को लेकर साइबर ठगी की चेतावनी जारी की है।
- ठग फिशिंग लिंक, क्यूआर कोड और APK फाइल के जरिए बैंक अकाउंट और मोबाइल हैक करने की कोशिश कर रहे हैं।
- साइबर धोखाधड़ी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है।
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साइबर अपराध समन्वय केंद्र की चेतावनी
भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र ने इस संबंध में अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच की चेतावनी साझा की है। पुलिस ने जनता को इन विज्ञापनों के पीछे छिपे खतरों के प्रति सावधान रहने को कहा है।
राजस्थान में भी यह स्कैम अब जयपुर तक पहुंच चुका है। दोनों राज्यों की पुलिस ने जनता से सतर्क रहने की अपील की है।
सोशल मीडिया पर वायरल ऑफर का सच
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सोशल मीडिया, विशेषकर इंस्टाग्राम पर सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम जैसे विभिन्न पैकेज ऑफर किए जा रहे हैं। इन पैकेजों की फीस 500 रुपए से लेकर 6,500 रुपए तक रखी गई है।
लुभावने वादे और छिपी धोखाधड़ी
- दो घंटे से लेकर पूरी रात की कंपनी का वादा किया जाता है।
- मैचिंग ड्रेस और डांस स्टेप्स सिखाने का प्रलोभन दिया जाता है।
- सेल्फी और रील्स बनाने की सुविधा का झांसा दिया जाता है।
फिशिंग और हैकिंग का बड़ा खतरा
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ऐसे पोस्ट अक्सर संदिग्ध लिंक की ओर ले जाते हैं। ये लिंक या क्यूआर कोड आपके मोबाइल और बैंक अकाउंट को हैक कर सकते हैं।
अनजान प्रोफाइल से बातचीत और पैसे ट्रांसफर करने से वित्तीय नुकसान के साथ व्यक्तिगत जानकारी चोरी का भी खतरा रहता है।
पुलिस की सोशल मीडिया मॉनिटरिंग
डिप्टी कमिश्नर डॉ. लवीना सिन्हा ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल ने इन संदिग्ध पोस्टों की पहचान की है। पुलिस अब इन विज्ञापनों के पीछे की मंशा की गहन जांच कर रही है।
कई मामलों में भुगतान के बाद सेवा नहीं मिलती है। फिशिंग लिंक और मैलवेयर के जरिए अकाउंट साफ कर दिए जाते हैं।
राजस्थान और जयपुर में ठगी के प्रयास
गुजरात और महाराष्ट्र के बाद अब यह स्कैम राजस्थान की राजधानी जयपुर तक भी पहुंच गया है। जयपुर पुलिस ने इस संबंध में कई शिकायतें मिलने की पुष्टि की है।
जयपुर पुलिस का अलर्ट
जयपुर (पश्चिम) डीसीपी प्रशांत किरण के अनुसार, ठग त्योहारी सीजन का फायदा उठाकर नए तरीके अपना रहे हैं। वे आकर्षक पोस्टर और लिंक भेजकर लोगों की निजी जानकारी जुटाते हैं।
ठग पहले पैसे जमा करवाते हैं और फिर संपर्क तोड़ देते हैं।
बैंक डिटेल्स चुराने की कोशिश
जयपुर (दक्षिण) डीसीपी राजर्षि राज ने बताया कि कुछ मामलों में क्यूआर कोड, फिशिंग लिंक या APK फाइल भेजकर डेटा चोरी की कोशिश हुई है।
सिल्वर, गोल्ड और प्लेटिनम कैटेगरी के साथ 1,000 से 6,000 रुपए तक के ऑफर दिए गए। जयपुर पुलिस ने विशेष रूप से युवाओं को सतर्क रहने की सलाह दी है।
साइबर ठगी से बचाव के उपाय
पुलिस ने सलाह दी है कि किसी भी अनजान सोशल मीडिया प्रोफाइल पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। पैसे भेजने से पहले संबंधित व्यक्ति की पहचान की पूरी तरह जांच कर लें।
सुरक्षा के महत्वपूर्ण बिंदु
- अज्ञात लिंक या क्यूआर कोड पर क्लिक न करें।
- व्यक्तिगत या बैंक जानकारी कभी साझा न करें।
- भुगतान करने से पहले सावधानी बरतें।
हेल्पलाइन और शिकायत प्रक्रिया
यदि आप किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तुरंत 1930 पर कॉल करें। इसके अलावा cybercrime.gov.in पोर्टल पर भी अपनी शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
त्योहार का मौसम खुशियों का है, लेकिन साइबर ठग इसी मौके का फायदा उठाते हैं।
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