मुंबई | आईपीएल 2026 के एक बेहद महत्वपूर्ण मुकाबले में मुंबई इंडियंस के हाथों मिली हार ने लखनऊ सुपर जायंट्स (LSG) के प्लेऑफ के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। वानखेड़े स्टेडियम में मिली इस शिकस्त के बाद कप्तान ऋषभ पंत की नेतृत्व क्षमता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
पंत की कप्तानी पर उठे सवाल: LSG की हार के बाद ऋषभ पंत को कप्तानी से हटाने की मांग तेज
मुंबई से हार के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स संकट में, पूर्व क्रिकेटरों ने पंत की कप्तानी पर उठाए सवाल।
HIGHLIGHTS
- मुंबई इंडियंस से मिली हार के बाद लखनऊ सुपर जायंट्स प्लेऑफ की दौड़ से लगभग बाहर हो गई है।
- मनोज तिवारी और रोहन गावस्कर ने ऋषभ पंत को कप्तानी के पद से हटाने की कड़ा अपील की है।
- ऋषभ पंत का स्ट्राइक रेट इस सीजन में गिरकर 128.30 रह गया है, जो टीम के लिए चिंता का विषय है।
- विशेषज्ञों का मानना है कि कप्तानी के भारी दबाव के कारण पंत की स्वाभाविक बल्लेबाजी खो रही है।
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ऋषभ पंत की कप्तानी पर संकट के बादल
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए यह सीजन किसी बुरे सपने से कम नहीं रहा है। टीम के खराब प्रदर्शन के बाद अब पूर्व क्रिकेटरों ने फ्रैंचाइजी से कड़े फैसले लेने की मांग की है।
कुछ समय पहले दिग्गज क्रिकेटर वसीम जाफर ने पंत को कप्तानी से हटाने का सुझाव दिया था। अब यह राय क्रिकेट जगत में काफी आम होती जा रही है।
पूर्व क्रिकेटर मनोज तिवारी और रोहन गावस्कर ने भी जाफर की बात का समर्थन किया है। उन्होंने फ्रैंचाइजी मालिक संजीव गोयनका से पंत को जिम्मेदारी से मुक्त करने की अपील की है।
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आंकड़ों में पंत का गिरता ग्राफ
जब 2025 में ऋषभ पंत लखनऊ फ्रैंचाइजी से जुड़े थे, तो उनसे काफी उम्मीदें थीं। संजीव गोयनका ने उन्हें टीम की कमान सौंपी थी ताकि वे एक नई विरासत तैयार कर सकें।
हालांकि, आंकड़े कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। पिछले सीजन में पंत ने 14 पारियों में सिर्फ 269 रन बनाए थे। उनका औसत मात्र 24.45 का रहा था।
इस साल भी स्थिति में कोई खास सुधार नहीं देखा गया है। पंत ने अब तक 9 मैचों में केवल 204 रन बनाए हैं। उनका स्ट्राइक रेट 128.30 का है।
टी20 क्रिकेट के लिहाज से यह स्ट्राइक रेट काफी धीमा माना जाता है। इस सीजन में उनके बल्ले से अब तक केवल एक अर्धशतक निकला है।
दबाव में बिखरती बल्लेबाजी
क्रिकबज पर बातचीत के दौरान रोहन गावस्कर ने कहा कि कप्तानी के बोझ की वजह से पंत की बल्लेबाजी में भारी गिरावट आई है। वह अपनी लय खोते दिख रहे हैं।
गावस्कर ने संजीव गोयनका के पुराने इंटरव्यू का हवाला दिया। गोयनका चाहते थे कि पंत अगले 10-15 सालों तक टीम का नेतृत्व करें और कई ट्रॉफियां जीतें।
लेकिन गावस्कर का मानना है कि कभी-कभी खिलाड़ियों को बेहतर प्रदर्शन के लिए दबाव से बाहर निकालना पड़ता है। पंत के मामले में भी यही स्थिति नजर आ रही है।
पंत को कप्तानी के बोझ से आजाद करो और उन्हें सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर खेलने दो। लखनऊ के लिए यही सबसे अच्छा फैसला होगा।
क्या बदलेगी लखनऊ की रणनीति?
मनोज तिवारी ने भी इसी सुर में अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि कप्तानी के दबाव में हम पंत जैसे शानदार बल्लेबाज को खो रहे हैं।
तिवारी के अनुसार, पंत ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और आईपीएल में पहले बहुत शानदार प्रदर्शन किया है। लेकिन इस सीजन में वह उस स्तर के रन नहीं बना पा रहे हैं।
पंत की काबिलियत और हुनर पर किसी को शक नहीं है। लेकिन जब टीम लगातार हारती है, तो उसका सीधा असर कप्तान के मानसिक संतुलन और खेल पर पड़ता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि लखनऊ सुपर जायंट्स का प्रबंधन इन सुझावों पर क्या प्रतिक्रिया देता है। क्या पंत को अगले सीजन में एक नई भूमिका मिलेगी?
निष्कर्ष और भविष्य की राह
लखनऊ सुपर जायंट्स के लिए आगामी मैच अब केवल प्रतिष्ठा की लड़ाई रह गए हैं। टीम को अपनी भविष्य की योजना पर गंभीरता से विचार करने की आवश्यकता है।
ऋषभ पंत को एक बल्लेबाज के रूप में अपनी पुरानी फॉर्म हासिल करनी होगी। यदि वह कप्तानी छोड़ते हैं, तो शायद वह मैदान पर अधिक आजादी से खेल सकेंगे।
संजीव गोयनका और टीम मैनेजमेंट को अब यह तय करना होगा कि क्या वे पंत के साथ बने रहेंगे या नेतृत्व में बदलाव करेंगे। क्रिकेट प्रेमियों की नजरें अब फ्रैंचाइजी के अगले बड़े कदम पर टिकी हैं।
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