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राजनीति

सड़क पर पायलट-चौधरी की रात: MP में बवाल: पायलट-चौधरी ने सड़क पर गुजारी रात

बलजीत सिंह शेखावत

राज्यसभा उम्मीदवार का नामांकन रद्द होने पर भड़की कांग्रेस, पायलट-चौधरी ने भोपाल में चुनाव आयोग के बाहर दिया धरना।

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HIGHLIGHTS

  • कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज होने के बाद मध्य प्रदेश में सियासी घमासान मच गया।
  • राजस्थान के दिग्गज नेता सचिन पायलट और हरीश चौधरी ने भोपाल में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर सड़क पर रात बिताकर विरोध प्रदर्शन किया।
  • इस धरने में कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल और छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल जैसे वरिष्ठ नेता भी शामिल हुए।
  • कांग्रेस ने इस कार्रवाई को 'वोट चोरी के बाद सीट चोरी' की एक सुनियोजित राजनीतिक साजिश करार दिया है।
sachin pilot harish choudhary protest in bhopal against rajya sabha nomination rejection

भोपाल | मध्य प्रदेश की राजनीति में उस वक्त भूचाल आ गया जब कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। इस फैसले के विरोध में कांग्रेस ने भोपाल स्थित चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया, जिसका नेतृत्व राजस्थान के दो बड़े चेहरों, सचिन पायलट और हरीश चौधरी, ने किया।

राष्ट्रीय राजनीति में राजस्थानी नेताओं का आक्रामक अंदाज़

राजस्थान के पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट और बायतू विधायक हरीश चौधरी इस विरोध प्रदर्शन में पूरी तरह से सक्रिय दिखे। दोनों नेताओं ने न केवल धरने में भाग लिया, बल्कि पूरी रात चुनाव आयोग के दफ्तर के बाहर सड़क पर ही बिताई। उनका यह जुझारू रूप लंबे समय बाद देखने को मिला।

सचिन पायलट वर्तमान में AICC के राष्ट्रीय महासचिव हैं, जबकि हरीश चौधरी मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी की भूमिका निभा रहे हैं। चौधरी के प्रभारी होने के नाते इस घटनाक्रम पर उनका मोर्चा संभालना स्वाभाविक था। इन दोनों नेताओं की मौजूदगी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं में नया जोश भर दिया।

चुनाव आयोग के दफ्तर पर रात भर धरना

यह धरना पूरी रात चलता रहा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता इसमें शामिल होने पहुंचे। पायलट और चौधरी के साथ कांग्रेस के राष्ट्रीय संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल, वरिष्ठ नेता जयराम रमेश और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी मौजूद रहे।

नेताओं ने 'लोकतंत्र की रक्षा' के नारों के साथ जागरण किया। भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग के बावजूद, कांग्रेस नेता प्रशासनिक दबाव के आगे नहीं झुके और फैसले की समीक्षा की मांग पर अड़े रहे।

हरीश चौधरी ने सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए कहा, "चुनाव आयोग के माध्यम से आज 'वोट चोरी' के बाद 'सीट चोरी' का क्रम मध्य प्रदेश में शुरू किया गया है। हमें हर हाल में इस देश को, इसके संविधान को और लोकतंत्र को जिंदा रखना है।"

'यह विपक्ष की आवाज दबाने का सवाल है'

इस दौरान सचिन पायलट ने भी इस घटनाक्रम को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए खतरनाक बताया। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक संस्थाओं का दुरुपयोग जनता के अधिकारों का हनन है।

पायलट ने कहा, "प्रत्याशी के खिलाफ न कोई FIR है और न ही कोई चार्जशीट, फिर भी नामांकन रद्द कर दिया गया। हमारे उम्मीदवार का निर्वाचन बिना किसी आधार पर रद्द किया गया है। लोकतंत्र में यदि हम यहां नहीं आएंगे तो कहां जाएंगे?"

इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस इस मामले को कानूनी तौर पर भी चुनौती देने की तैयारी कर रही है, जिससे यह स्पष्ट है कि यह सियासी लड़ाई अभी लंबी चलेगी और इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

*Edit with Google AI Studio

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