सीकर | राजस्थान की राजनीति के सबसे चर्चित चेहरों में से एक सचिन पायलट शनिवार को पूरी तरह भक्ति के रंग में रंगे नज़र आए। टोंक विधायक और पूर्व उपमुख्यमंत्री ने सीकर के प्रसिद्ध खाटूश्याम धाम पहुँचकर बाबा श्याम के चरणों में शीश नवाया।
सचिन पायलट का खाटूश्याम दौरा: खाटूश्यामजी में सचिन पायलट की हाजिरी, उमड़ा समर्थकों का सैलाब
सीकर के खाटूश्याम मंदिर पहुंचे सचिन पायलट, शक्ति प्रदर्शन के निकाले जा रहे सियासी मायने।
HIGHLIGHTS
- सचिन पायलट ने सीकर के विश्व प्रसिद्ध खाटूश्याम मंदिर में पूजा-अर्चना की।
- पायलट के साथ उनके वफादार विधायकों और समर्थकों का भारी हुजूम नजर आया।
- मंदिर कमेटी ने चांदी का निशान और श्याम दुपट्टा ओढ़ाकर पायलट का सम्मान किया।
- पायलट की इस यात्रा को राजस्थान की राजनीति में शक्ति प्रदर्शन के तौर पर देखा जा रहा है।
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बाबा श्याम के दरबार में विशेष अभिनंदन
पायलट जैसे ही खाटूधाम पहुँचे, श्री श्याम मंदिर कमेटी की ओर से उनका भव्य स्वागत किया गया। मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष रवि सिंह चौहान और सदस्यों ने उन्हें बाबा श्याम का प्रतीक चिन्ह भेंट किया।
इस दौरान पायलट को श्याम दुपट्टा ओढ़ाकर और बाबा श्याम की चांदी का निशान भेंट कर सम्मानित किया गया। पायलट ने मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना की और प्रदेशवासियों के मंगल की कामना की।
समर्थकों का जमावड़ा और सियासी चर्चाएं
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खाटू पहुँचने पर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने पायलट का ऐसा स्वागत किया कि सीकर-खाटू मार्ग पर जगह-जगह जाम लग गया। पायलट के साथ उनके वफादार विधायकों की पूरी फौज साथ नजर आई।
इनमें विधायक मुकेश भाकर, मनीष यादव, सुरेश मोदी, अभिमन्यु पूनिया और इन्द्राज गुर्जर जैसे दिग्गज शामिल थे। पूर्व विधायक महादेव सिंह खंडेला और श्याम सुंदर पूनिया भी इस दौरान साथ रहे।
"बाबा श्याम का आशीर्वाद हमेशा बना रहे। मैंने राजस्थान की खुशहाली और हर वर्ग की उन्नति के लिए प्रार्थना की है। जनता का यह प्यार ही मेरी असली ताकत है।"
धार्मिक यात्रा के पीछे राजनीतिक संकेत
राजनीतिक गलियारों में पायलट के इस दौरे के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि जमीनी स्तर पर शक्ति प्रदर्शन भी है।
सीकर की सीमा से लेकर खाटू की गलियों तक जिस तरह पायलट का स्वागत हुआ, उसने विरोधियों की धड़कनें तेज़ कर दी हैं। कार्यकर्ताओं का जोश उनकी लोकप्रियता को साफ दर्शाता है।
सचिन पायलट की इस यात्रा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि युवाओं और कार्यकर्ताओं के बीच उनका क्रेज बरकरार है। बाबा श्याम के दरबार में उनकी हाजिरी के सियासी परिणाम भविष्य में दिख सकते हैं।
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