thinQ360
🏠 टॉप 🔥 राजनीति 📍 राज्य 📰 लाइफ स्टाइल 🏏 खेल 🎬 मनोरंजन 📰 जालोर 👤 शख्सियत 💻 तकनीक ✍️ Blog ⭐ सफलता की कहानी 🚨 क्राइम 📰 मनचाही ▶️ YouTube
राजस्थान

सांचौर: भक्ति मार्ग से कल्याण का संदेश: सांचौर: अहंकार त्याग भक्ति मार्ग अपनाने का आचार्य का संदेश

जोगेन्द्र सिंह शेखावत

सांचौर में जाम्भाणी कथा के छठे दिन आचार्य रामाचार्य महाराज ने भक्ति और सेवा का महत्व समझाया।

+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ

HIGHLIGHTS

  • आचार्य रामाचार्य महाराज ने अहंकार त्यागकर भक्ति मार्ग अपनाने पर जोर दिया।
  • मानवता की सच्ची सेवा दूसरों के दुख-दर्द को समझने में ही निहित है।
  • नशा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों को समाज के लिए घातक बताया गया।
  • रविवार को गुरु जम्भेश्वर मंदिर में कलश स्थापना और प्रतिष्ठा महोत्सव होगा।
sanchore jambhani katha acharya ramacharya maharaj spiritual message

सांचौर | राजस्थान के सांचौर स्थित नव निर्मित गुरु जम्भेश्वर भगवान मंदिर, पुर में आयोजित सात दिवसीय जाम्भाणी कथा के छठे दिन श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। इस अवसर पर आचार्य रामाचार्य महाराज ने जीवन में भक्ति और सदाचार के महत्व पर प्रकाश डाला।

भक्ति और समर्पण से कल्याण

आचार्य ने कहा कि जीवन का वास्तविक कल्याण तभी संभव है जब व्यक्ति अहंकार का त्याग कर भक्ति मार्ग अपनाए। उन्होंने बताया कि समर्पण, सेवा और सद्कर्म ही मनुष्य को ईश्वर के करीब ले जाते हैं।

उन्होंने दूसरों के दुख-दर्द को अपना समझना ही सच्ची मानवता बताया। महाराज के अनुसार, ऋषि-मुनियों द्वारा रचित वेद और पुराण मानव कल्याण के लिए सबसे बड़े मार्गदर्शक हैं।

"मनुष्य को अहंकार का त्याग कर भक्ति मार्ग अपनाना चाहिए, क्योंकि इसी से जीवन का वास्तविक कल्याण संभव है।"

सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार

आचार्य ने समाज में व्याप्त दिखावे और नशे की प्रवृत्ति को घातक बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशा और बाल विवाह जैसी कुरीतियां समाज को अंदर से खोखला कर रही हैं, इसलिए इनसे बचना अनिवार्य है।

उन्होंने बच्चों को जाम्भाणी संस्कार देने और नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई। आचार्य ने परनिंदा को सबसे बड़ा पाप बताते हुए अपने अवगुणों को त्यागने की सलाह दी।

गौसेवा और सामाजिक धर्म

कथा के दौरान गौसेवा को मानव जीवन का महत्वपूर्ण धर्म बताया गया। इस दौरान स्वामी श्यामदास महाराज और सच्चिदानंद महाराज सहित कई संत और बिश्नोई समाज के लोग बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

समापन से पूर्व रात्रि जागरण में संतों ने भजनों और साखियों की प्रस्तुति दी। रविवार को गुरु जांभोजी महाराज की शब्दावाणी के साथ मंदिर में कलश स्थापना का भव्य आयोजन होगा।

यह धार्मिक आयोजन न केवल आध्यात्मिक चेतना जगा रहा है, बल्कि समाज को एकजुट कर नैतिक सुधार की दिशा में भी प्रेरित कर रहा है। श्रद्धालुओं में कलश स्थापना को लेकर भारी उत्साह है।

*Edit with Google AI Studio

शेयर करें: