सिरोही, 10 अक्टूबर 2026। शिवगंज के कमेंश्वर महादेव मंदिर के महंत संत त्रिवेणीगिरी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर साधु-संतों का आक्रोश बढ़ गया है। मौत के मामले में हत्या की आशंका जताते हुए संत समाज ने शनिवार को शिवगंज पुलिस थाने के बाहर प्रदर्शन कर धरना शुरू कर दिया।
संत त्रिवेणीगिरी की मौत पर शिवगंज में धरना: संत त्रिवेणीगिरी महाराज की संदिग्ध मौत पर उबाल, शिवगंज थाने के बाहर संतों का धरना
सिरोही जिले के शिवगंज स्थित कमेंश्वर महादेव मंदिर के महंत संत त्रिवेणीगिरी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर संत समाज ने पुलिस थाने के बाहर धरना शुरू किया। संतों ने हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच, सभी वीडियो एवं साक्ष्यों की पड़ताल और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
HIGHLIGHTS
- संत त्रिवेणीगिरी महाराज की संदिग्ध मौत को लेकर संत समाज ने शिवगंज थाने के बाहर धरना दिया।संतों ने मामले में हत्या की आशंका जताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।सभी वीडियो, साक्ष्यों और मौत से जुड़ी परिस्थितियों की गहन जांच की मांग उठाई गई।प्रदर्शनकारी संत एसपी और जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।धरना स्थल पर पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी पहुंचे।संतों ने मामले को राजनीतिक दलों के बजाय न्याय और निष्पक्ष जांच का विषय बताया।
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संतों ने मामले की निष्पक्ष जांच, उपलब्ध सभी वीडियो और साक्ष्यों की गहन पड़ताल तथा जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान संतों और उनके समर्थकों ने ‘हर-हर महादेव’ और ‘सनातन बचाओ’ के नारे लगाए।
एसपी और कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग
शिवगंज पुलिस थाने के बाहर धरने पर बैठे संत सिरोही पुलिस अधीक्षक और जिला कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। संतों का कहना है कि मामले से जुड़े प्रत्येक पहलू की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और संत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत की वास्तविक परिस्थितियों का खुलासा किया जाना चाहिए।
पुलिस की अब तक की कार्रवाई से असंतुष्ट संतों ने कहा कि उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखा जाएगा। संत समाज मामले की जांच में पारदर्शिता और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी की मांग कर रहा है।
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सुबह 11 बजे किया गया था घेराव का आह्वान
संत समाज की ओर से शनिवार सुबह 11 बजे शिवगंज पुलिस थाने के घेराव और धरने का आह्वान किया गया था। संतों ने 36 कौम के लोगों और सनातन धर्म में आस्था रखने वाले नागरिकों से एकजुट होकर आंदोलन में सहयोग करने की अपील की थी।
आह्वान के बाद बड़ी संख्या में साधु-संत और उनके समर्थक पुलिस थाने के बाहर पहुंचे। यहां उन्होंने संत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत की निष्पक्ष जांच और मामले से जुड़े तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग उठाई।
धरना स्थल पर पहुंचे संयम लोढ़ा
प्रदर्शन के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं पूर्व विधायक संयम लोढ़ा भी धरना स्थल पर पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद साधु-संतों और अन्य लोगों से मुलाकात कर मामले की जानकारी ली।
धरने के दौरान कुछ लोगों ने भाजपा के प्रति नाराजगी भी व्यक्त की। हालांकि, संतों ने मामले को किसी राजनीतिक दल से जोड़ने के बजाय न्याय और निष्पक्ष जांच का विषय बताया। संत समाज का कहना है कि जांच में किसी प्रकार का राजनीतिक अथवा प्रशासनिक दबाव नहीं होना चाहिए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर सच्चाई सामने आनी चाहिए।
वीडियो और साक्ष्यों की जांच की मांग
संत समाज ने मांग की है कि संत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत से पहले और बाद के सभी उपलब्ध वीडियो, घटनास्थल से संबंधित साक्ष्य तथा मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की गहन जांच की जाए।
संतों ने कहा कि जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। यदि किसी व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध अथवा आपराधिक पाई जाती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
संतों की सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
संत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत के मामले ने संतों की सुरक्षा और उनकी संदिग्ध मौतों की जांच को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। संत समाज ने कहा कि धार्मिक स्थलों पर रहने वाले संतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
इससे पहले झुंझुनूं जिले के लोहार्गल धाम स्थित बरखंडी बाबा मंदिर के संत सूरजदास महाराज की मौत के बाद भी जनाक्रोश सामने आया था। उनका शव पहाड़ी की गहरी खाई में झाड़ियों के बीच मिला था। उस मामले में भी संतों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस प्रशासन से गंभीरता से जांच करने की मांग की थी।
पुलिस प्रशासन की अगली कार्रवाई पर निगाहें
शिवगंज के मामले में अब संत समाज की निगाहें पुलिस और जिला प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं। संतों की प्रमुख मांग है कि संत त्रिवेणीगिरी महाराज की मौत की निष्पक्ष जांच हो और जिम्मेदार पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाए।
नोट: संत त्रिवेणीगिरी महाराज की हत्या की आशंका प्रदर्शन कर रहे संत समाज की ओर से जताई गई है। मौत के वास्तविक कारण और किसी व्यक्ति की संभावित भूमिका का निर्धारण पुलिस जांच एवं उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर होगा।