जयपुर | राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) में चल रही प्रशासनिक खींचतान के बीच एक बड़ा कानूनी मोड़ सामने आया है। देश की सर्वोच्च अदालत ने अर्जुन बेनीवाल की नियुक्ति पर रोक लगा दी है।
RCA विवाद: SC का बड़ा फैसला: RCA विवाद: अर्जुन बेनीवाल की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट का स्टे
सुप्रीम कोर्ट ने मनीष धारणिया को दी राहत, RCA एडहॉक कमेटी में बेनीवाल की नियुक्ति पर रोक लगाई।
HIGHLIGHTS
- सुप्रीम कोर्ट ने अर्जुन बेनीवाल की RCA एडहॉक कमेटी में नियुक्ति पर अंतरिम रोक लगा दी है।
- हनुमानगढ़ जिला क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव मनीष धारणिया की याचिका पर कोर्ट ने यह आदेश दिया।
- इस फैसले के बाद राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन की एडहॉक कमेटी में बहुमत का संकट पैदा हो गया है।
- मनीष धारणिया ने जयपुर स्थित RCA कार्यालय पहुंचकर आधिकारिक रूप से कोर्ट का आदेश जमा कराया।
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सुप्रीम कोर्ट का कड़ा रुख
सुप्रीम कोर्ट ने हनुमानगढ़ जिला क्रिकेट संघ के पूर्व सचिव मनीष धारणिया को बड़ी राहत प्रदान की है। कोर्ट ने अर्जुन बेनीवाल की एडहॉक कमेटी में सदस्यता पर स्टे लगा दिया है।
इस फैसले ने राजस्थान क्रिकेट की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। कोर्ट की सुनवाई के दौरान एडहॉक कमेटी के गठन की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए थे।
प्रशासनिक ढांचे पर संकट
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राजस्थान सरकार ने हाल ही में RCA के कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के लिए पांच सदस्यीय एडहॉक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी का मुख्य कार्य चुनाव संपन्न कराना है।
अर्जुन बेनीवाल इस कमेटी के एक महत्वपूर्ण सदस्य थे। उनकी नियुक्ति को शुरुआत से ही नियमों के विरुद्ध बताया जा रहा था। अब कोर्ट ने इस पर अपनी मुहर लगा दी है।
कानूनी लड़ाई का घटनाक्रम
मनीष धारणिया ने इस नियुक्ति को पहले हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। वहां सिंगल बेंच ने धारणिया के पक्ष में फैसला सुनाया था। हालांकि, बाद में डबल बेंच ने इसे पलट दिया था।
डबल बेंच के फैसले के खिलाफ मनीष धारणिया सुप्रीम कोर्ट पहुंचे थे। शुक्रवार को हुई सुनवाई में कोर्ट ने पुराने तथ्यों और नियमों को ध्यान में रखते हुए स्टे जारी किया।
RCA कार्यालय पहुंचे मनीष धारणिया
सुप्रीम कोर्ट से आदेश मिलने के तुरंत बाद मनीष धारणिया जयपुर स्थित RCA एकेडमी पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद अधिकारियों को कोर्ट के आदेश की प्रति सौंपी और इसे आधिकारिक रूप से दर्ज कराया।
वहां मौजूद मीडिया कर्मियों से बात करते हुए उन्होंने अपनी जीत को सत्य की जीत बताया। उन्होंने कहा कि क्रिकेट प्रशासन में पारदर्शिता की बेहद आवश्यकता है और वह इसके लिए लड़ेंगे।
मनीष धारणिया का बयान
"हनुमानगढ़ जिला क्रिकेट संघ की चुनाव प्रक्रिया को गलत तरीके से रोका गया था। अर्जुन बेनीवाल की नियुक्ति पूरी तरह से असंवैधानिक थी, जिसे आज सर्वोच्च न्यायालय ने भी माना है।"
उन्होंने आगे कहा कि अब वह अपने साथियों के साथ मिलकर राजस्थान में क्रिकेट के विकास के लिए काम करेंगे। उनका लक्ष्य क्रिकेट को राजनीति से दूर रखकर खिलाड़ियों के हित में काम करना है।
एडहॉक कमेटी की स्थिति
इस फैसले के बाद एडहॉक कमेटी के कन्वीनर डॉ. मोहित यादव ने प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि उन्हें अभी तक आदेश की आधिकारिक प्रति नहीं मिली है। प्रति मिलने पर विचार किया जाएगा।
वर्तमान में पांच सदस्यीय कमेटी में से एक सदस्य की नियुक्ति रुकने से बहुमत का गणित बिगड़ गया है। इससे कमेटी के आगामी फैसलों और चुनाव प्रक्रिया पर असर पड़ना तय माना जा रहा है।
राजस्थान क्रिकेट का भविष्य
RCA पिछले काफी समय से विवादों के घेरे में रहा है। पूर्व अध्यक्ष वैभव गहलोत के इस्तीफे के बाद से ही यहां प्रशासनिक अस्थिरता बनी हुई है। सरकार चुनाव कराने की कोशिश में है।
लेकिन कानूनी दांवपेच के कारण चुनावी प्रक्रिया में बार-बार बाधा आ रही है। खेल प्रेमियों को उम्मीद है कि जल्द ही एक निर्वाचित और सक्षम कार्यकारिणी का गठन होगा जो क्रिकेट को आगे बढ़ाएगी।
निष्कर्ष
सुप्रीम कोर्ट का यह अंतरिम आदेश राजस्थान क्रिकेट प्रशासन के लिए एक बड़ी चेतावनी है। अब देखना होगा कि खेल विभाग और एडहॉक कमेटी इस कानूनी संकट से कैसे बाहर निकलती है।
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