जयपुर | ज्येष्ठ मास की अमावस्या को शनि जयंती मनाई जाती है। इस वर्ष यह पर्व 16 मई को मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार, शनि देव न्याय के देवता हैं जो कर्मों के आधार पर फल देते हैं।
शनि जयंती: पूजा और उपाय: शनि जयंती 2024: जानें शुभ मुहूर्त और पूजा के उपाय
शनि जयंती पर बन रहा है शुभ संयोग, जानें शनिदेव को प्रसन्न करने की विधि।
+Follow us
thinQ360 को गूगल पर फेवरेट बनाएँ
HIGHLIGHTS
- शनि जयंती 16 मई को ज्येष्ठ अमावस्या के दिन मनाई जाएगी।
- इस वर्ष सौभाग्य और शोभन योग का विशेष संयोग बन रहा है।
- शनिदेव को कर्मों के अनुसार न्याय करने वाला देवता माना जाता है।
- पीपल की पूजा और दान-पुण्य से शनि दोषों का निवारण संभव है।
संबंधित खबरें
शुभ मुहूर्त और विशेष योग
अमावस्या तिथि 16 मई को सुबह 05:11 बजे शुरू होगी। इस दिन सौभाग्य और शोभन योग बन रहे हैं, जो पूजा-पाठ के लिए अत्यंत फलदायी और शुभ माने जाते हैं।
"अनैतिक कार्य करने वालों को शनि दंड देते हैं, जबकि नैतिक लोगों की उन्नति होती है।"
क्या करें और क्या न करें
संबंधित खबरें
शनि जयंती पर लोहे की वस्तुएं, तेल या काली उड़द न खरीदें। पीपल के पेड़ की परिक्रमा और दीप दान करने से शनि की साढ़ेसाती का कुप्रभाव कम होता है।
शनिदेव की कृपा पाने के लिए गरीबों की सहायता करें। हनुमान जी की पूजा और शनि मंत्र का जाप मानसिक शांति और जीवन में समृद्धि प्रदान करता है।
*Edit with Google AI Studio
टैग:
Shani Jayanti
Shani Dev
Astrology
Hindu Rituals
Shani Amavasya
Puja Vidhi
Remedies
Shani Mantra