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राजस्थान

आबू राज: शेरगांव में पानी का संकट दूर, सौर ऊर्जा से पहुंचा पेयजल

गणपत सिंह मांडोली

आबू राज के बेहद दुर्गम गांव शेरगांव में पेयजल की पुरानी समस्या का समाधान हो गया है। IIFL फाउंडेशन और ग्रामीणों के सामूहिक प्रयास से सौर ऊर्जा के जरिए पानी गांव तक पहुंचाया गया है।

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HIGHLIGHTS

  • आबू राज के दुर्गम शेरगांव में पेयजल की समस्या का समाधान हुआ।
  • IIFL फाउंडेशन के सहयोग से सौर ऊर्जा आधारित पेयजल योजना लागू की गई।
  • ग्रामीणों ने खुद मेहनत कर पानी की टंकियां और सोलर पैनल पहाड़ी पर पहुंचाए।
  • बिना सड़क और बिजली वाले इस गांव में अब आसानी से पानी उपलब्ध है।
shergaon village gets drinking water with solar power project abu raj

आबू राज (राजस्थान)।  आबू राज के बेहद दुर्गम और सड़क-बिजली से वंचित शेरगांव में लंबे समय से चली आ रही पेयजल समस्या का समाधान हो गया है। IIFL फाउंडेशन के सहयोग और उपसरपंच तरुण सिंह के नेतृत्व में ग्रामीणों ने कठिन पहाड़ी रास्तों के बीच पानी पहुंचाने का सफल प्रयास किया है।

गुरु शिखर से करीब 12 किलोमीटर दूर स्थित शेरगांव तक पहुंचने के लिए पथरीली और दुर्गम चढ़ाई पार करनी पड़ती है। गांव में सड़क सुविधा नहीं होने के कारण वाहनों की पहुंच भी नहीं है। वहीं बिजली की लाइन नहीं होने से ग्रामीणों को पेयजल के लिए करीब दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। ग्रामीण सिर पर पानी ढोकर लाने को मजबूर थे।

उपसरपंच तरुण सिंह का सपना था कि इस दुर्गम गांव में ही पेयजल की सुविधा उपलब्ध हो। इस पहल में IIFL फाउंडेशन ने पानी की टंकियां, पाइप और सोलर सिस्टम सहित आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई। इसके बाद ग्रामीणों ने सामूहिक मेहनत से इस योजना को जमीन पर उतारा।

दुर्गम पहाड़ियों पर भारी पानी की टंकियां, सैकड़ों मीटर पाइप और सोलर पैनल के स्ट्रक्चर को ग्रामीणों ने अपने कंधों और हाथों से ऊपर तक पहुंचाया। बिजली की सुविधा नहीं होने के बावजूद सौर ऊर्जा की मदद से पानी को गांव तक पहुंचाने की व्यवस्था तैयार की गई।

इस कार्य में वार्ड पंच भूराराम, केसर सिंह, बहादुर सिंह (उत्तरज) सहित लाल सिंह, गंगा सिंह, नरपत सिंह, उम्मेद सिंह और मुकेश सिंह समेत कई ग्रामीणों ने रात-दिन मेहनत की।

ग्रामीणों ने इस पहल के लिए IIFL फाउंडेशन का आभार जताते हुए कहा कि यह केवल पानी की सुविधा नहीं, बल्कि दुर्गम क्षेत्र के लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाला प्रयास है। वहीं उपसरपंच तरुण सिंह और समस्त ग्रामवासियों के सामूहिक प्रयास को भी सराहनीय बताया गया।

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