सिरोही | सिरोही नगर परिषद की नवनिर्वाचित सभापति रितु पुनीत जैन ने कहा है कि शहर का विकास अब जनभावनाओं के अनुरूप किया जाएगा। कांग्रेस ने नगर परिषद चुनाव में जो घोषणा पत्र जारी किया था, वही नए बोर्ड का संकल्प पत्र होगा और उसके आधार पर शहर के विकास कार्यों को आगे बढ़ाया जाएगा।
रितु जैन ने गिनाईं प्राथमिकताएं: सिरोही की नवनिर्वाचित सभापति रितु जैन बोलीं—कांग्रेस का घोषणा पत्र ही बोर्ड का संकल्प पत्र होगा
नवनिर्वाचित सभापति रितु जैन ने कहा कि सिरोही का विकास जनभावनाओं के अनुरूप किया जाएगा। उन्होंने सफाई, सीवरेज, पार्किंग, ट्रैफिक, रोड लाइट, डिजिटल जनसुनवाई और शहर का मास्टर प्लान तैयार कराने को नए बोर्ड की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल किया है।
HIGHLIGHTS
- रितु जैन ने कांग्रेस के चुनावी घोषणा पत्र को नगर परिषद बोर्ड का संकल्प पत्र बनाने की घोषणा की।सफाई, सीवरेज, पार्किंग, ट्रैफिक, रोड लाइट और नालों की सफाई पर रहेगा विशेष ध्यान।नगर परिषद से जुड़ी जनसुनवाई के लिए डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी बनाने का दावा।हर तीन महीने में शहर के प्रबुद्ध नागरिकों के साथ संवाद करने की घोषणा।सिरोही के सुनियोजित विकास के लिए नया मास्टर प्लान तैयार कराया जाएगा।
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रितु जैन ने कहा कि नगर परिषद का नया बोर्ड सिरोही को स्वच्छ, व्यवस्थित, विकसित और हरा-भरा बनाने के उद्देश्य से काम करेगा। उन्होंने चुनाव में कांग्रेस को समर्थन देने के लिए शहरवासियों का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा दिलाया कि बोर्ड जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेगा।
जनादेश के लिए शहरवासियों का जताया आभार
नवनिर्वाचित सभापति ने कहा कि सिरोही की जनता ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के नेतृत्व में कांग्रेस को नगर परिषद में काम करने का स्पष्ट जनादेश दिया है। इसके लिए कांग्रेस पार्टी और सभी निर्वाचित पार्षद शहर की जनता का आभार व्यक्त करते हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने चुनावी वादों को पूरा करने और नागरिक सुविधाओं में सुधार के लिए सभी पार्षदों के सहयोग से काम करेगी। शहरवासियों का विश्वास बनाए रखना नए बोर्ड की सबसे बड़ी जिम्मेदारी होगी।
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भाजपा के कार्यकाल पर साधा निशाना
रितु जैन ने आरोप लगाया कि पिछले ढाई वर्षों में सिरोही की सफाई व्यवस्था, सड़कों, सीवरेज, ट्रैफिक प्रबंधन, अतिक्रमण और अवैध निर्माण से संबंधित समस्याएं बढ़ीं। उन्होंने नगर परिषद के पिछले कामकाज और कथित भ्रष्टाचार को लेकर भी भाजपा पर निशाना साधा।
ये राजनीतिक आरोप रितु जैन की ओर से लगाए गए हैं। पूर्व नगर परिषद बोर्ड अथवा भाजपा की प्रतिक्रिया इस बयान में शामिल नहीं है।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद चुनाव में जनता ने भाजपा को 10 सीटों तक सीमित कर दिया, जबकि कांग्रेस को 35 में से 23 वार्डों में जीत दिलाकर स्थानीय सरकार बनाने का अवसर दिया।
सभापति चुनाव में मिले थे 30 मत
सिरोही नगर परिषद सभापति चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी रितु जैन को 30 मत मिले, जबकि भाजपा प्रत्याशी पूजा गोपाल माली को पांच मत प्राप्त हुए। कांग्रेस के 23, भाजपा के 10 और दो निर्दलीय पार्षद निर्वाचित हुए थे।
परिणाम के आंकड़ों के आधार पर कांग्रेस ने दावा किया है कि दोनों निर्दलीय पार्षदों के साथ भाजपा खेमे से भी पांच मत रितु जैन के पक्ष में आए। हालांकि मतदान गोपनीय था, इसलिए किसी व्यक्तिगत पार्षद के मतदान की आधिकारिक पुष्टि नहीं की जा सकती।
सफाई और सीवरेज व्यवस्था पहली प्राथमिकता
रितु जैन ने कहा कि नए बोर्ड की प्राथमिकताओं में शहर की सफाई व्यवस्था और सीवरेज सिस्टम को सुधारना प्रमुख रूप से शामिल रहेगा। इसके साथ पार्किंग, ट्रैफिक प्रबंधन, बाग-बगीचों का रखरखाव, रोड लाइट तथा नालियों एवं नालों की नियमित सफाई पर भी ध्यान दिया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सभी पार्षदों के सहयोग से समस्याओं की पहचान कर चरणबद्ध तरीके से समाधान कराया जाएगा। प्रत्येक वार्ड की आवश्यकताओं के आधार पर विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने का प्रयास होगा।
नगर परिषद की कार्यप्रणाली में सुधार का दावा
नवनिर्वाचित सभापति ने कहा कि नगर परिषद से संबंधित कार्यों के लिए नागरिकों को बार-बार कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें, इसके लिए प्रशासनिक कार्यप्रणाली में व्यापक सुधार किए जाएंगे।
जनसुनवाई और शिकायतों के समाधान के लिए डिजिटल व्यवस्था को प्रभावी बनाया जाएगा। इसके माध्यम से नागरिकों की शिकायतें दर्ज करने, उनकी प्रगति जानने और तय समय में समाधान कराने की व्यवस्था विकसित करने का प्रयास होगा।

पार्षदों से वार्डों में सीधा संवाद रखने की अपील
रितु जैन ने कहा कि वे शहरवासियों के साथ सीधा संवाद बनाए रखने के लिए नियमित रूप से फील्ड में रहेंगी। उन्होंने सभी नवनिर्वाचित पार्षदों से भी अपने-अपने वार्ड के नागरिकों के संपर्क में रहने की अपील की।
उन्होंने पार्षदों से कहा कि वे अपने वार्ड की समस्याओं, विकास संबंधी आवश्यकताओं और नागरिकों की शिकायतों से सभापति एवं नगर परिषद प्रशासन को लगातार अवगत कराते रहें।
हर तीन महीने में प्रबुद्ध नागरिकों से संवाद
सभापति ने घोषणा की कि सिरोही को आगे बढ़ाने, नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने, नगर परिषद का राजस्व बढ़ाने और शहर की समस्याओं का समाधान तलाशने के लिए प्रत्येक तीन महीने में प्रबुद्ध नागरिकों के साथ संवाद किया जाएगा।
इस संवाद में अलग-अलग क्षेत्रों के विशेषज्ञों, सामाजिक संगठनों, व्यापारियों और नागरिक प्रतिनिधियों से सुझाव लिए जाएंगे। उपयोगी सुझावों को नगर परिषद की योजनाओं में शामिल करने का प्रयास किया जाएगा।
सिरोही के लिए तैयार होगा मास्टर प्लान
रितु जैन ने कहा कि शहर के सुनियोजित और दीर्घकालीन विकास के लिए सिरोही का मास्टर प्लान तैयार कराया जाएगा। इसमें भविष्य की जनसंख्या, यातायात, पार्किंग, आवासीय विस्तार, हरित क्षेत्र, सार्वजनिक सुविधाओं और बुनियादी ढांचे की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाएगा।
उन्होंने कहा कि नगर परिषद के राजस्व स्रोत बढ़ाने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग की दिशा में भी काम किया जाएगा।
सरकारी विद्यालय से पढ़कर आगे बढ़ीं रितु जैन
49 वर्षीय रितु जैन मूल रूप से आबूरोड के आकराभट्टा गांव की रहने वाली हैं। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा आकराभट्टा के मिडिल स्कूल से प्राप्त की। कक्षा नौ से बारहवीं तक की पढ़ाई आर्य समाज स्कूल, आबूरोड से पूरी की।
इसके बाद उन्होंने आबूरोड कॉलेज से निजी विद्यार्थी के रूप में स्नातक की पढ़ाई की। विवाह के बाद उन्होंने सिरोही के पीजी कॉलेज से स्नातकोत्तर की शिक्षा प्राप्त की।
रितु जैन के दादा शांतिस्वरूप अग्रवाल आकराभट्टा के सरपंच और पिता भगवानजी अग्रवाल वार्ड पंच रहे थे। सात भाइयों की इकलौती बहन रितु का विवाह वर्ष 2001 में सिरोही निवासी पुनीत जैन के साथ हुआ था।
ससुराल पक्ष का नगर राजनीति से पुराना जुड़ाव
रितु जैन के ससुराल पक्ष का सिरोही की स्थानीय राजनीति और कांग्रेस से पुराना संबंध रहा है। परिवार के लाला लखमीचंद जैन और बाद में विमलचंद जैन सिरोही नगरपालिका के अध्यक्ष रह चुके हैं।
रितु जैन के पति पुनीत जैन हाल ही में नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बने हैं। उनके पिता स्वर्गीय सुरेंद्र भाई जैन नगर पालिका में पार्षद और नगर कांग्रेस अध्यक्ष रहे थे। उन्होंने नगरपालिका अध्यक्ष का चुनाव भी लड़ा था, लेकिन उन्हें जीत नहीं मिली थी।
पहली बार मिली बड़ी राजनीतिक जिम्मेदारी
रितु जैन सक्रिय चुनावी राजनीति में अपेक्षाकृत नया चेहरा हैं। सामाजिक सरोकारों, पारिवारिक अनुभव और शिक्षा को उनकी प्रमुख ताकत के रूप में देखा जा रहा है। सभापति के रूप में नगर परिषद का संचालन करना उनकी पहली बड़ी राजनीतिक एवं प्रशासनिक जिम्मेदारी होगी।
उन्होंने कहा कि पूर्व विधायक संयम लोढ़ा और कांग्रेस की टीम के मार्गदर्शन तथा सभी पार्षदों के सहयोग से वे अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करेंगी।
बिगड़ी व्यवस्था सुधारना सबसे बड़ी चुनौती
नवनिर्वाचित सभापति के सामने नगर परिषद की प्रशासनिक व्यवस्था को प्रभावी बनाने और कांग्रेस के घोषणा पत्र में किए गए वादों को पूरा करने की प्रमुख चुनौती रहेगी। सफाई, सीवरेज, सड़क, अतिक्रमण, पार्किंग, राजस्व और नागरिक सेवाओं से जुड़े विषयों पर नए बोर्ड के प्रदर्शन का मूल्यांकन होगा।
वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के पास स्थानीय स्तर पर अपनी प्रशासनिक क्षमता दिखाने के लिए सीमित समय है। ऐसे में नगर परिषद में किए जाने वाले विकास कार्यों और नागरिक सुविधाओं में दिखाई देने वाले सुधार का राजनीतिक महत्व भी रहेगा।
रितु जैन ने कहा कि उनका उद्देश्य सिरोही में ऐसा वातावरण बनाना है, जिसमें विकास कार्य धरातल पर दिखाई दें और नगर परिषद के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत हो।
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