सिरोही | राजस्थान के सिरोही जिले में कानून-व्यवस्था को चुनौती देते हुए बदमाशों ने एक पिता और पुत्र का अपहरण कर उन पर जानलेवा हमला किया। यह सनसनीखेज वारदात रोहिड़ा थाना क्षेत्र के तरूंगी गांव में घटित हुई। बदमाशों ने न केवल मारपीट की बल्कि नकदी और मोबाइल भी लूट लिए।
सिरोही: पिता-पुत्र का अपहरण व लूट: सिरोही में पिता-पुत्र का अपहरण कर जानलेवा हमला, मोबाइल और नकदी लूटी, 11 लोगों पर मामला दर्ज
सिरोही के रोहिड़ा थाना क्षेत्र में बाइक पर जा रहे पिता-पुत्र पर हमलावरों ने हमला कर उनका अपहरण कर लिया। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट कर नकदी और मोबाइल लूट लिए, साथ ही फिरौती की भी मांग की।
HIGHLIGHTS
- रोहिड़ा थाना क्षेत्र के तरूंगी गांव में पिता-पुत्र पर जानलेवा हमला।
- आरोपियों ने अपहरण कर कमरे में बंद किया और 60 हजार रुपये लूटे।
- पीड़ित पक्ष का आरोप है कि आरोपियों ने 5 लाख की फिरौती मांगी थी।
- सोशल मीडिया पर हथियारों का प्रदर्शन करने का भी गंभीर आरोप लगा।
संबंधित खबरें
रास्ता रोककर किया हमला
पुलिस को दी गई रिपोर्ट के अनुसार, तरूंगी निवासी सवाराम ने बताया कि उनके भाई लालाराम और भतीजा रणछोड़ बाइक पर सवार होकर भारजा गांव की ओर जा रहे थे। रास्ते में जीयणा वाला कुएं के पास दो बाइक और एक कार में सवार बदमाशों ने उनका रास्ता रोक लिया और उन पर हमला बोल दिया।
अपहरण और कमरे में कैद
बदमाशों ने पिता-पुत्र को जबरन अपनी गाड़ी में डाला और मोडाराम नामक व्यक्ति के घर ले गए। वहां उन्हें एक अंधेरे कमरे में बंद कर दिया गया। आरोपियों ने उन पर लाठियों और धारदार हथियारों से हमला किया, जिससे वे लहूलुहान हो गए। इस दौरान बदमाशों ने उनके पास मौजूद 60 हजार रुपये और मोबाइल फोन भी छीन लिए।
संबंधित खबरें
अस्पताल में भर्ती और 11 पर केस
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घायलों को बदमाशों के चंगुल से छुड़ाया। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां से उन्हें पालनपुर रेफर किया गया है। पुलिस ने इस मामले में रघुराम, चतराराम, जीवाराम, गेना, जोधाराम, माला, मोडाराम, नरेगा, जवाना, संग्रामा और कंचना के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
5 लाख की फिरौती की मांग
पीड़ित पक्ष ने पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए एक अलग परिवाद में बताया कि अपहरणकर्ताओं ने दोनों को छोड़ने के बदले 5 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। पीड़ित परिवार का कहना है कि वे इलाज में व्यस्त होने के कारण एफआईआर में फिरौती का जिक्र नहीं कर पाए थे।
सोशल मीडिया पर हथियारों का खौफ
आरोपियों पर सोशल मीडिया के जरिए दहशत फैलाने का भी आरोप है। वे अवैध पिस्तौल और बंदूकों के साथ अपनी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट करते हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस को साक्ष्य के तौर पर एक पेन ड्राइव दी है, जिसमें आरोपियों द्वारा हथियारों का प्रदर्शन करने के वीडियो हैं।
इलाज के दौरान भी जान का खतरा
पीड़ितों का कहना है कि आरोपी अब भी खुलेआम घूम रहे हैं और उन्हें जान से मारने की धमकियां दे रहे हैं। बदमाशों के खौफ के कारण पीड़ित परिवार छिपकर अपना इलाज करवाने को मजबूर है। पुलिस फिलहाल मामले की गहनता से जांच कर रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
ताज़ा खबरें
सनी देओल की नई फिल्म 'लखन' का बदला नाम, अब 'परशुराम' बनकर बॉक्स ऑफिस पर मचाएंगे जबरदस्त धमाल
क्या अब बैसरन घाटी नहीं जा सकते टूरिस्ट? जानें पहलगाम आतंकी हमले के एक साल बाद कश्मीर के 'मिनी स्विट्जरलैंड' के क्या हैं जमीनी हालात
जालोर में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ के काफिले की एस्कॉर्ट गाड़ी पलटी, एएसआई समेत दो पुलिसकर्मी घायल
महिला आरक्षण पर डॉ. राधा मोहन दास अग्रवाल का बड़ा हमला, कांग्रेस के 'षड्यंत्र' को किया बेनकाब