सिरोही | शहर के भद्रकर नगर में सांसद लुंबाराम चौधरी के निवास के पास स्थित पार्क और पिपलेश्वर महादेव मंदिर परिसर में सफाई व्यवस्था बदहाल है।
सांसद निवास के पास गंदगी: सिरोही: सांसद के घर के पास मंदिर और पार्क में गंदगी का अंबार
सिरोही के भद्रकर नगर में सांसद लुंबाराम चौधरी के निवास के पास स्थित पिपलेश्वर महादेव मंदिर और पार्क में गंदगी एवं अधूरे निर्माण कार्यों से सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
HIGHLIGHTS
- सांसद लुंबाराम चौधरी के निवास के पास मंदिर और पार्क में गंदगी का अंबार लगा है।
- पार्क में बिखरे पत्थरों और निर्माण सामग्री से बच्चों के चोटिल होने का खतरा बना हुआ है।
- पिपलेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य द्वार और दीवारों के पास कचरा जमा होने से श्रद्धालु परेशान हैं।
- स्थानीय लोगों ने अधूरे निर्माण कार्यों को पूरा करने और नियमित सफाई की मांग की है।
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स्थानीय निवासियों ने अधूरे निर्माण कार्यों और गंदगी को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया है।
सांसद के निवास के इतने करीब होने के बावजूद व्यवस्थाओं की यह स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।
मंदिर और पार्क में गंदगी का अंबार
पिपलेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य द्वार के बाहर और दीवारों के आसपास भारी मात्रा में कचरा पड़ा हुआ है।
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मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को इस गंदगी के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे उनकी आस्था को ठेस पहुंच रही है।
वहीं, पास ही स्थित पार्क में निर्माण कार्य के दौरान इस्तेमाल हुए पत्थर और अन्य सामग्री बिखरी हुई है।
बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल
पार्क में पत्थर पड़े होने से यहां खेलने वाले बच्चों के गिरकर चोटिल होने की आशंका बनी हुई है।
अभिभावकों का कहना है कि पत्थरों के कारण बच्चे पार्क में सुरक्षित रूप से खेल नहीं पा रहे हैं।
मंदिर परिसर के आसपास गंदगी और नई बनी दीवारों की उचित देखभाल नहीं होने से लोगों ने चिंता जताई है।
अधूरे निर्माण कार्यों से बढ़ी परेशानी
बताया गया है कि निर्माण कार्य के कुछ हिस्से अभी अधूरे हैं और आगे का काम भी शुरू नहीं हुआ है।
निर्माण सामग्री के लंबे समय से पड़े रहने के कारण पूरे क्षेत्र का स्वरूप बिगड़ रहा है।
सफाई और सुरक्षा पर तत्काल ध्यान देने की मांग को लेकर स्थानीय लोग लामबंद हो रहे हैं।
स्थानीय निवासियों की प्रमुख मांगें
क्षेत्र के लोगों ने प्रशासन और ठेकेदार के सामने अपनी मांगें स्पष्ट रूप से रखी हैं।
- पार्क में बिखरे पत्थरों एवं निर्माण सामग्री को तुरंत वहां से हटाया जाए।
- मंदिर के मुख्य द्वार तथा दीवारों के आसपास नियमित सफाई की व्यवस्था की जाए।
- नई बनी दीवारों की उचित देखभाल और सुरक्षा सुनिश्चित करने के कदम उठाए जाएं।
- जब तक शेष निर्माण कार्य शुरू नहीं होता, तब तक परिसर में सफाई व्यवस्था बनी रहे।

विकास कार्यों के रखरखाव की आवश्यकता
स्थानीय जनहित से जुड़े इस मुद्दे पर यह सवाल उठता है कि निर्माण के बाद रखरखाव की जिम्मेदारी किसकी है।
विकास कार्य केवल निर्माण तक सीमित नहीं होने चाहिए, बल्कि उनकी गुणवत्ता और सुरक्षा भी जरूरी है।
प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक संपत्तियों का रखरखाव नियमित रूप से हो।
प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार
आमजन की सुरक्षा और धार्मिक स्थल की गरिमा को देखते हुए त्वरित कार्रवाई की आवश्यकता जताई गई है।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और जिम्मेदार ठेकेदार इस समस्या पर कब तक ध्यान देते हैं।
पार्क एवं मंदिर परिसर की सफाई को लेकर प्रशासन के अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हैं।
स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही इस समस्या का समाधान होगा और बच्चों को सुरक्षित माहौल मिलेगा।
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