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राजनीति

सिरोही नगर परिषद चुनाव परिणाम: जिलाध्यक्ष के गृह वार्ड में भाजपा जीती, लेकिन ‘अपनों’ के गढ़ में कई दिग्गज धराशायी

गणपत सिंह मांडोली

सिरोही नगर परिषद चुनाव में भाजपा का प्रदर्शन मिला-जुला रहा। जिलाध्यक्ष के वार्ड में जीत मिली, लेकिन सांसद लुंबाराम चौधरी के कई करीबी प्रत्याशी चुनाव हार गए।

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HIGHLIGHTS

  • भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी के गृह वार्ड में पार्टी को जीत मिली।
  • सांसद लुंबाराम चौधरी के करीबी माने जाने वाले कई प्रत्याशियों को हार का सामना करना पड़ा।
  • वार्ड 11, 12, 14, 15, 18 और 28 में सांसद के करीबियों को हार मिली।
  • परिणामों ने भाजपा के भीतर चुनावी रणनीति और प्रत्याशी चयन पर नई बहस छेड़ दी है।
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सिरोही |  नगर परिषद सिरोही के चुनाव परिणाम सामने आने के बाद भाजपा के प्रदर्शन को लेकर सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं। भाजपा जिलाध्यक्ष रक्षा भंडारी के गृह वार्ड में पार्टी को जीत जरूर मिली, लेकिन पूरे नगर परिषद क्षेत्र में भाजपा अपेक्षित प्रदर्शन नहीं कर पाई।

खास बात यह रही कि सांसद लुंबाराम चौधरी के करीबी माने जाने वाले कई प्रत्याशियों को अपने-अपने वार्ड में हार का सामना करना पड़ा। इससे चुनाव परिणाम के बाद भाजपा के स्थानीय संगठन और चुनावी प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

वार्ड संख्या 11 में सांसद लुंबाराम चौधरी के निजी कर्मचारी की पत्नी चुनाव हार गईं।
वार्ड संख्या 12 में सांसद चौधरी के करीबी माने जाने वाले बाबूलाल सगरवंशी को भी हार का सामना करना पड़ा।
वार्ड संख्या 14 में सांसद के निजी सहायक के भाई विजयपाल भी चुनाव नहीं जीत सके।
वार्ड संख्या 15 में सांसद के खास माने जाने वाले ललित प्रजापति की पत्नी को भी हार मिली।
वार्ड संख्या 18 में भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष चिराग रावल की माता चुनाव हार गईं।
वहीं वार्ड संख्या 28 में सांसद चौधरी के करीबी माने जाने वाले प्रकाश पटेल की पत्नी को भी मतदाताओं ने नकार दिया।

एक तरफ भाजपा जिलाध्यक्ष के गृह वार्ड में पार्टी ने जीत दर्ज की, तो दूसरी तरफ सांसद के करीबी माने जाने वाले कई चेहरों की हार ने भाजपा के भीतर चुनावी रणनीति, स्थानीय समीकरण और प्रत्याशी चयन को लेकर नई बहस छेड़ दी है।

अब सवाल यह है कि क्या सिरोही में भाजपा का चुनावी प्रबंधन कमजोर रहा या फिर स्थानीय मतदाताओं ने पार्टी के प्रभावशाली चेहरों से अलग अपना फैसला सुनाया?

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