सोशल मीडिया पर सुसाइड-एडल्ट कंटेंट पर बड़ी कार्रवाई
सोशल मीडिया कंपनियां अब आत्महत्या, सेल्फ-हार्म और एडल्ट कंटेंट पर पहले से ज्यादा सख्ती बरत रही हैं। 2022 से 2025 के बीच ऐसी पोस्ट्स को हटाने की कार्रवाई में भारी बढ़ोतरी देखी गई है।
HIGHLIGHTS
- 2022 से 2025 तक आत्महत्या और सेल्फ-हार्म कंटेंट पर कार्रवाई 5.41% से बढ़कर 21.44% हो गई।
- इसी अवधि में एडल्ट कंटेंट और न्यूडिटी के खिलाफ कार्रवाई 10.97% से बढ़कर 16.85% पर पहुंच गई।
- आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉडरेशन सिस्टम से कंटेंट की पहचान में तेजी आई है।
- बुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की हिस्सेदारी 2.32% से घटकर 1.85% रह गई।
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सोशल मीडिया कंपनियां अब आत्महत्या और एडल्ट कंटेंट पर पहले से ज्यादा सख्ती से कार्रवाई कर रही हैं। प्लेटफॉर्म्स अब ऐसी संवेदनशील पोस्ट को तुरंत हटा रहे हैं, जिससे ऑनलाइन माहौल को सुरक्षित बनाया जा सके।
बढ़ती कार्रवाई के आंकड़े
आंकड़ों के अनुसार, कुल कार्रवाई में आत्महत्या और सेल्फ-हार्म कैटेगरी की हिस्सेदारी साल 2022 में सिर्फ 5.41% थी, जो साल 2025 में बढ़कर 21.44% हो गई।
इसी तरह, अश्लीलता और एडल्ट कंटेंट के खिलाफ की गई कार्रवाई भी 10.97% से बढ़कर 16.85% पर पहुंच गई है। यह दिखाता है कि कंपनियां इन मुद्दों को कितनी गंभीरता से ले रही हैं।
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किस प्लेटफॉर्म ने की कितनी कार्रवाई?
कंटेंट उल्लंघन के खिलाफ कार्रवाई के आंकड़ों (करोड़ में) पर नजर डालें तो सभी प्लेटफॉर्म्स ने अपनी नीतियों को सख्त किया है।
- इंस्टाग्राम: 2022 में 15.01% से बढ़कर 2025 में 55.90%
- फेसबुक: 2022 में 84.74% से घटकर 2025 में 43.38%
- स्नैपचैट: 2022 में 0.25% से बढ़कर 2025 में 0.72%
- एक्स (X): 2022 में 0.002% से घटकर 2025 में 0.004%
कुल कार्रवाई 2022 के 30.12 करोड़ से बढ़कर 2025 में 160.697 करोड़ हो गई।
किन कैटेगरी में हुई सबसे ज्यादा कार्रवाई?
विभिन्न कैटेगरी में कार्रवाई की हिस्सेदारी में भी बड़ा बदलाव आया है।
- आत्महत्या और सेल्फ-हार्म: 5.41% (2022) से 21.44% (2025)
- एडल्ट कंटेंट और न्यूडिटी: 10.97% (2022) से 16.85% (2025)
- आतंकवाद और हिंसा: 14.74% (2022) से 8.82% (2025)
- बच्चों की सुरक्षा: 6.89% (2022) से 5.69% (2025)
बुलिंग और हेट स्पीच के मामलों में कमी
आंकड़े यह भी बताते हैं कि बुलिंग और ऑनलाइन उत्पीड़न से जुड़े मामलों पर कार्रवाई की हिस्सेदारी 2022 के 2.32% से घटकर 2025 में 1.85% रह गई। इसी तरह, हेट स्पीच से जुड़े मामलों का हिस्सा भी 1% से घटकर 0.59% हो गया।
AI से तेज हुई कंटेंट की पहचान
सोशल मीडिया कंपनियों ने 2022 से 2025 के बीच कंटेंट मॉडरेशन को काफी सख्त किया है। इसकी सबसे बड़ी वजह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित मॉडरेशन सिस्टम, यूजर सेफ्टी पर बढ़ता जोर और विभिन्न देशों के नियम हैं।
अब आत्महत्या, सेल्फ-हार्म, अश्लीलता, बच्चों की सुरक्षा, हेट स्पीच और हिंसा से जुड़े कंटेंट की पहचान पहले से कहीं तेजी से की जा रही है। कई मामलों में संदिग्ध पोस्ट यूजर की शिकायत से पहले ही हटा दी जाती हैं।
भारत जैसे बड़े सोशल मीडिया बाजार में बढ़ते यूजर बेस के साथ कंपनियां अपने कम्युनिटी गाइडलाइंस को सख्ती से लागू कर रही हैं, ताकि प्लेटफॉर्म को अधिक सुरक्षित बनाया जा सके।
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