जयपुर | राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने गुरुवार को पट्टी कटला स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय ओसवाल जैन में शिक्षा के सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया। उन्होंने यहाँ तीन नवीन कक्षा-कक्षों का शिलान्यास किया।
देवनानी ने किया स्कूल में शिलान्यास: वासुदेव देवनानी ने किया नवीन कक्षा-कक्षों का शिलान्यास
जयपुर में 44.82 लाख की लागत से बनेंगे नए कक्षा-कक्ष, देवनानी ने दी बच्चों को संस्कार की सीख।
HIGHLIGHTS
- विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने जयपुर के ओसवाल जैन विद्यालय में नए कमरों का शिलान्यास किया।
- डीएमएफटी मद से स्वीकृत 44.82 लाख रुपये की लागत से तीन नवीन कक्षा-कक्षों का निर्माण किया जाएगा।
- देवनानी ने विद्यालय को संस्कार देने वाली संस्था बताते हुए शिक्षकों से श्रेष्ठ नागरिक गढ़ने का आह्वान किया।
- बढ़ते तापमान और जल संकट को देखते हुए पर्यावरण संरक्षण और पौधरोपण पर विशेष जोर दिया गया।
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इन नवीन कमरों का निर्माण डीएमएफटी मद से स्वीकृत 44.82 लाख रुपये की लागत से किया जाएगा। इस अवसर पर देवनानी ने कहा कि स्कूल की आधारभूत सुविधाओं में सुधार से छात्रों का शैक्षणिक स्तर बढ़ेगा।
शिक्षा के साथ संस्कारों का महत्व
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए देवनानी ने कहा कि देश की आजादी लाखों शहीदों के बलिदान का परिणाम है। हमें उनके त्याग से प्रेरणा लेकर अपने जीवन को अनुशासित और समाज के प्रति समर्पित बनाना चाहिए।
उन्होंने विद्यार्थियों से विद्यालय को अपना परिवार मानने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार हम अपने घर को साफ रखते हैं, उसी प्रकार विद्यालय परिसर की स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक छात्र की जिम्मेदारी है।
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"विद्यालय केवल बोर्ड परीक्षा उत्तीर्ण करने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह संस्कार देने वाली संस्था है। यहाँ बच्चों के व्यक्तित्व का निर्माण होता है, जिससे वे देश के अच्छे नागरिक बनते हैं।"
देवनानी ने शिक्षकों एवं अभिभावकों से आग्रह किया कि वे बच्चों को शिक्षा के साथ श्रेष्ठ संस्कार भी प्रदान करें। उन्होंने कहा कि उत्कृष्ट परिणामों के लिए विद्यार्थियों को निरंतर प्रेरित करना बहुत आवश्यक है।
पर्यावरण संरक्षण और जल संकट पर चिंता
बढ़ते तापमान और जल संकट पर चर्चा करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने प्रकृति के संतुलन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पेड़ों की अंधाधुंध कटाई के कारण आज गर्मी और पानी की समस्या गंभीर हो गई है।
उन्होंने शिक्षकों और विद्यार्थियों से विद्यालय परिसर में अधिक से अधिक पौधरोपण करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि हरियाली बढ़ाकर ही हम पर्यावरण संरक्षण में अपना सक्रिय और महत्वपूर्ण योगदान दे सकते हैं।
अनुशासन और उज्ज्वल भविष्य का संकल्प
देवनानी ने शिक्षकों से अपेक्षा व्यक्त की कि वे प्रत्येक विद्यार्थी को अपने बच्चे के समान समझें। उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए समर्पित भाव से कार्य करना ही एक शिक्षक का सबसे बड़ा धर्म है।
उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित रूप से विद्यालय आने और अध्ययन के प्रति गंभीर रहने की सलाह दी। अनुशासन का पालन करने से ही जीवन के किसी भी क्षेत्र में सफलता प्राप्त की जा सकती है।
इस कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी चंद्रशेखर, पार्षद अशोक मुद्गल और कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नवीन कमरों के निर्माण से विद्यालय में अब एक बेहतर और आधुनिक शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध हो सकेगा।
अंत में उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल क्षेत्र में शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाएगी। सभी उपस्थित लोगों ने शिक्षा और पर्यावरण के प्रति देवनानी के विजन की सराहना करते हुए सहयोग का संकल्प लिया।
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